facebookmetapixel
NPS में तय पेंशन की तैयारी: PFRDA ने बनाई हाई-लेवल कमेटी, रिटायरमेंट इनकम होगी सुरक्षितहर 5वां रुपया SIP से! म्युचुअल फंड्स के AUM में रिटेल निवेशकों का दबदबा, 9.79 करोड़ हुए अकाउंटBudget 2026 से पहले अच्छा मूवमेंट दिखा सकते हैं ये डिफेंस स्टॉक्स, एनालिस्ट ने कहा- BEL, HAL समेत इन शेयरों पर रखें नजरBSE ने लॉन्च किए 4 नए मिडकैप फैक्टर इंडेक्स, निवेशकों को मिलेंगे नए मौकेगिग वर्कर्स की जीत! 10 मिनट डिलीवरी मॉडल खत्म करने पर सहमत कंपनियां10 साल में कैसे SIP आपको बना सकती है करोड़पति? कैलकुलेशन से आसानी से समझेंबीमा सेक्टर में तेजी, HDFC लाइफ और SBI लाइफ बने नुवामा के टॉप पिक, जानिए टारगेट2026 में मिल सकती है बड़ी राहत, RBI 0.50% तक घटा सकता है ब्याज दरें: ब्रोकरेजBHIM ऐप से PF निकालना होगा सुपरफास्ट, EPFO ला रहा है नई सुविधाब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में अभी शामिल नहीं होंगे भारतीय सरकारी बॉन्ड

छत्तीसगढ़ बजट में उद्योगों को तोहफा

Last Updated- December 10, 2022 | 12:27 AM IST

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने वित्त वर्ष 2009-10 के बजट में उद्योग क्षेत्र का  खासा ध्यान रखा गया है। सोमवार को पेश किए गए बजट में उद्योग क्षेत्र कोर् कई रियायतें दी गई हैं।
राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि सालाना 10 लाख रुपये से कम टर्नओवर वाले छोटे उद्योगों को पेशेवर कर नहीं चुकाना पड़ेगा। लघु उद्योगों को मूल्य वर्द्धित कर का रिटर्न अब हर महीने के बजाय हर तिमाही में दाखिल करने की छूट दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को यह रियायतें मंदी को ध्यान में रखते हुए दी गई हैं।  वहीं बायो ईंधन पर से कर हटा दिया गया है और लैमिनेट और स्टील के फैब्रिकेटेड उत्पादों पर से वैट को 12.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। संपत्ति के खरीद पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क को 0.5 फीसदी घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया गया है।
कृषि और संबंधित क्षेत्रों के लिए योजना खर्च में 13 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। किसानों को लघु अवधि के कृषि ऋण 3 फीसदी के ब्याज पर उपलब्ध कराया जाएगा। बीजों के लिए उत्पादन सब्सिडी को प्रति क्विंटल 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है।
दूसरी ओर आम लोगों को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री ने इस बजट में कोई भी नया कर नहीं लगाया है और न ही किसी भी पुराने कर में कोई बढ़ोतरी की है। इसमें बजट घाटा 1,185 करोड़ रुपये दर्शाया गया है।
डॉ. सिंह ने बताया, ‘मौजूदा आर्थिक मंदी के बाद भी सरकार ने गरीबों के प्रति कटिबद्धता दिखाई है। ‘ वित्त वर्ष 2009-10 में बजट में होने वाले खर्च का 50 फीसदी हिस्सा परियोजनाओं पर ही खर्च किया जाएगा।

First Published - February 9, 2009 | 8:33 PM IST

संबंधित पोस्ट