शेयर बाजार

कमजोर ग्रोथ गाइडेंस से Wipro के शेयर 8% लुढ़के, ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट प्राइस

अधिकांश ब्रोकरेज फर्मों ने यह भी बताया कि विप्रो का तिमाही आधार पर स्थिर मुद्रा में 0 से 2 फीसदी की वृद्धि का अनुमान उम्मीद से कमजोर रहा

Published by
सिराली गुप्ता   
Last Updated- January 19, 2026 | 10:33 PM IST

विप्रो के शेयर सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान 9.4 फीसदी गिरकर 241.75 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए। ये अंत में 246 रुपये पर बंद हुए। इस तरह से शेयर में 7.95 फीसदी की गिरावट आई। इसकी तुलना में बीएसई सेंसेक्स 0.39 फीसदी गिरकर 83,246 पर बंद हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की कंपनी विप्रो ने शुक्रवार को दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे। विश्लेषकों का कहना है कि प्रदर्शन मिलाजुला रहा और मार्जिन उम्मीद से बेहतर रहा।

अधिकांश ब्रोकरेज फर्मों ने यह भी बताया कि विप्रो का तिमाही आधार पर स्थिर मुद्रा में 0 से 2 फीसदी की वृद्धि का अनुमान उम्मीद से कमजोर रहा, जो मांग में निरंतर नरमी, कम कार्य दिवसों और सौदों में देरी का संकेत देता है। विप्रो ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 3,145 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह तिमाही आधार पर 3.5 फीसदी की गिरावट है और पिछले वर्ष के 3,262.4 करोड़ रुपये से कम है। लाभ भी सालाना आधार पर 3,366.7 करोड़ रुपये के मुकाबले 6.5 फीसदी घट गया।

नए श्रम कानून लागू होने से मुनाफे में गिरावट आई। आईटी क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी का परिचालन राजस्व 23,555.8 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में यह 22,697.3 करोड़ रुपये था। इस तरह 3.7 फीसदी की वृद्धि हुई। सालाना आधार पर राजस्व वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के 22,318.8 करोड़ रुपये से 5.5 फीसदी ज्यादा रहा। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में आईटी सेवाओं का परिचालन मार्जिन 17.6 फीसदी रहा जो तिमाही आधार पर 0.9 फीसदी और सालाना आधार पर 0.1 फीसदी ज्यादा है।

नोमूरा रिसर्च ने बताया कि विप्रो का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में तिमाही आधार पर 0-2 फीसदी की वृद्धि का अनुमान उसकी उम्मीदों से कम रहा। ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026-28 के लिए प्रति शेयर आय (ईपीएस) में 2 से 3 फीसदी की कमी की है और कीमत लक्ष्य 300 रुपये से घटाकर 290 रुपये कर दिया है।

एमके रिसर्च ने कहा कि विप्रो की सौदे हासिल करने की गतिविधियां अच्छी बनी रहीं। कुल सौदे करीब 3.3 अरब डॉलर के रहे। इनमें 0.9 अरब डॉलर के बड़े सौदे शामिल हैं। इससे बुक-टू-बिल अनुपात 1.3 गुना पर पहुंच गया। प्रबंधन ने चौथी तिमाही में स्थिर मुद्रा राजस्व में 2 फीसदी तक की सपाट वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो एमके रिसर्च के अनुसार उम्मीद से कम है। इसका कारण कम कार्यदिवस, हरमन डीटीएस से दो महीने का अतिरिक्त योगदान और कुछ बड़े सौदों को हासिल करने में देरी है।

हरमन के अधिग्रहण और बड़े सौदों में किए गए शुरुआती निवेश के बावजूद विप्रो का लक्ष्य है कि मार्जिन को 17 से 17.5 फीसदी के दायरे में रखा जाए। एमके ने वित्त वर्ष 2026-28 के लिए अपने आय अनुमानों में -1 फीसदी से 0.3 फीसदी तक का बदलाव किया है जिसमें तीसरी तिमाही के प्रदर्शन और मार्जिन में बदलावों को शामिल किया गया है। एमके ने घटाएं रेटिंग के साथ लक्षित कीमत 250 रुपये से बढ़ाकर 270 रुपये कर दी है।

इलारा कैपिटल ने विप्रो की वृद्धि की स्थिरता और भविष्य में मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव को लेकर चिंता जताई है। इलारा ने बताया कि कुल अनुबंध मूल्य (टीसीवी) कुछ तिमाहियों पहले के उच्चतम स्तर से कम हो गया है। उसने यह भी कहा कि प्रबंधन के अनुसार पहले हासिल कुछ बड़े सौदों के पूरा होने में देरी हो रही है जिससे आने वाली तिमाहियों में राजस्व पर असर पड़ सकता है।

लाभ के बारे में इलारा ने बताया कि हरमन डीटीएस का मार्जिन प्रोफाइल विप्रो के मुख्य कारोबार की तुलना में कम है, जिससे संकेत मिलता है कि मौजूदा मार्जिन स्तर टिकाऊ नहीं रह सकते और समय के साथ इनमें कमी की आशंका है। ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के लिए निकट भविष्य में राजस्व अनुमान तिमाही आधार पर 0-2 फीसदी है, जो धीमी वृद्धि की संभावना दर्शाते हैं। फर्म ने शेयर को बिकवाली रेटिंग दी है और लक्षित कीमत 210 रुपये से बढ़ाकर 220 रुपये कर दी है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में विप्रो के राजस्व में सालाना आधार पर 7.6 फीसदी की वृद्धि होगी जबकि समायोजित राजस्व और शुद्ध लाभ में क्रमशः 0.8 फीसदी और 8.1 फीसदी की गिरावट आएगी। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक वृद्धि और सौदे के मूल्य का राजस्व में स्थिर रूपांतरण शेयर के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के लिहाज से अहम होगा। फर्म ने शेयर को तटस्थ रेटिंग दी है और लक्षित कीमत 275 रुपये निर्धारित की है।

First Published : January 19, 2026 | 9:59 PM IST