facebookmetapixel
UP ODOC scheme: यूपी के स्वाद को मिलेगी वैश्विक पहचान, शुरू हुई ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजनाQ3 रिजल्ट से पहले बड़ा संकेत, PSU कंपनी कोचीन शिपयार्ड फिर दे सकती है डिविडेंडउत्तर भारत में फिर बढ़ेगी ठंड, IMD ने शीतलहर और घने कोहरे की दी चेतावनीUltratech Cement Q3 Results: इंडिया सीमेंट और केसोराम के मर्जर का दिखा असर, मुनाफा 27% उछलाKotak Mahindra Bank Q3 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹4,924 करोड़ पर, होम लोन और LAP में 18% की ग्रोथमध्य-पूर्व में जंग की आहट? कई यूरोपीय एयरलाइंस ने दुबई समेत अन्य जगहों की उड़ानें रोकींDividend Stocks: जनवरी का आखिरी हफ्ता निवेशकों के नाम, कुल 26 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंडDGCA के निर्देश के बाद इंडिगो की उड़ानों में बड़ी कटौती: स्लॉट्स खाली होने से क्या बदलेगा?रूसी तेल की खरीद घटाने से भारत को मिलेगी राहत? अमेरिका ने 25% टैरिफ हटाने के दिए संकेतBudget 2026: विदेश में पढ़ाई और ट्रैवल के लिए रेमिटेंस नियमों में बदलाव की मांग, TCS हो और सरल

समिति की रिपोर्ट से अदाणी के शेयरों में आई तेजी, 10 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े पर फिर से पहुंच गया एमकैप

Last Updated- May 22, 2023 | 11:16 PM IST
Adani Group

सोमवार को अदाणी समूह के शेयरों में तेजी आई। 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद से समूह के शेयर में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित की गई जांच समिति को अमेरिकी शॉर्ट सेलर द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। यही वजह है कि पिछले दो कारोबारी दिनों में इस समूह के शेयरों में तेजी का सिलसिला बरकरार रहा।

अदाणी समूह की 10 कंपनियों के शेयरों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 82,000 करोड़ रुपये तक बढ़ गया।

अदाणी एंटरप्राइजेज में 18.8 प्रतिशत, अदाणी विल्मर में 10 प्रतिशत और अदाणी पोर्ट्स ऐंड सेज में 6 प्रतिशत तक की तेजी आई। समूह के अन्य सात शेयरों में 5-5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

विश्लेषकों का कहना है कि समिति के निष्कर्ष से अदाणी समूह के शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उनका कहना है कि रिपोर्ट समूह के लिए बड़े सकारात्मक कदम की शुरुआत है और इससे गौतम अदाणी समूह को अपनी प्रस्तावित 21,000 करोड़ की कोष उगाही योजना पर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

सोमवार को समूह का बाजार पूंजीकरण फिर से 10 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया। हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुई बिकवाली के दौर में अदाणी समूह का बाजार पूंजीकरण 27 फरवरी तक घटकर 6.82 लाख करोड़ रुपये रह गया था। वहीं तेजी के संदर्भ में, गुजरात ​स्थित इस समूह का बाजार पूंजीकरण एक समय करीब 23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। 10.2 लाख करोड़ रुपये के मौजूदा स्तर पर, यह अभी भी अपने सर्वा​धिक ऊंचे स्तरों से 56 प्रतिशत नीचे है, लेकिन इस साल के निचले स्तर से 50 प्रतिशत ऊपर है।

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यू आर भट ने कहा, ‘अस्थायी तौर पर क्लीन चिट मिलने से बाजार उत्साहित दिख रहे हैं।’

जियोजित फाइनैं​शियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘जांच समिति के सदस्यों की ईमानदारी से निवेशकों में गिरावट का ​शिकार हुए ये शेयर खरीदने का भरोसा बढ़ा है। कुछ शॉर्ट कवरिंग का भी तेजी में योगदान होगा। हालांकि मूल्यांकन के नजरिये से, अदाणी के शेयर अब सस्ते नहीं हैं।’

समिति द्वारा शुक्रवार को सार्वजनिक की गई रिपोर्ट का अदाणी प्रमोटरों में किसी तरह का नकारात्मक संकेत नहीं गया है। समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि बाजार नियामक सेबी की तरफ से अदाणी समूह के मामलों की जांच में कोई नियामकीय खामी नहीं पाई गई थी।

Also read: अल्पाव​धि में बढ़ेगी पेंट कंपनियों की चमक, कम लागत की मदद से मार्जिन बढ़ने की संभावना

हालांकि सेबी न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता और रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (RPT) मानकों के क​थित उल्लंघन की जांच अभी भी कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने जांच पूरी करने के लिए सेबी को 14 अगस्त तक का समय दिया है।

भट ने कहा, ‘अभी शायद पूरी तरह क्लीन चिट नहीं मिली है। सीमेंट और बंदरगाह व्यवसायों के शेयर का उचित मूल्यांकन दिख रहा है। वहीं ऊंचे मूल्यांकन को देखते हुए अन्य शेयरों में खरीदारी ज्यादा आकर्षक नहीं लग रही है।’

Also read: आदित्य बिड़ला फैशन ऐंड रिटेल को चौथी तिमाही में हुआ 187 करोड़ रुपये का घाटा

इस महीने के शुरू में अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी ट्रांसमिशन ने घोषणा की थी कि वे 12,500 करोड़ रुपये और 8,500 करोड़ रुपये की कोष उगाही करेंगी और मुख्य तौर पर यह पैसा पात्र संस्थागत नियोजन (QIP) के जरिये जुटाया जाएगा।

जनवरी में समूह ने हिंडनबर्ग रिसर्च विवाद तूल पकड़ने की वजह से अपना 20,000 करोड़ रुपये का FPO टाल दिया था।

First Published - May 22, 2023 | 8:04 PM IST

संबंधित पोस्ट