वित्त वर्ष 2025-26 में वाहन कलपुर्जा कंपनियों के शेयरों में अब तक उत्साहजनक बढ़ोतरी देखी गई है और इस दौरान चुनिंदा शेयर 100 फीसदी से भी ज्यादा उछले हैं। विश्लेषकों का कहना है कि नवंबर 2025 में वाहनों की बिक्री में इजाफे को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दर में कटौती से बल मिला है और इसने भविष्य में वाहनों की मांग में निरंतर वृद्धि का आधार तैयार कर दिया है। उन्होंने कहा, इससे आने वाले महीनों में कलपुर्जों, टायरों, बैटरियों और रिप्लेसमेंट पार्ट्स की मांग बनी रहेगी।
हालांकि, उन्होंने आगाह किया है कि वित्त वर्ष 2026 में दो अंकों की तेजी के बाद अधिकांश वाहन कलपुर्जा शेयर उचित मूल्य पर हैं। इससे इस क्षेत्र में चुनिंदा निवेश के मौके मौजूद हैं।
आईएनवीऐसेट पीएमएस के बिजनेस हेड हर्षल दासानी ने कहा, भारतीय वाहनों की बिक्री में निर्णायक तेजी आई है और नवंबर 2025 तक सभी सेगमेंट में व्यापक रूप से दो अंकों में वृद्धि दर्ज की गई है। जीएसटी दर में कटौती ने स्पष्ट रूप से इसे बढ़ाने का काम किया है और इससे खरीदारों की सामर्थ्य बढ़ी है। अनिश्चितता में फंसे लोग वापस आए हैं और शहरी व ग्रामीण इलाकों में उत्साह का संचार हुआ है।
दासानी ने कहा कि लेकिन यह उछाल चक्रीय संकेत देता है क्योंकि मांग का एक हिस्सा त्योहारी और नीतिगत कटौतियों के बाद हुई खरीदारी से प्रभावित लग रही है। उन्होंने कहा, इसलिए निवेशकों को निवेश करने से पहले संरचनात्मक सुधार और अल्पकालिक तेजी के बीच अंतर करना चाहिए।
पिछले महीने यात्री वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर 19 फीसदी की वृद्धि हुई। त्योहारी सीजन के बाद आई गिरावट के बीच यह मासिक आधार पर 8.2 फीसदी गिर गई। दोपहिया वाहन खंड में बिक्री में सालाना आधार पर 22.8 फीसदी की वृद्धि हुई, लेकिन मासिक आधार पर 8.4 फीसदी की गिरावट आई।
तिपहिया वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर 46.4 फीसदी की वृद्धि हुई लेकिन मासिक आधार पर 3.5 फीसदी की गिरावट आई जबकि वाणिज्यिक वाहनों (सीवी) की बिक्री में सालाना आधार पर 24.9 फीसदी का इजाफा हुआ। इनमें मासिक आधार पर 9.5 फीसदी की गिरावट आई।
ऐस इक्विटी के आंकड़ों के अनुसार शेयर बाजारों में ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नॉलजीज के शेयरों में चालू वित्त वर्ष में अब तक (8 दिसंबर तक) 175.56 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि ल्यूमैक्स इंडस्ट्रीज, बैंको प्रोडक्ट्स (इंडिया), एसजेएस एंटरप्राइजेज, कैरारो इंडिया, गेब्रियल इंडिया, जमना ऑटो इंडस्ट्रीज, श्रीराम पिस्टन्स ऐंड रिंग्स, भारत गियर्स और फिएम इंडस्ट्रीज के शेयरों में इस दौरान 55.02 फीसदी से लेकर 122.24 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसकी तुलना में निफ्टी-50 इंडेक्स इस अवधि में 10.38 फीसदी चढ़ा है जबकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 29.59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
प्रेसिएंट कैपिटल के पार्टनर अनुभव मुखर्जी का सुझाव है कि मध्यम से लंबी अवधि में वाहन कलपुर्जा सेक्टर अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने कहा कि चुनिंदा वाहन कलपुर्जा शेयरों, खासकर वे जो प्रति वाहन अपनी सामग्री वाहन उद्योग की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ा रहे हैं, में निवेश का आकर्षक मौका है।
उन्होंने कहा, भारतीय वाहन उद्योग में प्रीमियमीकरण का रुझान कुछ कलपुर्जा निर्माताओं को लाइटिंग, सीटें, इंस्ट्रूमेंटेशन क्लस्टर, सनरूफ आदि जैसे क्षेत्रों में अपने सीपीवी बढ़ाने में मदद कर रही है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कलपुर्जे जैसे मोटर, कंट्रोलर यूनिट, चार्जर आदि में प्रवेश (जो वर्तमान में चीन से बड़े पैमाने पर आयात हो रहे हैं) कई अच्छी तरह से संचालित वाहन कलपुर्जा कंपनियों के लिए विकास के नए रास्ते खोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकांश वाहन कलपुर्जा शेयर मौजूदा स्तर पर उचित या ज्यादा महंगे हैं, क्योंकि जीएसटी दर में कटौती और ग्रामीण मांग में सुधार से जुड़ा लाभ शामिल किया जा चुका है। मुखर्जी ने कहा, निवेशकों को उन कंपनियों की पहचान में चयनात्मक रुख अपनाना चाहिए, जिनकी व्यावसायिक योजना या तो नए कलपुर्जों में विविधीकरण की है या अपने कलपुर्जों में प्रीमियमीकरण की अनुकूल परिस्थितियों के कारण सीपीवी बढ़ाने की है।
रणनीति के तौर पर विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशक इस क्षेत्र में सोच-समझकर निवेश करें और गिरावट का इस्तेमाल लंबी अवधि के लिए खरीदारी करने में करें। आईएनवीऐसेट पीएमएस के दासानी ने कहा, बैलेंस शीट की मजबूती, मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) से जुड़ाव और परिचालन क्षमता पर ध्यान देना चाहिए। अगले 12-24 महीनों में अच्छी-गुणवत्ता वाली वाहन कलपुर्जा कंपनियों में अनुपात से ज्यादा लाभ की स्थिति है।
इलारा कैपिटल दोपहिया और यात्री वाहन से संबंधित कलपुर्जा कंपनियों के प्रति सकारात्मक बनी हुई है। वह यूनो मिंडा, गेब्रियल इंडिया, मिंडा कॉर्प और सोना बीएलडब्ल्यू जैसी कंपनियों पर सकारात्मक है।
ऐक्सिस सिक्योरिटीज के अग्रणी पसंदीदा शेयरों में सनसेरा इंजीनियरिंग, एंड्योरेंस टेक्नॉलजीज और यूनो मिंडा शामिल हैं। बीऐंडके सिक्योरिटीज ने शेफलर इंडिया, फिएम इंडस्ट्रीज, सुप्रजीत इंजीनियरिंग और एनआरबी बियरिंग्स पर दांव लगाया है।