facebookmetapixel
SME शेयर मामले में 26 लोगों पर सेबी की पाबंदी, ₹1.85 करोड़ का जुर्माना लगायाRupee vs Dollar: कंपनियों की डॉलर मांग से रुपये में कमजोरी, 89.97 प्रति डॉलर पर बंदGold-Silver Price: 2026 में सोने की मजबूत शुरुआत, रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी फिसलीतंबाकू कंपनियों पर नए टैक्स की चोट, आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भारी गिरावटम्युचुअल फंड AUM ग्रोथ लगातार तीसरे साल भी 20% से ऊपर रहने की संभावना2025 में भारती ग्रुप का MCap सबसे ज्यादा बढ़ा, परिवार की अगुआई वाला देश का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी घराना बनावित्त मंत्रालय का बड़ा कदम: तंबाकू-सिगरेट पर 1 फरवरी से बढ़ेगा शुल्कAuto Sales December: कारों की बिक्री ने भरा फर्राटा, ऑटो कंपनियों ने बेच डालें 4 लाख से ज्यादा वाहनकंपस इंडिया अब ट्रैवल रिटेल में तलाश रही मौके, GCC पर बरकरार रहेगा फोकसलैब में तैयार हीरे की बढ़ रही चमक, टाइटन की एंट्री और बढ़ती फंडिंग से सेक्टर को मिला बड़ा बूस्ट

ESG फंड से निकासी जारी, जून तिमाही में निकाले गए 520 करोड़ रुपये

सालाना आधार पर अगर बात करें, तो ESG फंडों से वर्ष 2023 में 1,060 करोड़ रुपये निकाले गए हैं और 2022 में 1,020 करोड़ रुपये निकाले गए थे

Last Updated- August 17, 2023 | 6:12 PM IST
Sebi board to approve new ESG framework

चालू वित्त वर्ष 2023-24 की अप्रैल-जून तिमाही में सतत या पर्यावरणीय, सामाजिक व संचालन व्यवस्था (ESG) फंडों से निकासी का सिलसिला जारी रहा। समीक्षाधीन तिमाही में इन फंडों से 520 करोड़ रुपये निकाले गए। मॉर्निंगस्टार की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इससे पिछली तिमाही में क्षेत्र से 470 करोड़ रुपये निकाले गए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘हालांकि शुरुआत में इसको लेकर रुचि देखी गई थी। हरित उपायों से जुड़े फंड में निरंतर पूंजी प्रवाह नहीं दिख रहा है। इससे तिमाही आधार पर इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं।’

सालाना आधार पर अगर बात करें, तो क्षेत्र से वर्ष 2023 में 1,060 करोड़ रुपये निकाले गए हैं और 2022 में 1,020 करोड़ रुपये निकाले गए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर हरित फंडों के लिए निवेशकों की रुचि बढ़ी और इनमें उल्लेखनीय वृद्धि भी हुई।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘भारतीय हरित फंड बाजार अब भी अपनी शुरुआती अवस्था में है। कोविड-19 के बाद से हमने यही प्रवृत्ति देखी है और इस दौरान कुछ नए फंड भी शुरू हुए थे। हालांकि, पिछले 24 महीने से कोई नया कोष शुरू नहीं हुआ है।’

पिछले 24 महीने में नए फंड शुरू नहीं होने से भारतीय ग्रीन फंड एसेट 10,000-12,000 करोड़ रुपये के आसपास स्थिर हो गई हैं। जून, 2023 तक स्थायी निधि संपत्ति 11,040 करोड़ रुपये थी, जिसमें एक साल पहले की तुलना में मामूली 1.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

First Published - August 17, 2023 | 6:12 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट