यूएई के शारजाह इंडस्ट्रियल एरिया में एक गोदाम से काला धुआं उठता हुआ, जहां रविवार 1 मार्च 2026 को दुबई पर ईरानी हमलों की खबरें आईं | फोटो: AP/PTI
दुनिया भर में दुबई को एक ऐसी जगह के रूप में जाना जाता था जहां लोग बिना टैक्स दिए लग्जरी जिंदगी जी सकते हैं और खुद को सुरक्षित महसूस करते थे। लेकिन शनिवार को सब बदल गया। ईरान से मिसाइलें और ड्रोन दुबई पर बरसे, जिससे एक फाइव-स्टार रिसॉर्ट में आग लगी, दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा पर खतरा मंडरा गया और राजधानी अबू धाबी के एयरपोर्ट पर एक शख्स की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हुए। यह हमला अमेरिका और इजराइल के बड़े अटैक के जवाब में ईरान ने किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वह दुबई जो हमेशा शांत रहता था, अब डर के साए में है।
ईरान ने सिर्फ UAE को ही नहीं, बल्कि उसके कई पड़ोसी देशों को भी निशाना बनाया। ये सब अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद का बदला था। UAE के लोग हैरान हैं क्योंकि यहां तो कभी ऐसी आवाजें नहीं सुनाई देतीं।
विदेश मंत्री रीम अल हाशिमी ने CNN से बात करते हुए कहा कि ये वक्त डराने वाला है, लेकिन जो धमाके सुनाई दे रहे हैं, वो इंटरसेप्शन के हैं। जहां नुकसान हुआ है, वो ज्यादातर मलबे से हुआ। सरकार लोगों को भरोसा दिला रही है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम दुनिया के सबसे अच्छे में से एक है, जो ड्रोन और मिसाइलों को रोक लेता है। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये भरोसा अब भी कायम रहेगा?
अजमेरा लॉ ग्रुप के फाउंडर प्रशांत अजमेरा कहते हैं कि लोग अब दुबई को ईरान के इतना करीब देखेंगे, जो कभी भी बम गिरा सकता है। बिजनेस स्टैंडर्ड से बात में उन्होंने कहा कि ये दुबई के लिए सबसे बुरा सपना है। यूरोपियन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस की पर्सियन गल्फ एक्सपर्ट सिन्जिया बियान्को ने X पर लिखा कि दुबई की पहचान ही एक परेशान इलाके में शांत द्वीप की थी। अब मजबूती से उबरने का रास्ता तो हो सकता है, लेकिन पुरानी वाली बात नहीं रहेगी। दुबई तेल से अमीर सात शेखडमों वाले फेडरेशन का हिस्सा है, जो अपनी शांति की इमेज के कारण अमीर टूरिस्ट, बिजनेसमैन और नए निवासियों को आकर्षित करता रहा है। यहां लगभग 1.1 करोड़ लोग रहते हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत विदेशी हैं।
सरकारी डेटा के मुताबिक, लगभग 39 लाख भारतीय यहां बसे हैं। रियल एस्टेट कंपनियां यूरोपीय और अमेरिकी अमीरों को हाई-राइज अपार्टमेंट और पूल वाले विला बेचती हैं। वे वादा करती हैं कि यहां का मौसम अच्छा है, बिजनेस आसान और दुनिया की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक है। लेकिन सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों के हमले के बाद ये इमेज हिल गई है।
अभी भी कई लोग दुबई पर भरोसा बनाए हुए हैं। गारंट इन के बिजनेस हेड (इंडिया) अक्षत शेरावत के मुताबिक, ये तनाव सिर्फ अस्थायी हैं और लंबे समय तक नहीं रहेंगे। उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि UAE ने अपने एयर डिफेंस, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और सुरक्षा इंतजामों से साबित कर दिया है कि ऐसे झटके आसानी से संभाले जा सकते हैं और सब कुछ जल्दी सामान्य हो जाता है। मुख्य बिजनेस इलाके सुरक्षित हैं, और सरकार पूरा ध्यान लोगों और टूरिस्ट्स की सुरक्षा पर दे रही है।
निवेशकों और अमीर लोगों के लिए दुबई के मुख्य फायदे वैसी ही हैं जैसे पहले थे: कोई पर्सनल इनकम टैक्स नहीं, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत बैंकिंग सिस्टम, फ्री-जोन नियम और रीजन का एविएशन और ट्रेड हब। कुछ महीनों के लिए जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन लंबे समय में निवेशकों की रुचि पर कोई असर नहीं होगा। जिस तरह शहर ने जल्दी संभलकर लोगों की सुरक्षा की, उसने दुबई की मजबूती और भरोसे की इमेज और मजबूत कर दी। शेरावत कहते हैं कि जो लोग दुबई गोल्डन वीजा या लॉन्ग-टर्म रेसिडेंसी लेने का सोच रहे हैं, वे बिना हिचकिचाहट अपनी योजना बना सकते हैं। यहां की स्ट्रैटेजिक लोकेशन, टैक्स बचत, कनेक्टिविटी, लाइफस्टाइल और एसेट प्रोटेक्शन के फायदे अभी भी उतने ही हैं और यह किसी भी ग्लोबल पोर्टफोलियो का मजबूत हिस्सा बन सकता है।
अरबपति ईलॉन मस्क ने रविवार को एक्स पर दुबई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कोई देश परफेक्ट नहीं होता, लेकिन दुबई और UAE कुल मिलाकर यूरोप के कई हिस्सों से ज्यादा सुरक्षित हैं और बेहतर तरीके से चलाए जाते हैं। टेलीग्राम के फाउंडर और CEO ने भी कहा कि मिसाइलें उड़ रही हैं, लेकिन आंकड़ों के हिसाब से दुबई अभी भी सुरक्षित है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने 165 बैलिस्टिक मिसाइलें, 2 क्रूज मिसाइलें और 540 से ज्यादा ईरानी ड्रोन रोक दिए। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को सभी एयर अटैक्स को इंटरसेप्ट कर लिया गया, लेकिन गिराए गए हथियारों के मलबे से दुबई के कुछ मशहूर स्थानों पर आग लग गई। सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटोज में ये नजारे देखे गए:
इसके अलावा, दुबई के मुख्य बंदरगाह जेबेल अली पोर्ट पर भी आग लगी, जो शहर का सबसे बड़ा शिपिंग हब है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा, और दुबई मीडिया ऑफिस के मुताबिक वहां चार कर्मचारी घायल हुए।
दुबई में रहने वाले विदेशी अब सोच रहे हैं कि क्या यहां रहना सुरक्षित है। लेकिन सरकार लगातार कह रही है कि सब कंट्रोल में है। मंत्री रीम अल हाशिमी ने बताया कि जो आवाजें सुनाई दीं, वे इंटरसेप्शन की हैं, और जो नुकसान हुआ, वह मलबे से हुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुबई की इमेज को झटका जरूर लगा है, लेकिन उसकी मजबूती भी सामने आई। यहां का बिजनेस और टूरिज्म अभी भी मजबूत हैं, क्योंकि यह इलाका हमेशा से अशांत रहा है, लेकिन दुबई ने खुद को अलग रखा। अब देखना है कि क्या यह हमला सिर्फ एक बार हुआ या आगे भी जारी रहेगा। लोग अभी भी दुबई को पसंद करते हैं, लेकिन अब थोड़ी सावधानी बरत रहे हैं।