facebookmetapixel
Advertisement
भारत और UAE के बीच 6 ऐतिहासिक समझौते; अबू धाबी में PM मोदी की यात्रा के दौरान रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा फैसलापश्चिम एशिया संकट का असर: चार साल में पहली बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, CNG भी हुई महंगीतेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर रुपये से शेयर बाजार बेदम; सेंसेक्स-निफ्टी में साप्ताहिक गिरावटApple पर CCI कसेगा शिकंजा, वैश्विक टर्नओवर के बजाय अब भारत के राजस्व पर मांगा जवाबरिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया: ₹96.14 तक लुढ़का, क्या ₹100 प्रति डॉलर तक गिर जाएगा?IMD का पूर्वानुमान: केरल में जल्दी आएगा मॉनसून, लेकिन अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश की आशंकानीट परीक्षा में बड़ा बदलाव: अगले साल से ऑनलाइन मोड में होगी परीक्षा, शिक्षा मंत्री ने किया ऐलानरक्षा क्षेत्र का नया हब बनेगा आंध्र प्रदेश, सत्य साईं जिले में रखी गई स्टेल्थ फाइटर जेट परियोजना की नींवभोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला, परिसर को बताया देवी सरस्वती का मंदिरनई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष पर नहीं बनी सहमति, बिना संयुक्त विज्ञप्ति के समाप्त हुई चर्चा

क्रिप्टो लेनदेन की देनी होगी जानकारी, वित्तीय संस्थानों के लिए बढ़ा टैक्स रिपोर्टिंग का दायरा

Advertisement

इसके तहत वित्तीय संस्थानों को अब वित्तीय खातों के साथ ही क्रिप्टो संपत्तियों, सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) और इलेक्ट्रॉनिक मनी उत्पादों की भी जानकारी देनी होगी

Last Updated- March 06, 2026 | 10:31 PM IST
Crypto

सरकार ने कर सूचना साझा करने के वित्तीय संस्थानों के दायरे का विस्तार किया है। इसके तहत वित्तीय संस्थानों को अब वित्तीय खातों के साथ ही क्रिप्टो संपत्तियों, सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) और इलेक्ट्रॉनिक मनी उत्पादों की भी जानकारी देनी होगी।

1 जनवरी, 2026 से प्रभावी संशोधनों में वित्तीय परिसंपत्तियों की परिभाषा का विस्तार करके इसमें ‘प्रासंगिक क्रिप्टो संप​त्तियों’ को शामिल किया गया है और अमेरिकी विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम (फाटका) तथा आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के साझा रिपोर्टिंग मानक के तहत विदेशी कर निवासियों के खातों में की पहचान करने और रिपोर्ट करने के लिए वित्तीय संस्थानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ढांचे में सीबीडीसी और निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक मनी उत्पादों को शामिल किया गया है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने गुरुवार को आयकर (संशोधन) नियम, 2026 के जरिये ये बदलाव अ​धिसूचित किए हैं। इसके तहत आयकर कानून के नियम 114एफ, 114जी और 114एच में बदलाव किया गया है। अधिसूचना में प्रासंगिक क्रिप्टो संप​त्ति को किसी भी क्रिप्टो संप​त्ति के रूप में परिभाषित किया गया है जो कि सीबीडीसी या निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक मनी उत्पाद नहीं है और जिसका उपयोग निवेश उद्देश्यों के लिए भुगतान के लिए किया जा सकता है।

Also Read: बचत से निवेश तक: 38% महिलाएं हर हफ्ते करती हैं UPI पेमेंट, 71% खुद संभाल रहीं बैंक खाते

ध्रुव एडवाइजर्स के पार्टनर संदीप भल्ला के अनुसार आयकर कानून के नियम में संशोधन भारत के कर पारदर्शिता ढांचे को मजबूत करते हैं और यह ओईसीडी द्वारा किए गए वैश्विक विकास को दर्शाते हैं।

भल्ला ने कहा, ‘रिपोर्टिंग की व्यवस्था के भीतर क्रिप्टो संप​त्तिया, इलेक्ट्रॉनिक मनी उत्पादों और सीबीडीसी को लाकर भारत विदेश में कर पारदर्शिता जाने तथा तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल वित्तीय लेनदेन के साथ तालमेल बनाने का प्रयास कर रहा है।’

वित्तीय संस्थानों को गैर-अमेरिकी रिपोर्ट करने योग्य खातों के लिए अतिरिक्त जानकारी देनी होगी, जिसमें यह भी शामिल है कि खाताधारक ने वैध स्व-प्रमाणीकरण प्रदान किया है या नहीं, खाता संयुक्त है या नहीं और खाते का प्रकार तथा स्थिति।

Also Read: IRDAI 1 अप्रैल से इंश्योरेंस कंपनियों के लिए नया नियम करेगा लागू: पॉलिसीधारकों के लिए क्या बदलेगा?

वित्तीय संस्थानों को वित्तीय परिसंपत्तियों की बिक्री या उसे भुनाने से प्राप्त सकल आय को अलग से रिपोर्ट नहीं करना होगा अगर इस तरह के लेनदेन की जानकारी पहले से ही क्रिप्टो संप​त्ति रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क के तहत दी गई हो।

Advertisement
First Published - March 6, 2026 | 10:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement