आपका पैसा

EPFO का बड़ा फैसला: वित्त वर्ष 26 के लिए भी मिलेगा 8.25% ब्याज, लगातार दूसरे साल कोई बदलाव नहीं

ब्याज दर में आखिरी बार 2024 में बदलाव किया गया था, जब इसे वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 8.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया गया था

Published by
अहोना मुखर्जी   
Last Updated- March 02, 2026 | 10:24 PM IST

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारियों के भविष्य निधि पर ब्याज दर को पिछले वर्ष के समान 8.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने की सिफारिश की है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब ईपीएफ पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत बरकरार रखा गया है।  

ब्याज दर में आखिरी बार 2024 में बदलाव किया गया था, जब इसे वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 8.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया गया था।  

 ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) ने सोमवार को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई अपनी 239वीं बैठक में ब्याज दर पर यह निर्णय लिया। प्रस्ताव को अब अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा, जिसके बाद ब्याज को इसके 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सब्सक्राइबर्स के खातों में जमा किया जाएगा।

बैठक में सीबीटी ने कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत अभी तक कवर नहीं किए गए आयकर मान्यता प्राप्त ट्रस्टों को नियमित करने के लिए एकमुश्त एमनेस्टी स्कीम को भी मंजूरी दी, जिसमें पात्र प्रतिष्ठानों के लिए नुकसान और दंड की छूट के साथ छह महीने की अनुपालन विंडो की पेशकश की गई है।

बोर्ड ने ईपीएफओ के तहत ईपीएफ छूट पर एक सरलीकृत, तकनीक-सक्षम स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को मंजूरी दी, जिसमें अनुपालन को आसान बनाने, कागज रहित प्रक्रिया को सक्षम करने और ऑडिट और छूट मामलों को सुव्यवस्थित करने के लिए चार एसओपी और छूट मैनुअल को एक ही डिजिटल फ्रेमवर्क में मिला दिया गया।

सीबीटी ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत नई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी मंजूरी दी। नई अनुमोदित ईपीएफ योजना 2026, कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) 2026, और कर्मचारी जमा से जुड़ी बीमा (ईडीएलआई) योजना, 2026 मौजूदा योजनाओं की जगह लेंगी।

इसके अलावा सेवानिवृत्ति कोष प्रबंधक ने 1000 रुपये या उससे कम के लावारिस बैलेंस वाले निष्क्रिय ईपीएफओ खातों में दावे के निपटान की स्वचालित पहल के लिए एक प्रायोगिक परियोजना को भी मंजूरी दी है।  पहले चरण में लगभग 1.33 लाख ऐसे खाते इस योजना के दायरे में आएंगे, जिनमें लगभग 5.68 करोड़ रुपये हैं। 

इसके अलावा बोर्ड ने बायबैक और कॉल/पुट ऑप्शंस जैसे कॉरपोरेट एक्शन और इक्विटी एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड और लिक्विड म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट के लिए फंड मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करने के लिए एक पारदर्शी, समयबद्ध प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल को औपचारिक रूप देने के लिए एसओपी को मंजूरी दी।

First Published : March 2, 2026 | 10:24 PM IST