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चीन में बिजली संकट से रसायन कंपनियों को बल

Last Updated- December 12, 2022 | 12:23 AM IST

चीन का बिजली संकट ‘संरचनात्क वृद्धि का संचालक’ हो सकता है और यह केवल एक बार वाली घटना नहीं है, इस उम्मीद से रासायनिक शेयरों को बढ़ावा मिल रहा है। खबरों के अनुसार चीन में बिजली की बढ़ती कमी से कई कारखानों के उत्पादन में रुकावट आ गई है, जिनमें कई रासायनिक विनिर्माता भी शामिल हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस घटनाक्रम से देश में रासायनिक उत्पादन 25 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीयों को लाभ मिल सकता है, विशेष रूप से रासायनिक विनिर्माताओं को।
एसीई इक्विटी के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो सप्ताह से बीएसई पर गुजरात एल्कलीज ऐंड केमिकल्स, इंडिया ग्लाइकोल्स, मेघमणि फाइनकेम, केमप्लास्ट सनमार और सोलर इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में 25 से 56 प्रतिशत के बीच इजाफा हुआ है, जबकि बीएसई 500 सूचकांक में 2.4 प्रतिशत और एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में 1.4 की बढ़त मिली है।
बीऐंडके सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक रंजीत सिरुमल्ला के अनुसार चीन में बिजली की कमी और सीमित वैश्विकआपूर्ति में विस्तार के कारण हालिया आपूर्ति व्यवधान इस खंड को लगातार रिटर्न और आय वृद्धि देने के लिए पर्याप्त बल प्रदान कर रहा है।
पार्थ अधिया और विरल शाह के साथ एक सह-लेखक वाले नोट में उन्होंने कहा है कि हालांकि हाल के अधिकांश व्यवधानों से निकट अवधि में अप्रत्याशित लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन इन घटनाओं का संरचनात्मक संचालकों में तब्दील होने की संभावना है।
इस बीच कोयले की आपूर्ति में कमी के साथ-साथ कड़े होते उत्सर्जन मानकों तथा विनिर्माताओं और उद्योग की ओर से मजबूत मांग ने कोयले की कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया है और चीन में उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध शुरू कर दिया है।
केआरचोकसी सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है ‘चूंकि कई बड़े विनिर्माता पहले से ही बढ़ती श्रम लागत, प्रदूषण नियंत्रण उपायों के कड़े कार्यान्वयन और सब्सिडी वापस लिए जाने की वजह से चीन आधारित कुछ आपूर्ति को अन्य देशों में स्थानांतरित करते हुए अपनी आपूर्ति शृंखला में विविधता लाने की तलाश में थे, इसलिए हाल की घटनाएं भारत के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकती हैं।’

First Published - October 9, 2021 | 12:16 AM IST

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