facebookmetapixel
Advertisement
जंग बढ़ी तो और चमकेगा सोना! एक्सपर्ट बोले- अप्रैल के बाद 5,600 डॉलर के पार जा सकता है भावइस युद्ध को 10 के पैमाने पर आंका जाए, तो अमेरिका की स्थिति 15 के बराबर: डॉनल्ड ट्रंपStocks to Watch: Gujarat Gas से लेकर GE Shipping और Bharat Forge तक, गुरुवार को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Update: चार दिन की गिरावट के बाद बढ़त में खुला बाजार, सेंसेक्स 360 अंक चढ़ा; निफ्टी 24600 के ऊपरबाजार में भारी बिकवाली! मेटल-रियल्टी धड़ाम, लेकिन ये 2 शेयर दे सकते हैं कमाई का मौका, चेक करें TGT, SLकॉल और डेटा के बाद अब AI टोकन से कमाई की तैयारी में जियोसिर्फ 30 दिन का LPG स्टॉक बचा, खाड़ी में फंसे जहाजों से भारत में गैस संकट का डरगैस संकट गहराया: कतर से LNG बंद, CNG महंगी होने का खतराअब नहीं जाना पड़ेगा अलग वेबसाइट पर, इन बैंक ऐप्स से ही मिलेगी पूरी CIBIL रिपोर्टपाकिस्तान में भड़के प्रदर्शन, अमेरिका ने कराची-लाहौर से स्टाफ हटाने का दिया आदेश

1 रुपये का सिक्का बनाना नहीं है आसान! खर्च सुनकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे

Advertisement

RBI की जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 1 रुपये ही नहीं, बल्कि बाकी सिक्कों की ढलाई भी सरकार के लिए नुकसान का सौदा है।

Last Updated- June 08, 2025 | 9:42 AM IST
Representative Image

आपको जानकर हैरानी होगी कि 1 रुपये का सिक्का बनाने में उसकी असली कीमत से भी ज्यादा खर्च आता है। एक RTI के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2018 में बताया था कि 1 रुपये का सिक्का बनाने में 1.11 रुपये का खर्च आता है। यानी सरकार को हर सिक्के पर 11 पैसे का घाटा उठाना पड़ता है।

सिर्फ 1 रुपये नहीं, बाकी सिक्के भी हैं घाटे का सौदा

RBI की जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 1 रुपये ही नहीं, बल्कि बाकी सिक्कों की ढलाई भी सरकार के लिए नुकसान का सौदा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • 2 रुपये का सिक्का बनाने में लागत करीब 1.28 रुपये
  • 5 रुपये का सिक्का बनाने में खर्च लगभग 3.69 रुपये
  • 10 रुपये का सिक्का बनाने में लागत करीब 5.54 रुपये आती है

इन सिक्कों की ढलाई भारत सरकार की मुंबई और हैदराबाद की टकसालों में होती है।

1 रुपये के सिक्के की खासियत

1 रुपये का सिक्का स्टेनलेस स्टील से बनता है। इसका:

  • वजन: 3.76 ग्राम
  • व्यास (डायमीटर): 21.93 मिमी
  • मोटाई: 1.45 मिमी

यह सिक्का मजबूत और टिकाऊ होता है, जो सालों तक आसानी से चल सकता है।

नुकसान के बावजूद सिक्के क्यों बनाए जाते हैं?

भले ही कुछ सिक्कों को बनाने में सरकार को नुकसान होता है, लेकिन सिक्के नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं। नोटों को कुछ सालों में बदलना पड़ता है, लेकिन सिक्के सालों तक चलते हैं। इससे मुद्रा व्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है।

हालांकि यह कैलकुलेशन चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन सरकार का मानना है कि सिक्कों का निर्माण एक रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णय है। ये सिक्के नकद लेनदेन को आसान और स्थिर बनाते हैं, इसलिए घाटा उठाकर भी सरकार इन्हें बनाती है।

Advertisement
First Published - June 8, 2025 | 9:42 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement