facebookmetapixel
Advertisement
भारतीय ब्लैक टाइगर झींगे ने की रिकॉर्ड वापसी, 5 साल में 4 गुना बढ़ा निर्यात; कमाई ₹4,974 करोड़ के पारमुंबई में बारिश का कहर: 13 की मौत, ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान, जनजीवन अस्त-व्यस्तऑफिस मार्केट में रिकॉर्ड तेजी: दूसरी तिमाही में 2.46 करोड़ वर्ग फुट की सबसे अधिक लीजिंगजून में हुई गाड़ियों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, 22% की भारी बढ़त के साथ बिके 25 लाख वाहनभारतीय कंपनियां AI सेक्टर में विलय-अधिग्रहण पर सतर्क हैं: आलोक शाहBEML का मेगा प्लान: R&D खर्च 150% बढ़ाया, विनिर्माण के साथ अब टेक्नोलॉजी कंपनी बनने की तैयारीइफ्को-टोक्यो की तर्ज पर देश में जल्द बनेगी सहकारी जीवन बीमा कंपनी, अमित शाह ने किया ऐलानसिटीमॉल का दांव: तेज डिलिवरी नहीं, कम कीमत से जीतेगा भारत का अगला ई-कॉमर्स बाजार16वें वित्त आयोग ने खत्म की पुरानी परंपरा, राज्यों का अलग GSDP अनुमान नहीं किया जारी; प्रदेश सरकारों की बढ़ी टेंशन‘भुला दिए जाने के अधिकार’ पर नई बहस: क्या AI भी सीखी हुई निजी जानकारी भूल सकता है?

IMD का पूर्वानुमान: केरल में जल्दी आएगा मॉनसून, लेकिन अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश की आशंका

Advertisement

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 26 मई को केरल पहुंच सकता है, लेकिन अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है

Last Updated- May 15, 2026 | 11:20 PM IST
Monsoon Rain
फोटो क्रेडिट: PTI

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को पूर्वानुमान में कहा कि केरल में 26 मई को दक्षिण-पश्चिम मानसून के जल्दी आने की संभावना है। इस पूर्वानुमान मॉडल में खामी यह है कि चार दिन घट या बढ़ सकते हैं। 

बारिश लाने वाला सिस्टम मॉनसून आमतौर पर 1 जून के करीब केरल पहुंचता है और फिर उत्तरी दिशा की ओर बढ़कर देश के ज्यादातर हिस्से में पहुंचता है। राज्य में मॉनसून का आगमन दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ऋतु (जून से सितंबर) की शुरुआत का प्रतीक है। पिछले साल मॉनसून का आगमन 24 मई को हुआ था। हालांकि, मॉनसून का समय पर आगमन आने वाले महीनों में इसकी प्रगति का सूचक नहीं है। मौसम विभाग ने कहा, ‘इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल में 26 मई को आने की संभावना है, जिसमें मॉडल त्रुटि ±4 दिन की है (यह चार दिन पहले या बाद में भी आ सकता है)।’

मौसम विभाग ने यह भी बताया कि अगले 24 घंटों में दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।  मौसम विभाग ने कहा, ‘भारतीय मुख्य भूमि पर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने का संकेत केरल में मॉनसून के पहुंचने से मिलता है और यह गर्म व व शुष्क मौसम से वर्षा ऋतु में बदलाव का  महत्त्वपूर्ण सूचक है।’

विभाग ने कहा, ‘जैसे-जैसे मॉनसून उत्तर की ओर बढ़ता है, इन क्षेत्रों में भीषण गर्मी से राहत मिलती है।’  

मॉनसून चार महीने रहता है। इस दौरान मॉनसून से देश की वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत आता है। यह कृषि और फसलों के लिए – समग्र अर्थव्यवस्था के लिए – और जलाशयों और जलभंडारों के पुनर्भरण के लिए महत्त्वपूर्ण है।

मौसम विभाग ने कहा कि इस वर्ष मॉनसून के मौसम में भारत में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। देश में मॉनसून के महीनों में 80 सेंटीमीटर (सेमी) वर्षा होने की संभावना है जबकि मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (1971-2020) 87 सेमी है। 

मौसम  विभाग  ने कहा कि इसका कारण अल नीनो की स्थिति का उभरना हो सकता है, जिससे देश में कम वर्षा होती है। विभाग ने 1 मई को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा था कि भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ईएनएसओ) की तटस्थ स्थितियां अल नीनो की स्थिति की ओर बढ़ रही हैं।

Advertisement
First Published - May 15, 2026 | 11:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement