NSEL case: बाजार नियामक सेबी ने अब बंद हो चुकी नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) से जुड़े मामले में गैरकानूनी ‘संबद्ध अनुबंध’ में संलिप्त रहने के लिए एमएमटीसी लिमिटेड (MMTC Limited) का शेयर ब्रोकर के तौर पर पंजीकरण निरस्त कर दिया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अपने एक आदेश में एमएमटीसी का लाइसेंस रद्द करने के साथ ही उसे अपने ग्राहकों को 15 दिनों के भीतर प्रतिभूतियों या कोष को वापस निकालने या हस्तांतरण करने की अनुमति देने का निर्देश दिया है।
सेबी ने बुधवार को जारी आदेश में कहा कि अगर कोई ग्राहक ऐसा नहीं कर पाता है तो एमएमटीसी को अगले 15 दिनों में उसका कोष या प्रतिभूति किसी दूसरे पंजीकृत ब्रोकर के पास हस्तांतरित करना होगा।
एमएमटीसी दिसंबर 2015 से सेबी के पास जिंस डेरिवेटिव ब्रोकर के तौर पर पंजीकृत है और वर्तमान में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) का सदस्य है। सेबी ने अपने आदेश में कहा कि एमएमटीसी ने संबद्ध अनुबंधों में कारोबार किया था जिसे नियामकीय मंजूरी नहीं दी गई थी। इस तरह यह कारोबार गैरकानूनी था।
एनएसईएल पर संबद्ध अनुबंधों की योजना के कारोबार से निवेशकों को 5,500 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ा था।
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