facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंचे, पीएम मोदी को दिया व्हाइट हाउस आने का न्योताCorporate Actions Next Week: डिविडेंड-स्प्लिट-बोनस की होगी बारिश, निवेशकों की चमकेगी किस्मतBonus Stocks: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की लगेगी लॉटरी, फ्री में मिलेंगे शेयरअगले हफ्ते TCS, ITC और बजाज ऑटो समेत 23 कंपनियां बाटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹150 तक कमाई का मौकाUpcoming Stock Split: अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां बांटने जा रही हैं अपने शेयर, छोटे निवेशकों को होगा फायदाईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, रिपोर्ट में दावा: वार्ता विफल होने से नाखुश, बेटे की शादी में भी नहीं जाएंगेओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी विभागों में अब सिर्फ EV की होगी खरीद, 1 जून से नया नियम लागूPower Sector में धमाका: भारत में बिछेगी दुनिया की सबसे ताकतवर 1150 KV की बिजली लाइन, चीन छूटेगा पीछेकच्चे तेल की महंगाई से बिगड़ी इंडियन ऑयल की सेहत, कंपनी पर नकदी पर मंडराया संकटApple का नया दांव: भारत को बना रहा एयरपॉड्स का नया हब, चीन और वियतनाम की हिस्सेदारी घटी

1 रुपये का सिक्का बनाना नहीं है आसान! खर्च सुनकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे

Advertisement

RBI की जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 1 रुपये ही नहीं, बल्कि बाकी सिक्कों की ढलाई भी सरकार के लिए नुकसान का सौदा है।

Last Updated- June 08, 2025 | 9:42 AM IST
Representative Image

आपको जानकर हैरानी होगी कि 1 रुपये का सिक्का बनाने में उसकी असली कीमत से भी ज्यादा खर्च आता है। एक RTI के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2018 में बताया था कि 1 रुपये का सिक्का बनाने में 1.11 रुपये का खर्च आता है। यानी सरकार को हर सिक्के पर 11 पैसे का घाटा उठाना पड़ता है।

सिर्फ 1 रुपये नहीं, बाकी सिक्के भी हैं घाटे का सौदा

RBI की जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 1 रुपये ही नहीं, बल्कि बाकी सिक्कों की ढलाई भी सरकार के लिए नुकसान का सौदा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • 2 रुपये का सिक्का बनाने में लागत करीब 1.28 रुपये
  • 5 रुपये का सिक्का बनाने में खर्च लगभग 3.69 रुपये
  • 10 रुपये का सिक्का बनाने में लागत करीब 5.54 रुपये आती है

इन सिक्कों की ढलाई भारत सरकार की मुंबई और हैदराबाद की टकसालों में होती है।

1 रुपये के सिक्के की खासियत

1 रुपये का सिक्का स्टेनलेस स्टील से बनता है। इसका:

  • वजन: 3.76 ग्राम
  • व्यास (डायमीटर): 21.93 मिमी
  • मोटाई: 1.45 मिमी

यह सिक्का मजबूत और टिकाऊ होता है, जो सालों तक आसानी से चल सकता है।

नुकसान के बावजूद सिक्के क्यों बनाए जाते हैं?

भले ही कुछ सिक्कों को बनाने में सरकार को नुकसान होता है, लेकिन सिक्के नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं। नोटों को कुछ सालों में बदलना पड़ता है, लेकिन सिक्के सालों तक चलते हैं। इससे मुद्रा व्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है।

हालांकि यह कैलकुलेशन चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन सरकार का मानना है कि सिक्कों का निर्माण एक रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णय है। ये सिक्के नकद लेनदेन को आसान और स्थिर बनाते हैं, इसलिए घाटा उठाकर भी सरकार इन्हें बनाती है।

Advertisement
First Published - June 8, 2025 | 9:42 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement