क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो आज की भागदौड़ में कल की सुकून वाली सुबह का सपना देखते हैं? जरा सोचिए, 60 की उम्र में जब आप नौकरी से ब्रेक लें, तो आपके बैंक बैलेंस में करोड़ों रुपये हों और हर महीने की पहली तारीख को बिना किसी टेंशन के ‘सैलरी’ की तरह एक मोटी पेंशन आपके खाते में आए, तो रिटायरमेंट का मजा ही कुछ अलग हो सकता है। जी हां, ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि सही वक्त पर लिए गए एक छोटे से फैसले का नतीजा हो सकता है।
आजकल रिटायरमेंट का मतलब आम तौर लोग ‘पैसे की तंगी’ समझते हैं, लेकिन अगर आप आज अपनी कमाई का एक छोटा सा हिस्सा सही जगह लगाना शुरू कर दें, तो बुढ़ापा आपकी जिंदगी का सबसे सुनहरा दौर बन सकता है। और जब रिटायरमेंट फंड और पेंशन की बात आती है तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का नाम सबसे पहले जहन में आता है। आज NPS रिटायरमेंट प्लानिंग का सबसे बेहतरीन जरिया बनकर उभरा है। अगर आप इसमें कम उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत आपके छोटे से निवेश से बड़ा फंड बना सकती है।
रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे बड़ा फैक्टर ‘समय’ होता है। अगर आपकी उम्र अभी 25 साल है और आप 60 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं, तो आपके पास निवेश के लिए पूरे 35 साल का लंबा वक्त है।
डेटा के मुताबिक, NPS ने लंबी समय में औसतन 10% से 12% तक का सालाना रिटर्न दिया है। अगर हम एक सामान्य अनुमान भी लगाएं और 10% का रिटर्न मानकर चलें, तो आपकी निवेश का गुणा-गणित कुछ इस तरह होगा:
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NPS के नियम के मुताबिक, रिटायरमेंट के समय (60 साल की उम्र में) आप कुल फंड का अधिकतम 60% हिस्सा एकमुश्त (Lumpsum) निकाल सकते हैं और बाकी 40% हिस्सा एन्युटी (Annuity) में डालना जरूरी है, जिससे आपको पेंशन मिलती है।
उपरोक्त कैलकुलेशन के आधार पर, जब आपका फंड 4.57 करोड़ रुपये हो जाता है, तो आप उसे इस तरह बांट सकते हैं:
60% एकमुश्त निकासी: यानी 4.10 करोड़ रुपये का 60% 2.46 करोड़ होता है जिसे आप सीधे निकाल सकते हैं। यह पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। इससे आप रिटायरमेंट के बाद अपना घर खरीद सकते हैं, नया बिजनेस शुरू कर सकते हैं या फिर किसी बड़ी जरूरत में इस्तेमाल कर सकते हैं।
40% एन्युटी निवेश: बाकी 40% पैसा जो करीब 1.64 करोड़ रुपया बचता है इससे आपको एन्युटी खरीदनी होगी। इसी से आपको हर महीने पेंशन मिलेगी। मान लीजिए अगर एन्युटी पर लगभग 8% सालाना रिटर्न मानें, तो अनुमानित पेंशन होगी:
1.64 करोड़ रुपये का 8%: 13.12 लाख रुपये सालाना
13.12 लाख रुपये ÷ 12 = लगभग 1,09,000 रुपये प्रति माह। यानी रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने एक लाख से ज्यादा पेंशन मिल सकती है।
| डिटेल | पैसा (लगभग में) |
| कुल निवेश (35 साल) | 50.40 लाख रुपये |
| अनुमानित कॉर्पस | 4.10 करोड़ रुपये |
| 60% एकमुश्त निकासी | 2.46 करोड़ रुपये |
| एन्युटी राशि (40%) | 1.64 करोड़ रुपये |
| अनुमानित मासिक पेंशन | 1.09 लाख रुपये |
नोट: आमतौर पर बाजार में एन्युटी रेट 6% से 8% के बीच रहता है। लेकिन अगर आप बेहतर एन्युटी विकल्प चुनते हैं या भविष्य में दरों में सुधार होकर यह करीब 10% तक पहुंचता है, तो आपकी पेंशन 1.5 लाख रुपये से भी ज्यादा हो सकती है।
NPS में आपको दो तरह के विकल्प मिलते हैं जो आपके फंड को बढ़ाने में मदद करता है। पहला है ‘एक्टिव चॉइस’, जहां आप खुद तय करते हैं कि आपका कितना पैसा इक्विटी (शेयर बाजार) में जाएगा। आप अधिकतम 75% तक इक्विटी चुन सकते हैं, जो लंबी समय में मोटा फंड बनाने के लिए जरूरी है।
दूसरा है ‘ऑटो चॉइस’, जहां उम्र बढ़ने के साथ आपका पैसा रिस्की एसेट्स (इक्विटी) से निकलकर सुरक्षित एसेट्स (सरकारी बॉन्ड्स) में शिफ्ट होता रहता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो लोग 25-30 साल की उम्र में निवेश शुरू कर रहे हैं, उन्हें इक्विटी का एक्सपोजर ज्यादा रखना चाहिए ताकि कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिल सके।
इसके अलावा, इनकम टैक्स की धारा 80CCD (1B) के तहत मिलने वाली 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट इसे अन्य निवेशों के मुकाबले ज्यादा आकर्षक बनाती है।
(नोट: इस स्टोरी में किया गया सारा कैलकुलेशन NPS कैलकुलेटर पर आधारित है। साथ ही दरों में बदलाव होने पर रिटर्न में बदलाव हो सकता है।)