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Stock Market : मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों पर सतर्कता बढ़ी, दोनों इंडेक्स पर दबाव

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Last Updated- February 14, 2023 | 7:27 PM IST
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कैलेंडर वर्ष 2023 में भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए राह अब तक उतार-चढ़ाव भरी रही है। वर्ष के दौरान, मंदी से जुड़ी आशंका, बढ़ती ब्याज दर के साथ साथ अदाणी समूह (Adani Group) के घटनाक्रम से धारणा प्रभावित हुई है।

इस कैलेंडर वर्ष में अब तक जहां सेंसेक्स करीब 0.3 प्रतिशत (13 फरवरी तक) कमजोर हुआ है, वहीं मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (SmallCap) में दबाव ज्यादा दिखा है। ये दोनों सूचकांक इस अवधि के दौरान 1.7 प्रतिशत और 2.3 प्रतिशत कमजोर हुए हैं।

विश्लेषक मिडकैप और स्मॉलकैप पर सतर्क बने हुए हैं और उनका सुझाव है कि आय में तेजी आने पर इन शेयरों में मजबूती आएगी।

इक्विनोमिक्स रिसर्च के संस्थापक एवं मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) जी चोकालिंगम ने कहा, ‘मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में पिछले कुछ वर्षों से अच्छी तेजी आई थी और इस वजह से इनका मूल्यांकन बढ़ गया था। बिकवाली के बाद, अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों में तेजी पहले आएगी। भले ही संपूर्ण बाजार धारणा कमजोर बनी हुई है, लेकिन अब बड़ी गिरावट के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। हम अल्पावधि में (जुलाई के अंत तक) घरेलू बाजारों और अच्छी गुणवत्ता वाले स्मॉलकैप, मिडकैप पर भी सकारात्मक बने हुए हैं।’

अदाणी समूह के शेयर….अंबुजा सीमेंट्स, अदाणी पावर, अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी ट्रांसमिशन, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी टोटाल गैस, अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकनोमिक जोन, अदाणी विल्मर और एसीसी सुर्खियों में रहे और इनमें कैलेंडर वर्ष 2023 में 66 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।

इसके अलावा डिक्सन टेक्नोलॉजीज (इंडिया), टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र), जेएसडब्ल्यू एनर्जी, पतंजलि फूड्स और थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज भी गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।

आईडीबीआई कैपिटल के शोध प्रमुख ए के प्रभाकर का कहना है कि निवेशक सुरक्षित विकल्प तलाशने के लिए बिकवाली कर रहे हैं। इन निवेश विकल्पों में सावधि जमाएं और बॉन्ड मुख्य रूप से शामिल हैं, जो बाजार उतार-चढ़ाव को देखते हुए बेहतर दांव साबित हो सकते हैं।

वहीं दूसरी तरफ, मिडकैप आईटी शेयर कैलेंडर वर्ष 2023 में शानदार प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शुमार रहे हैं।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, जेनसार टेक्नोलॉजीज और केपीआईटी टेक्नोलॉजीज में इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 26 प्रतिशत तक की तेजी आई है।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरांग शाह का मानना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप के कमजोर प्रदर्शन की मुख्य वजह आय अनुमान बाजार के अनुरूप नहीं रहना है।

उन्होंने निवेशकों को आकर्षक मूल्यांकन के साथ इन सेगमेंट से खास चयन के आधार पर ही खरीदारी करने का सुझाव दिया है। मिडकैप इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियां, खासकर सड़क निर्माण और ऑटो एंसिलियरी सेगमेंट के शेयर उनके पसंदीदा दांव हैं।

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First Published - February 14, 2023 | 7:27 PM IST

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