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शादी का प्लान कर रहे हैं? इस खास दिन के लिए जरूरी ‘वेडिंग इंश्योरेंस’ को न करें इग्नोर, खुद को करें सिक्योर

Wedding Insurance: स्मार्ट प्लानिंग के साथ अपनी शादी को कैंसिलेशन, वेन्डर की दिक्कतें और ज्यादा खर्चों से खुद को सुरक्षित रखें

Last Updated- December 07, 2025 | 5:44 PM IST
Indian wedding
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

शादियों की तैयारियों में परिवार रात-रात भर जागकर सब कुछ परफेक्ट बनाने में जुटे रहते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं सोचते कि अगर कोई इमरजेंसी आ गई तो क्या होगा? शादी टल जाए या रुक जाए तो क्या? अचानक बारिश हो जाए या किसी का हेल्थ इमरजेंसी हो जाए तो पूरा प्लान चौपट हो सकता है और भारी नुकसान हो जाता है। ऐसे में वेडिंग इंश्योरेंस काम आता है। रोइनेट इंश्योरेंस ब्रोकर प्राइवेट लिमिटेड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल माथुर बताते हैं कि वेडिंग इंश्योरेंस अब क्यों जरूरी होता जा रहा है और यह क्या-क्या कवर करता है।

शादियां आर्थिक रूप से क्यों जोखिम भरी होती हैं?

माथुर कहते हैं, “भारत में शादियां अब परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन गई हैं, अक्सर कर्ज और तनाव का कारण बनती हैं। इसका एक बड़ा कारण है वेडिंग इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के बारे में जागरूकता की कमी और उन्हें अपनाने में कमी। ज्यादातर परिवार डेकॉर, वेन्यू और केटरिंग की बारीकी से प्लानिंग करते हैं, लेकिन आर्थिक झटकों से खुद को सुरक्षित नहीं रख पाते।”

बढ़ते खतरे: मौसम, धोखाधड़ी और आखिरी समय की रुकावटें शादियों के आसपास आर्थिक जोखिम कई कारणों से बढ़ रहे हैं:

मौसम से जुड़े खतरे: एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स: भारत के 75% से ज्यादा जिलों में बाढ़, सूखा और हीटवेव का खतरा रहता है।

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अनप्रेडिक्टेबल बारिश: मौसम की मार से कार्यक्रम बिगड़ सकता है और अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका पर भी असर पड़ता है, जिससे प्लानिंग में और तनाव आता है।

धोखाधड़ी और रुकावटें: वेंडर फेलियर: वेंडर आखिरी समय में कैंसल कर दें या दिवालिया हो जाएं तो बड़ा नुकसान होता है।

वेन्यू की अनुपलब्धता: पॉपुलर वेन्यू किसी अप्रत्याशित वजह से उपलब्ध न रहे तो दिक्कत होती है। वेडिंग इंश्योरेंस क्या-क्या कवर करता है वेडिंग इंश्योरेंस सिर्फ कैंसिलेशन तक सीमित नहीं है, यह उससे कहीं ज्यादा कवर करता है।

माथुर के अनुसार मुख्य कवरेज क्षेत्र ये हैं:

कैंसिलेशन या पोस्टपोनमेंट: शादी रद्द हो जाए या टल जाए तो नॉन-रिफंडेबल डिपॉजिट की भरपाई।

वेंडर फेलियर: अगर वेंडर तय सर्विस नहीं दे पाएं तो उसका मुआवजा।

वेन्यू अनुपलब्धता: चुना हुआ वेन्यू इस्तेमाल न हो पाए तो खर्चों की भरपाई।

मौसम से जुड़ी समस्याएं: बाढ़, तूफान या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की सुरक्षा।

बीमारी या चोट: दुल्हा-दुल्हन या मुख्य परिवार के सदस्यों को कोई मेडिकल इमरजेंसी हो जाए तो कवर।

गिफ्ट्स और ड्रेस: गिफ्ट्स, कपड़े और एक्सेसरीज खराब हो जाएं या गुम हो जाएं तो इंश्योरेंस।

लायबिलिटी कवरेज: थर्ड पार्टी के बॉडी इंजरी या प्रॉपर्टी डैमेज के क्लेम से सुरक्षा।

First Published - December 7, 2025 | 5:44 PM IST

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