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बढ़िया रिटर्न से वितरकों के दुलारे बने म्युचुअल फंड

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म्युचुअल फंड वितरण में तेजी, वित्त वर्ष 2024 में 11,600 नए वितरक जुड़े

Last Updated- November 30, 2023 | 11:47 PM IST
Mutual funds

म्युचुअल फंडों के बेहतरीन प्रदर्शन के कारण वितरक काफी तेजी से इस उद्योग के साथ जुड़ रहे हैं। भारत में म्युचुअल फंडों के संगठन (एम्फी) के आंकड़े से पता चला है कि वित्त वर्ष 2024 के पहले सात महीनों में 11,600 नए वितरक एमएफ उद्योग में जुड़े हैं, जबकि पिछले पूरे वित्त वर्ष में महज 5,555 वितरक शामिल हुए थे।

म्युचुअल फंड में भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता बढ़ रही है मगर अपनी योजनाएं बेचने के लिए ये अब भी वितरकों पर ज्यादा निर्भर हैं। अक्टूबर 2023 तक एमएफ उद्योग की 46.7 लाख करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन संपत्ति (एयूएम) में वितरकों (बैंकों समेत) का 57 प्रतिशत योगदान था। शेष एयूएम डायरेक्ट योजनाओं से जुड़ी थी, जिन्हें मुख्य तौर पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बेचते हैं।

एमएफ उद्योग के जानकारों के अनुसार म्युचुअल फंड वितरण में बढ़ती दिलचस्पी लोगों के बीच इन फंडों की बढ़ती स्वीकार्यता और बढ़ते कमीशन का परिणाम है।

अन्य कई वित्तीय योजनाओं के उलट एमएफ वितरकों की आय उनके द्वारा लाए गए व्यवसाय और इक्विटी बाजार के प्रदर्शन दोनों से जुड़ी होती है। वितरकों को बाजार मूल्य के प्रतिशत के तौर पर कमीशन मिलता है न कि निवेश की फेस वैल्यू पर।

फंड हाउस द्वारा निर्धारित प्रतिशत हरेक योजना के हिसाब से अलग अलग होता है। सक्रिय इक्विटी योजनाओं के लिए यह सामान्य तौर पर प्रति वर्ष करीब एक प्रतिशत होता है।

ऐक्सिस एएमसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी बी गोपकुमार ने कहा, ‘कई वजहों से फंडों में दिलचस्पी बढ़ रही है। इनमें डिजिटलीकरण से लेकर उद्योग से समन्वित प्रयास मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा हम बीमा एजेंटों के भीतर भी इनके लिए दिलचस्पी देख रहे हैं क्योंकि वे अपनी योजनाओं में विविधता लाने पर जोर दे रहे हैं।’

बड़ौदा बीएनपी पारिबा एमएफ के मुख्य कार्याधिकारी सुरेश सोनी ने कहा, ‘एसआईपी के जरिये रकम की लगातार बढ़ती आवक बताती है कि म्युचुअल फंडों की स्वीकार्यता भी बढ़ रही है। इसी कारण एमएफ वितरण काफी आकर्षक हो गया है। उद्योग स्तर पर एएमसी के प्रयासों से भी दिलचस्पी बढ़ी है।’

वित्त वर्ष 2024 में नई योजनाओं ने कुल सक्रिय वितरक संख्या बढ़ाकर 133,411 पर पहुंचाने में अहम योगदान दिया, जो मार्च 2020 के 87,630 के मुकाबले 52 प्रतिशत अधिक है। वितरक जोड़ने के मामले में छोटे शहरों ने शीर्ष 30 शहरों को पीछे छोड़ दिया।

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First Published - November 30, 2023 | 11:38 PM IST

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