शेयर बाजार

लार्सन ऐंड टुब्रो का शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर, विनिवेश और मजबूत ऑर्डर बुक से ग्रोथ को रफ्तार

पिछले एक महीने में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी के शेयर की कीमत ने बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10% की वृद्धि दर्ज की है

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दीपक कोरगांवकर   
Last Updated- February 17, 2026 | 10:28 PM IST

बीएसई पर मंगलवार को कारोबारी सत्र के दौरान में लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) के शेयर की कीमत में करीब 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और उसने 4,286 रुपये का 52 हफ्ते का नया उच्चतम स्तर छुआ। पिछले एक महीने में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी के शेयर की कीमत ने बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है।

इसकी तुलना में इस अवधि में बीएसई सेंसेक्स में 0.06 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई। शेयर की कीमत में तेज उछाल के कारण एलऐंडटी का बाजार पूंजीकरण 6 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। मंगलवार के सत्र में शेयर 1.84 फीसदी की बढ़त के साथ 4,279 रुपये पर बंद हुआ।

एलऐंडटी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एलऐंडटी पावर डेवलपमेंट के नाभा पावर (एनपीएल) में अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी टॉरेंट पावर को 3,660.87 करोड़ रुपये में बेचने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके 30 जून तक पूरा होने की उम्मीद है।

यह विनिवेश एलऐंडटी की विकास परियोजनाओं के कारोबार से बाहर निकलने और गैर-मुख्य संपत्तियों को बेचकर धन जुटाने की रणनीति के मुताबिक है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार नाभा पावर का 3,660.87 करोड़ रुपये में विनिवेश एलऐंडटी के लिए रणनीतिक रूप से सकारात्मक है क्योंकि यह कंपनी के विकास परियोजनाओं के कारोबार से बाहर निकलने और कम संपत्ति वाली अपने ईपीसी और मुख्य इंजीनियरिंग क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के मकसद के अनुरूप है।

वित्त वर्ष 2025 में एनपीएल का एकीकृत कारोबार में 1.73 फीसदी और नेट वर्थ में 3.64 फीसदी का योगदान था। हालांकि, 1,400 मेगावाट की परिचालन वाली संपत्ति को बेचकर एलऐंडटी अपेक्षाकृत कम वृद्धि और नियमन वाले कारोबार से पूंजी निकाल सकती है और इसे बुनियादी ढांचे, रक्षा, ऊर्जा परिवर्तन और विनिर्माण जैसे उच्च प्रतिफल वाले प्रमुख क्षेत्रों में दोबारा निवेश कर सकती है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कुल मिलाकर पूंजी आवंटन के दृष्टिकोण से यह कदम मूल्य बढ़ाने वाला है और एलऐंडटी की दीर्घकालिक रणनीतिक पुनर्व्यवस्था के अनुरूप है।

कंपनी के पास वर्तमान में 7.33 लाख करोड़ रुपये का ऑर्डर बैकलॉग है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में निष्पादन के रुझान, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, हाइड्रोकार्बन और सटीक इंजीनियरिंग क्षेत्रों में, इसकी काम करने की गति दर्शाते हैं। इस कारण वित्त वर्ष 2026 के नौ महीने में राजस्व में 12 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी हुई।

यह रफ्तार चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में भी जारी रहने की उम्मीद है और इससे एलऐंडटी को करीब 15 फीसदी की सालाना राजस्व वृद्धि का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी। अल्पावधि के लगभग 5.9 लाख करोड़ की मजबूत बोली संभावनाओं को देखते हुए एलऐंडटी को उम्मीद है कि वह वित्त वर्ष 2026 के लिए 10 फीसदी की वृद्धि दर पार कर जाएगी।

कुल मिलाकर, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 से 2028 के दौरान राजस्व और शुद्ध लाभ में क्रमशः 15.6 फीसदी और 19.9 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि के हिसाब से बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज फर्म ने एलऐंडटी के लिए 5030 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीद की रेटिंग बरकरार रखी है।

28 जनवरी को निवेशकों के साथ बातचीत में कंपनी ने कहा था कि अल्पावधि के लिहाज से उसके संभावित ऑर्डर 5.9 लाख करोड़ रुपये के हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि में 5.51 लाख करोड़ रुपये थे। तेल की कीमतों में उतारचढ़ाव के बावजूद यह संभावना मजबूत बनी हुई है क्योंकि एलऐंडटी का ध्यान अंतरराष्ट्रीय बाजार में शहरी विकास, बुनियादी ढांचा, गैस, अक्षय ऊर्जा, एआई और डेटा सेंटर पर है।

साथ ही देसी बाजार में उसका ध्यान बिल्डिंग व फैक्टरियों, थर्मल पावर, पावर ट्रांसमिशन और वितरण, शहरी इन्फ्रा, मेटल व खनिज पर है। सकारात्मक पक्ष के तौर पर ऑर्डर 1.2 लाख करोड़ रुपये पर मजबूत बने हुए हैं, ​जो उसे देसी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले हैं। इससे राजस्व के लिहाज से बेहतर स्पष्टता दिखती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज ने तीसरी तिमाही के नतीजों पर कहा कि इनसे 5.9 लाख करोड़ रुपये (सालाना आधार पर 7 फीसदी की वृद्धि) के संभावित प्रोजेक्ट, शुद्ध कार्यशील पूंजी में कमी और इक्विटी पर अच्छा रिटर्न जैसे मोर्चे पर राहत दिखती है, जहां घरेलू निष्पादन और कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में मार्जिन प्रदर्शन कमजोर रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने एलऐंडटी पर खरीद रेटिंग बरकरार रखी है और दो साल के लिए लक्षित कीमत को संशोधित करके 4,600 रुपये (पहले 4,500 रुपये) कर दिया है।

विश्लेषकों के अनुसार पूंजीगत व्यय में निरंतर वृद्धि और सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से एलऐंडटी और बीएचईएल जैसी कंपनियों के लिए ईपीसी, रेलवे, बिजली पारेषण, रक्षा और मुख्य पूंजीगत वस्तुओं के क्षेत्र में मध्यम से दीर्घकालिक ऑर्डर में वृद्धि हुई है।

First Published : February 17, 2026 | 10:24 PM IST