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₹1,000 से ज्यादा है इनएक्टिव EPF खाते में पैसा, ऐसे निकालें एक-एक रुपया

सरकार ने 7.11 लाख निष्क्रिय ईपीएफ खातों में जमा 1,000 रुपये तक की राशि लौटाने का फैसला किया है, जबकि अधिक बैलेंस वाले खातों के लिए तय प्रक्रिया से क्लेम करना अनिवार्य होगा।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 04, 2026 | 8:15 AM IST

देश के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Ministry of Labour and Employment ने हाल ही में समीक्षा बैठक के बाद 7.11 लाख से अधिक इनएक्टिव ईपीएफ खातों को साफ करने का निर्णय लिया है। इन खातों में प्रत्येक में 1,000 रुपये तक की राशि जमा है।

समाचार एजेंसी Press Trust of India के अनुसार, ऐसे खातों में कुल 30.52 करोड़ रुपये की रकम पड़ी हुई है, जिसे अब संबंधित खाताधारकों या उनके वैध उत्तराधिकारियों को लौटाया जाएगा। यह पूरा मामला Employees’ Provident Fund Organisation से जुड़ा है। जिन खातों का आधार से सीडिंग और केवाईसी पूरा है, उनके बैंक खातों में यह राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी। यदि खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है, तो नामित व्यक्ति या कानूनी वारिस को भुगतान किया जाएगा।

1,000 रुपये से अधिक बैलेंस वाले खातों का क्या होगा

सरकार ने फिलहाल केवल उन निष्क्रिय खातों को स्वतः निपटाने का फैसला किया है, जिनमें 1,000 रुपये तक की राशि है। जिन खातों में इससे अधिक रकम जमा है, उन्हें तुरंत सेटल नहीं किया जाएगा। ऐसे खातों को निकालने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।

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कब निष्क्रिय माना जाता है ईपीएफ खाता

ईपीएफओ की 2 अगस्त 2024 की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, यदि किसी खाते में लगातार 36 महीने तक कोई जमा या निकासी नहीं होती है, तो उसे निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है। इनएक्टिव होने के बाद खाता स्वतः ब्लॉक कर दिया जाता है ताकि अनधिकृत निकासी रोकी जा सके।

रिटायरमेंट की स्थिति में भी नियम स्पष्ट हैं। यदि कर्मचारी 55 वर्ष या उससे अधिक आयु में रिटायर होता है, तो 36 महीने बाद उसका खाता निष्क्रिय हो जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई कर्मचारी 58 वर्ष की आयु में रिटायर होता है, तो उसे 58 वर्ष तक ब्याज मिलेगा।

यदि कोई व्यक्ति 50 वर्ष में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेता है, तब भी उसे 58 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलता रहेगा, क्योंकि खाता 58 वर्ष पर ही निष्क्रिय माना जाएगा। इसी तरह यदि कोई कर्मचारी 60 वर्ष में रिटायर होता है, तो उसे 63 वर्ष तक ब्याज दिया जाएगा।

किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर भी तीन वर्ष बाद खाता निष्क्रिय हो जाता है। ऐसे मामलों में परिवार या वारिसों को समय रहते दावा करना चाहिए, ताकि ब्याज का नुकसान न हो।

1,000 रुपये से अधिक राशि वाले निष्क्रिय ईपीएफ खाते से पैसा निकालने की प्रक्रिया

यदि आपका खाता Employees’ Provident Fund Organisation में निष्क्रिय हो चुका है और उसमें 1,000 रुपये से अधिक बैलेंस है, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करना आवश्यक है।

1. यूएएन और केवाईसी सत्यापित करें

  • सबसे पहले सुनिश्चित करें कि आपका यूएएन सक्रिय है।

  • आधार, पैन और बैंक खाता विवरण पोर्टल पर अपडेट और सत्यापित होने चाहिए।

  • अधूरी केवाईसी की स्थिति में ऑनलाइन क्लेम स्वीकार नहीं किया जाएगा।

2. निष्क्रिय खाते को अनब्लॉक कराने के लिए अनुरोध करें

  • ईपीएफओ के मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करें।

  • हेल्प डेस्क या इनऑपरेटिव अकाउंट असिस्टेंस विकल्प चुनें।

  • अनब्लॉक अनुरोध दर्ज करें।

  • यह अनुरोध आपके अंतिम नियोक्ता के पास सत्यापन के लिए भेजा जाएगा।

  • नियोक्ता की पुष्टि के बाद मामला संबंधित ईपीएफ अधिकारी के पास जाएगा।

  • खाते में अधिक राशि होने पर वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी भी आवश्यक हो सकती है।

3. खाता अनब्लॉक होने के बाद ऑनलाइन क्लेम करें

  • ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगिन करें।

  • ऑनलाइन सर्विसेज में जाकर क्लेम विकल्प चुनें।

  • पूर्ण और अंतिम निकासी के लिए फॉर्म 19 चुनें।

  • बैंक विवरण की ओटीपी के माध्यम से पुष्टि करें।

  • क्लेम जमा करें और संदर्भ संख्या के माध्यम से स्थिति ट्रैक करें।

4. यदि ऑनलाइन प्रक्रिया संभव न हो

  • फॉर्म 19 मैनुअल रूप से भरें।

  • आधार, पैन, पहचान पत्र और बैंक पासबुक के साथ निकटतम ईपीएफ कार्यालय जाएं।

  • दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

5. महत्वपूर्ण सुझाव

  • नौकरी बदलने पर पुराना ईपीएफ खाता नए नियोक्ता के साथ ट्रांसफर कराएं।

  • यदि आप कार्यरत नहीं हैं, तो समय रहते राशि निकाल लें।

  • खाते को लंबे समय तक निष्क्रिय न छोड़ें, अन्यथा ब्याज का लाभ बंद हो सकता है।

इन चरणों का पालन कर आप 1,000 रुपये से अधिक राशि वाले निष्क्रिय ईपीएफ खाते से सुरक्षित और नियमानुसार निकासी कर सकते हैं।

First Published : March 4, 2026 | 8:15 AM IST