Adani-Hindenburg Issue: भारत के मार्केट रेगुलेटर सेबी (Sebi) की तरफ से हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) को कारण बताओ नोटिस मिलने और फिर हिंडनबर्ग के सेबी (Sebi) पर आरोप के बाद अदाणी ग्रुप (Adani Group) का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। अदाणी के शेयरों पर इस मुद्दे का मिला-जुला असर अभी देखने को मिल रहा है।
अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग (Hindenburg) ने कहा कि उसे 27 जून को भारतीय विनियमों के संदिग्ध उल्लंघन बताते हुए एक नोटिस प्राप्त हुआ और आरोप लगाया कि जनवरी 2023 की रिपोर्ट जारी होने के बाद रेगुलेटर ने अदाणी समूह की मदद की। पूरी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
अदाणी समूह की 10 लिस्टेड कंपनियों में से, अदाणी टोटल गैस, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, न्यू दिल्ली टेलीविजन (NDTV) और अदाणी विल्मर, अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स और एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ), अदाणी ग्रीन एनर्जी और ACC-सभी कंपनियां हरे निशान में ट्रेड कर रही हैं।
अदाणी ग्रुप की कंपनियों की बात की जाए तो सबसे ज्यादा अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का शेयर चढ़ा है। 10:44 बजे कंपनी के शेयर 6.14% की उछाल के साथ 1060.85 रुपये पर ट्रेड करते देखे गए। जबकि इसकी ओपनिंग प्राइस 1000.75 रुपये पर थी।
अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी की बात की जाए तो 10:46 बजे 0.57% की बढ़त के साथ 3201.05 रुपये पर ट्रेड करते देखे गए। BSE पर कंपनी का मार्केट कैप (m-cap) मौजूदा समय में 3.65 लाख करोड़ रुपये है।
आज अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने 46 पेज की रिपोर्ट पब्लिश की है और कहा है कि उसकी तरफ से लगाए गए आरोपों के बाद भारत का मार्केट रेगुलेटर सेबी (Sebi) गुप्त तरीके से मदद कर रहा था। गौरतलब है कि 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप के खिलाफ रिपोर्ट जारी की थी, जिसके बाद ग्रुप की सभी कंपनियों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली थी।
3 जनवरी, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न याचिकाओं में सभी मामलों का निपटारा कर दिया, जिसमें शॉर्ट सेलर रिपोर्ट में आरोपों से संबंधित अलग-अलग स्वतंत्र जांच की मांग भी शामिल थी।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को लंबित दो जांचों को, तीन महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया, और अपनी जांच (24 में से 22 पहले ही पूरी हो चुकी सहित) को कानून के अनुसार उनके तार्किक निष्कर्ष पर ले जाने का निर्देश दिया।
31 मार्च, 2024 को समाप्त तिमाही (Q4FY24)के दौरान, अदाणी एंटरप्राइजेज (AEL) को सेबी से दो कारण बताओ नोटिस (SCN) प्राप्त हुए, जिसमें थर्ड पार्टी के साथ कथित संबंधित पार्टी लेनदेन और पिछले वर्षों के संबंध में वैधानिक लेखा परीक्षकों की संख्या के पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट्स की वैलिडिटी से संबंधित लिस्टिंग समझौते और सेबी LODR रेगुलेशंस के प्रावधानों का अनुपालन न करने का आरोप लगाया गया।
कंपनी ने FY24 की सालाना रिपोर्ट में कहा कि AEL के प्रबंधन का मानना है कि रिलिवेंट फाइनेंशियल स्टेटमेंट पर इन SCN का कोई महत्वपूर्ण परिणामी प्रभाव नहीं है और लागू कानूनों और रेगुलेशन साथ कोई महत्वपूर्ण गैर-अनुपालन नहीं है।