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सेबी ने जारी किया AI व ML के इस्तेमाल पर नियमों का मसौदा

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एआई और एमएल का उपयोग करने वाले बाजार प्रतिभागियों को इन उपकरणों के प्रदर्शन और नियंत्रण की देखरेख के लिए तकनीकी विशेषज्ञता वाले वरिष्ठ प्रबंधन को नियुक्त करना होगा।

Last Updated- June 20, 2025 | 10:17 PM IST
SEBI

बाजार नियामक सेबी ने बाजार प्रतिभागियों की तरफ से इस्तेमाल किए जा रहे आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग्स ऐप्लिकेशन व टूल्स की निगरानी व गवर्नेंस के लिए दिशानर्देश का मसौदा जारी किया है। ये दिशानिर्देश जिम्मेदारी के साथ इसका इस्तेमाल सुनिश्चित करने के इरादे से लाए जा रहे हैं। प्रस्तावित दिशानिर्देशों में इसके गवर्नेंस, निवेशक सुरक्षा, खुलासा, परीक्षण की रूपरेखा, निष्पक्षता और पूर्वाग्रह तथा डेटा गोपनीयता व साइबर सुरक्षा उपायों सहित कई प्रमुख मानक शामिल हैं। अभी स्टॉक एक्सचेंज, ब्रोकर और म्युचुअल फंडों द्वारा निगरानी, ​​सोशल मीडिया एनालिटिक्स, ऑर्डर निष्पादन, केवाईसी प्रोसेसिंग और ग्राहक सहायता जैसे विभिन्न मकसदों के लिए एआई और एमएल का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

सेबी ने प्रस्ताव दिया है कि बाजार प्रतिभागियों को एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, ऐसेट मैनेजमेंट, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और सलाहकार सेवाओं जैसे परिचालन में एआई और एमएल उपकरणों के अपने उपयोग का खुलासा करना चाहिए। खुलासे में जोखिम, सीमाएं, सटीकता परिणाम, शुल्क और डेटा गुणवत्ता के बारे में जानकारी शामिल होनी चाहिए।

एआई और एमएल का उपयोग करने वाले बाजार प्रतिभागियों को इन उपकरणों के प्रदर्शन और नियंत्रण की देखरेख के लिए तकनीकी विशेषज्ञता वाले वरिष्ठ प्रबंधन को नियुक्त करना होगा। उन्हें मॉडलों की मान्यता, दस्तावेजीकरण और व्याख्यात्मकता भी बनाए रखनी होगी। इसके अतिरिक्त उन्हें समय-समय पर सटीकता के परिणाम और ऑडिट निष्कर्षों को सेबी के साथ साझा करना होगा।

सेबी ने डेटा स्वामित्व, एक्सेस नियंत्रण और एन्क्रिप्शन समेत डेटा गवर्नेंस मानदंडों को परिभाषित करने के महत्व पर जोर दिया है। नियामक ने यह भी कहा है कि एआई और एमएल उपकरणों को ग्राहकों के किसी भी समूह के साथ पक्षपात या भेदभाव नहीं करना चाहिए।

सेबी ने इन दिशा-निर्देशों को तैयार करने और एआई और एमएल के इस्तेमाल से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए एक कार्यसमूह का गठन किया है। नियामक ने कारोबारी परिचालन के लिए एक ‘लाइट फ्रेमवर्क’ का सुझाव दिया है, जो ग्राहकों को सीधे प्रभावित नहीं करता है। सेबी ने प्रस्तावों पर 11 जुलाई तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

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First Published - June 20, 2025 | 10:17 PM IST

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