facebookmetapixel
म्युचुअल फंड AUM ग्रोथ लगातार तीसरे साल भी 20% से ऊपर रहने की संभावना2025 में भारती ग्रुप का MCap सबसे ज्यादा बढ़ा, परिवार की अगुआई वाला देश का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी घराना बनावित्त मंत्रालय का बड़ा कदम: तंबाकू-सिगरेट पर 1 फरवरी से बढ़ेगा शुल्कAuto Sales December: कारों की बिक्री ने भरा फर्राटा, ऑटो कंपनियों ने बेच डालें 4 लाख से ज्यादा वाहनकंपस इंडिया अब ट्रैवल रिटेल में तलाश रही मौके, GCC पर बरकरार रहेगा फोकसलैब में तैयार हीरे की बढ़ रही चमक, टाइटन की एंट्री और बढ़ती फंडिंग से सेक्टर को मिला बड़ा बूस्टMCA ने कंपनी निदेशकों के KYC नियमों में दी बड़ी राहत, अब हर साल नहीं बल्कि 3 साल में एक बार करना होगा अपडेटहाइपरसर्विस के असर से ओला इलेक्ट्रिक की मांग और बाजार हिस्सेदारी में तेजी, दिसंबर में 9,020 स्कूटरों का हुआ रजिस्ट्रेशनदिसंबर 2025 में इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में उछाल, TVS टॉप पर; बजाज–एथर के बीच मुकाबला तेजव्हीकल रजिस्ट्रेशन में नया रिकॉर्ड: 2025 में 2.8 करोड़ के पार बिक्री, EVs और SUV की दमदार रफ्तार

बीज और अनाज बैंक बनाने पर जोर

Last Updated- December 08, 2022 | 2:46 AM IST

खाद्य सुरक्षा से निपटने के लिए हरित क्रांति की जगह अब ‘सदैव हरित क्रांति’ (एवर ग्रीन रिवोलूशन) की जरूरत है।


इसके तहत हमें उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ जैविक खेती एवं हरित कृषि को प्रोत्साहित करना होगा।’ यह बात हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन ने सोमवार को खाद्य सुरक्षा को लेकर भारत एवं अफ्रीका की सहभागिता पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कही।

तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन का आयोजन इफको फाउंडेशन और भारत सरकार के सहयोग से किया गया है। इसमें अफ्रीका के 26 देशों ने भाग लिया है। स्वामीनाथन ने कहा कि खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भारत एवं अफ्रीकी देशों को जीन बैंक, बीज बैंक, अनाज बैंक एवं पानी बैंक बनाने की जरूरत है।

इसके अलावा कृषि के क्षेत्र में युवा एवं महिलाओं की सहभागिता को भी बढ़ावा देना होगा। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की तरफ से कृषि मंत्रालय की सचिव अलका सिरोही ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक 20 करोड़ लोगों को भरपेट भोजन नहीं मिलता है।

ऐसे में अफ्रीकी देश अपने कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए बीज उत्पादन, खाद के इस्तेमाल, जल प्रबंधन एवं बाजार की सुविधा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत के अनुभव से सबक ले सकते हैं।

First Published - November 10, 2008 | 8:42 PM IST

संबंधित पोस्ट