Editorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरी
लोक सभा ने गुरुवार को कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया, जिसमें भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन का भी प्रस्ताव है। इससे केंद्र सरकार को यह तय करने का अधिकार मिलेगा कि इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के कौन से माध्यम निःशुल्क रहेंगे और किन पर शुल्क लागू हो सकते हैं। हालांकि […]
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सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा और आजादी के बीच संतुलन कैसे बने, यही असली चुनौती है
पिछले महीने फ्रांस ने 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून पारित किया। ऑस्ट्रेलिया में पहले से ही 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना प्रतिबंधित है। दूसरी तरफ, ब्रिटेन की संसद ने जोरदार बहस के बाद सोशल […]
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कॉरपोरेट लिविंग विल है जरूरी, संकट से पहले तैयारी ही बचा सकती है कंपनियों का भविष्य
इस वर्ष मार्च में हरीश राणा बनाम भारत सरकार के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने उस समय उनके लिए जारी जीवन रक्षक उपचार को बंद करने की इजाजत दे दी थी क्योंकि उनके जारी रहने से कोई चिकित्सकीय लाभ नहीं हो रहा था। इस निर्णय ने उन्नत चिकित्सकीय निर्देशन यानी लिविंग विल, को भारतीय कानून […]
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Editorial: उम्मीद पर खरा नहीं उतरा क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम!
पिछले कुछ दिनों से बाजार में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) व्यवस्था सुर्खियों में रही है। अब तक जो संकेत मिले हैं वे इस ओर इशारा कर रहे हैं कि यह व्यवस्था वे फायदे नहीं दे पाई हैं जिनकी उम्मीद लगाई गई थी। यह प्रणाली पात्र डेरिवेटिव शेयरों के बंद भाव तय करने की पुरानी प्रणाली […]
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