शेयर बाजार

Stock Market: साल के आ​खिर की सुस्ती और नए कारकों के अभाव से बाजार में नरमी, सेंसेक्स-निफ्टी 0.4% टूटे

शुक्रवार को सेंसेक्स 85,042 पर बंद हुआ,जो 367 अंक या 0.4 प्रतिशत की गिरावट है। इस बीच, निफ्टी 100 अंक या 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,042 पर बंद हुआ

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- December 26, 2025 | 9:46 PM IST

भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट आई। इसकी वजह वर्ष की समाप्ति के कारण अपेक्षाकृत निवेशकों की कम भागीदारी और आगे बढ़त के लिए नए कारकों का अभाव होना है। शुक्रवार को सेंसेक्स 85,042 पर बंद हुआ,जो 367 अंक या 0.4 प्रतिशत की गिरावट है। इस बीच, निफ्टी 100 अंक या 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,042 पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह के लिहाज से दोनों सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। पिछले तीन सप्ताहों में गिरावट के बाद निफ्टी में सप्ताह में 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पिछले दो सप्ताह में गिरावट के बाद सेंसेक्स में 0.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।

बीएसई में सूचीबद्ध फर्मों का कुल बाजार पूंजीकरण 1 लाख करोड़ रुपये घटकर 474 लाख करोड़ रुपये हो गया। सप्ताह के दौरान कुल बाजार पूंजीकरण में 2.8 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।

वर्ष की समाप्ति के कारण इक्विटी बाजारों में भागीदारी अपेक्षाकृत कमजोर थी। कैश मार्केट में कारोबार 87,672 करोड़ रुपये का रहा जबकि छह महीने का औसत 1.05 लाख करोड़ रुपये है।

सितंबर तिमाही की आय से निराशा न होने और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में बदलाव और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा दर कटौती जैसे सकारात्मक नीतिगत उपायों से मदद मिलने के कारण प्रमुख सूचकांकों ने दिसंबर में इंट्राडे का नया ऊंचा स्तर बनाया।

लेकिन भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में किसी भी सकारात्मक सफलता पर स्पष्टता की कमी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और वे अब हर तेजी पर बिकवाली कर रहे हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) इस महीने 14,734 करोड़ रुपये के शुद्ध विक्रेता रहे हैं। बुधवार को रुपये की गिरावट के बीच एफपीआई ने 318 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थान 1,773 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार थे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘वर्ष के अंत में कम ट्रेडिंग और आगामी आय नतीजों से पहले सतर्क मूड के कारण मुनाफावसूली के चलते आज घरेलू इक्विटी बाजार निचले स्तर पर बंद हुए। सांता क्लॉज रैली से जुड़ा आशावाद संभावित अमेरिकी-भारत व्यापार समझौते पर प्रगति जैसे नए उत्प्रेरकों के अभाव के बीच थम गया है। एफआईआई की निरंतर बिकवाली ने भारतीय रुपये पर दबाव डाला। लार्जकैप शेयरों ने मिडकैप और स्मॉलकैप समकक्षों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया, हालांकि धातुओं और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र के शेयरों में चयन पर जोर बना रहा, जबकि आईटी, ऑटो और बैंकों में लगातार बिकवाली का दबाव देखा गया।’

अब दिसंबर तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे और भारत-अमेरिका व्यापार सौदे पर सकारात्मक खबर बाजार में तेजी के लिए नया जोश दे सकती हैं। शुक्रवार को बाजार धारणा कमजोर रही। 2,540 शेयरों में गिरावट आई और 1,690 तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान देने वाला एचडीएफसी बैंक 0.5 प्रतिशत गिर गया। आईसीआईसीआई बैंक में 0.7 प्रतिशत कमजोरी आई।

एसबीआई सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव रिसर्च के प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, ‘निफ्टी के लिए, 25,950-25,900 का दायरा महत्व् पूर्ण समर्थन के रूप में काम करेगा। 25,900 के स्तर से नीचे कोई भी लगातार कदम सूचकांक को 25,800 के स्तर की तरफ और ज्यादा नीचे ला सकता है, जिसके बाद 25,600 का स्तर होगा। ऊपर की ओर, 26,200-26,250 का स्तर सूचकांक के लिए एक मजबूत प्रतिरोध के रूप में काम करेगा।’

First Published : December 26, 2025 | 9:42 PM IST