facebookmetapixel
Advertisement
कच्चे तेल की महंगाई से पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, बंगाल चुनाव बाद चौथी बार बढ़े तेल के दामMSMEs के लिए कारोबारी जरूरतों के मुताबिक बने कर्ज मॉडल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणरिकॉर्ड बिक्री और मजबूत मांग से आयशर मोटर्स के नतीजे अनुमान से बेहतरलिस्टेड रीट्स ने चौथी तिमाही में 2,566 करोड़ रुपये से ज्यादा बांटेAI की चुनौती से दबाव में आईटी शेयर, गिरावट के बाद भी सुधार की राह लंबीपश्चिम एशिया संकट की चौतरफा मार: भारतीय कंपनियों की बढ़ी लागत, महंगे होंगे ऑटो, फार्मा और राशनकमोडिटी बाजार पर फिर बढ़ेगा सेबी का फोकस, अहम विभाग फिर से शुरू करने की योजनानेपाल बॉर्डर से बुंदेलखंड तक बनेगा मेगा कॉरिडोर, UP में कनेक्टिविटी सुधारने को CM योगी का बड़ा प्लाननीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा: NTA ने अतीत से नहीं सीखा सबक, केंद्र और CBI से मांगा जवाबभारत और कनाडा के बीच ऊर्जा के लिए अपार संभावनाएं, व्यापार वार्ता भी तेज 

NSEL case: SEBI ने MMTC का रजिस्ट्रेशन किया कैंसिल

Advertisement

NSEL से जुड़े मामले में गैरकानूनी 'संबद्ध अनुबंध' में संलिप्त रहने के लिए MMTC का शेयर ब्रोकर के तौर पर पंजीकरण निरस्त कर दिया है।

Last Updated- August 03, 2023 | 4:30 PM IST
Sebi extends futures trading ban on seven agri-commodities till Jan 2025

NSEL case: बाजार नियामक सेबी ने अब बंद हो चुकी नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) से जुड़े मामले में गैरकानूनी ‘संबद्ध अनुबंध’ में संलिप्त रहने के लिए एमएमटीसी लिमिटेड (MMTC Limited) का शेयर ब्रोकर के तौर पर पंजीकरण निरस्त कर दिया है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अपने एक आदेश में एमएमटीसी का लाइसेंस रद्द करने के साथ ही उसे अपने ग्राहकों को 15 दिनों के भीतर प्रतिभूतियों या कोष को वापस निकालने या हस्तांतरण करने की अनुमति देने का निर्देश दिया है।

सेबी ने बुधवार को जारी आदेश में कहा कि अगर कोई ग्राहक ऐसा नहीं कर पाता है तो एमएमटीसी को अगले 15 दिनों में उसका कोष या प्रतिभूति किसी दूसरे पंजीकृत ब्रोकर के पास हस्तांतरित करना होगा।

एमएमटीसी दिसंबर 2015 से सेबी के पास जिंस डेरिवेटिव ब्रोकर के तौर पर पंजीकृत है और वर्तमान में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) का सदस्य है। सेबी ने अपने आदेश में कहा कि एमएमटीसी ने संबद्ध अनुबंधों में कारोबार किया था जिसे नियामकीय मंजूरी नहीं दी गई थी। इस तरह यह कारोबार गैरकानूनी था।

एनएसईएल पर संबद्ध अनुबंधों की योजना के कारोबार से निवेशकों को 5,500 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ा था।

ये भी पढ़ें : Morgan Stanley ने भारत की अर्थव्यवस्था पर दिखाया भरोसा, रेटिंग को किया अपग्रेड

Advertisement
First Published - August 3, 2023 | 4:30 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement