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शून्य गुरुत्वाकर्षण में हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है जिससे उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है।

Last Updated- March 19, 2025 | 4:41 PM IST

“अंतरिक्ष में रहना आसान नहीं है। कल्पना कीजिए कि वहां तीन या चार लोगों को 1000 या 2000 वर्ग फीट के घर में नौ महीने के लिए बंद कर दिया जाए। ये भावनात्मक रूप से काफी जोखिम भरा है। दूसरी बात, हर किसी की निजी समस्याएं होती हैं। वहां परिवार भी नहीं होता है। अनजान लोग होते हैं। इसलिए ये भावनात्मक और शारीरिक रूप से काफी कष्टदायक होता है, क्योंकि कई तरह के काम करने होते हैं। तीसरी परेशानी ये है कि आप शून्य गुरुत्वाकर्षण में रहते हैं।”

देखिए  ‘देश की बेटी’ Sunita Williams की वापस धरती पर लौटने के बाद के आनेवाली मुश्किलों की कहानी…

और देखें – बिजनेस स्टैंडर्ड मल्टीमीडिया – https://hindi.business-standard.com/multimedia/video

 

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First Published - March 19, 2025 | 4:21 PM IST

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