facebookmetapixel
Advertisement
केसरिया जर्सी पर विवाद, भारतीय हॉकी की नीली पहचान पर बहसट्रंप का दावा: युद्ध खत्म करने के समझौते की रूपरेखा तैयार, फिलहाल हमले टलेयुवाओं पर पीएम मोदी का फोकस, नशा-मुक्त भारत अभियान के तहत लाखों युवाओं को दिलाई नशा विरोधी शपथअमेरिका में दवा बनाने की जल्दी नहीं, टैरिफ के खतरे के बावजूद भारत में ही रहेगा कंपनियों का विनिर्माणउदारीकरण के 35 साल: 1991 में सेंसेक्स में थीं जो 30 कंपनियां, उनमें अब 7 ही बचीं; बेंचमार्क सूचकांक में आया बड़ा बदलावबिज़नेस स्टैंडर्ड सर्वेक्षण: रीपो दर में बदलाव के नहीं आसार, अगली बैठक में हो सकता है बड़ा फैसलानिवेश में जोरदार उछाल या आंकड़ों का भ्रम? 4 परमाणु परियोजनाओं ने बदल दी पूरी तस्वीर45% घटा हाईवे निर्माण, पश्चिम एशिया संकट और बिटुमन की कमी बनी बड़ी वजहनई ईपीएफ योजना में बदला कायदा क्या है नुकसान और क्या है फायदा?IT Funds: जुलाई की रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों ने निकाला पैसा, मुनाफावसूली या रणनीति में बदलाव

छत्तीसगढ़ बजट में उद्योगों को तोहफा

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 12:27 AM IST

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने वित्त वर्ष 2009-10 के बजट में उद्योग क्षेत्र का  खासा ध्यान रखा गया है। सोमवार को पेश किए गए बजट में उद्योग क्षेत्र कोर् कई रियायतें दी गई हैं।
राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि सालाना 10 लाख रुपये से कम टर्नओवर वाले छोटे उद्योगों को पेशेवर कर नहीं चुकाना पड़ेगा। लघु उद्योगों को मूल्य वर्द्धित कर का रिटर्न अब हर महीने के बजाय हर तिमाही में दाखिल करने की छूट दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को यह रियायतें मंदी को ध्यान में रखते हुए दी गई हैं।  वहीं बायो ईंधन पर से कर हटा दिया गया है और लैमिनेट और स्टील के फैब्रिकेटेड उत्पादों पर से वैट को 12.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। संपत्ति के खरीद पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क को 0.5 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया गया है।
कृषि और संबंधित क्षेत्रों के लिए योजना खर्च में 13 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। किसानों को लघु अवधि के कृषि ऋण 3 फीसदी के ब्याज पर उपलब्ध कराया जाएगा। बीजों के लिए उत्पादन सब्सिडी को प्रति क्विंटल 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है।
दूसरी ओर आम लोगों को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री ने इस बजट में कोई भी नया कर नहीं लगाया है और न ही किसी भी पुराने कर में कोई बढ़ोतरी की है। इसमें बजट घाटा 1,185 करोड़ रुपये दर्शाया गया है।
डॉ. सिंह ने बताया, ‘मौजूदा आर्थिक मंदी के बाद भी सरकार ने गरीबों के प्रति कटिबद्धता दिखाई है। ‘ वित्त वर्ष 2009-10 में बजट में होने वाले खर्च का 50 फीसदी हिस्सा परियोजनाओं पर ही खर्च किया जाएगा।

Advertisement
First Published - February 9, 2009 | 8:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement