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Vivo-Dixon JV को हरी झंडी, डिक्सन के कारोबार में ₹30,000 करोड़ जुड़ने की उम्मीद; ब्रोकरेज बुलिश

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इस संयुक्त उपक्रम में देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक निर्माण सेवा (ईएमएस) कंपनी डिक्सन की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वीवो की शेष 49 फीसदी हिस्सेदारी है

Last Updated- July 12, 2026 | 9:54 PM IST
Dixon Technologies
प्रतीकात्मक तस्वीर

डेढ़ साल से ज्यादा के विलंब के बाद, सरकार ने आखिरकार डिक्सन टेक्नॉलजीज (डिक्सन) और वीवो मोबाइल इंडिया (वीवो) के बीच संयुक्त उपक्रम (जेवी) को मंजूरी दे दी है। इस संयुक्त उपक्रम में देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक निर्माण सेवा (ईएमएस) कंपनी डिक्सन की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वीवो की शेष 49 फीसदी हिस्सेदारी है। इसे प्रेस नोट 3 के तहत नियामकीय जांच की वजह से काफी विलंब का सामना करना पड़ा। इस नियम के तहत भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों (जैसे चीन) से आने वाले निवेश की अतिरिक्त समीक्षा जरूरी होती है।

इस संयुक्त उपक्रम से बिक्री वृद्धि की रफ्तार तेजी से बढ़ाने का मौका मिला है और इसकी मंजूरी के कारण डिक्सन के राजस्व और कमाई के अनुमानों में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, अल्पावधि में इसमें ज्यादा बढ़त की गुंजाइश कम हो सकती है, क्योंकि शेयर ने पिछले महीने में 13,420 रुपये के भाव पर 17 प्रतिशत और पिछले तीन महीनों में 29 फीसदी की बढ़त हासिल की है, लेकिन यह संयुक्त उपक्रम समेकन के मौके भी देता है, जिससे बेहतर मार्जिन मिलने की संभावना है।

इस संयुक्त उपक्रम का सबसे बड़ा फायदा बिक्री में होने वाली बड़ी बढ़ोतरी है। भारत में 23 फीसदी बाजार भागीदारी रखने वाली कंपनी वीवो ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 3.5 करोड़ यूनिट की बिक्री दर्ज की। कंपनी को उम्मीद है कि संयुक्त उपक्रम इस बिक्री का लगभग दो-तिहाई हिस्सा संभालेगा, जिसका मतलब है कि सालाना लगभग 2.2 करोड़ यूनिट्स की बढ़ोतरी होगी। चूंकि मंजूरी मिलने के लगभग 40 दिन बाद उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है, इसलिए राजस्व और बिक्री का पूरा फायदा दिसंबर तिमाही से मिलने की संभावना है।

प्रबंधन के अनुसार, यह संयुक्त उपक्रम राजस्व में लगभग 30,000 करोड़ रुपये जोड़ सकता है, क्योंकि इसकी औसत बिक्री कीमत डिक्सन के मौजूदा मोबाइल पोर्टफोलियो की तुलना में ज्यादा है। जेपी मॉर्गन रिसर्च को उम्मीद है कि यह संयुक्त उपक्रम वित्त वर्ष 2027 में 1.1 करोड़ मोबाइल यूनिट और वित्त वर्ष 2028 व वित्त वर्ष 2029 में हर साल 2.2 करोड़ यूनिट का योगदान देगा। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027-29 के लिए अपने राजस्व अनुमानों को 24-39 प्रतिशत तक बढ़ाया है, जबकि प्रति शेयर आय (ईपीएस) अनुमानों को 13-18 फीसदी तक ही बढ़ाया गया है, क्योंकि 51:49 भागीदारी वाले संयुक्त उपक्रम ढांचे के कारण अल्पसंख्यक हिस्सेदारी का मामला बनता है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और कीमत लक्ष्य पहले के 14,300 रुपये से बढ़ाकर 16,700 रुपये कर दिया है।

वीवो के साथ संयुक्त उपक्रम से डिक्सन के मोबाइल फोन की बिक्री 3.2 करोड़ से बढ़कर लगभग 5.5 करोड़ यूनिट हो सकती है, जिससे मोबाइल सेगमेंट के लिए कमाई का एक स्थिर जरिया बनेगा। वीवो के अलावा, ईएमएस की इस बड़ी कंपनी के पास खास तौर पर निर्यात के भी मौके हैं। कीनोट कैपिटल्स के मनीष चोराघे ने कहा कि डिक्सन अपनी सहायक इकाई इस्मार्टु और लॉन्गचीयर के साथ जेवी के जरिये अफ्रीका में निर्यात के मौकों पर विचार कर रही है।

कंपनी का निर्यात कारोबार, खासकर अमेरिका में मौजूदा बड़े ग्राहकों से मिले मजबूत समर्थन के कारण और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि कंपनी का मोबाइल व्यवसाय अपने ग्राहकों की निरंतरता और बड़े पैमाने जैसे मजबूत प्रतिस्पर्धी लाभों के कारण अच्छी स्थिति में है। फर्म ने लगभग 16,608 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ ‘खरीदें’ रेटिंग दी है।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने बताया कि मजबूत बिक्री के अलावा, डिक्सन का बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर ध्यान और विशेषीकृत इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) वर्टिकलों में विस्तार से चक्रीयता कम होने और मार्जिन में सुधार होने की उम्मीद है। कंपनी डिस्प्ले और कैमरा मॉड्यूल के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन में निवेश कर रही है। ब्रोकरेज फर्म में विश्लेषक टीना विरमानी और प्रेरित जैन को उम्मीद है कि इन पहलों का लाभ वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही से मिलना शुरू हो जाएगा। उनका अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 तक, बैकवर्ड इंटीग्रेशन इस साल पीएलआई 1.0 योजना के समाप्त होने से होने वाले मार्जिन दबाव की भरपाई से अधिक कर देगा।

एमके रिसर्च का मानना है कि डिक्सन के मजबूत रिटर्न रेश्यो, नकारात्मक कार्यशील पूंजी चक्र और मजबूत नकदी सृजन क्षमता उसके प्रीमियम मूल्यांकन को सही ठहराते हैं। ब्रोकरेज ने इसे ‘खरीदें’ रेटिंग दी है और इसका कीमत लक्ष्य 15,200 रुपये तय किया है।

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First Published - July 12, 2026 | 9:54 PM IST

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