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सिल्वर ईटीएफ की चमक पड़ रही फीकी, कीमतें एनएवी के करीब लौटीं

पारंपरिक चांदी की वैश्विक कमी के कारण पैदा हुए इस अंतर के कारण कई फंड हाउसों ने अपने सिल्वर फंड-ऑफ-फंड्स में नए निवेश को अस्थायी रूप से रोक दिया

Last Updated- October 19, 2025 | 9:10 PM IST
Silver Price

पिछले दो कारोबारी सत्रों में चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) की रफ्तार फीकी पड़ी है, जिससे इनमें तेजी का सिलसिला थम गया है। लगातार तेजी के कारण इन ईटीएफ की कीमतें उनके शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) से काफी ऊपर पहुंच गई थीं।

वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमतें 40 डॉलर प्रति औंस के पार जाने के बाद, 9 अक्टूबर से लगातार पांच सत्रों के दौरान सिल्वर ईटीएफ में 5-10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी। पारंपरिक चांदी की वैश्विक कमी के कारण पैदा हुए इस अंतर के कारण कई फंड हाउसों ने अपने सिल्वर फंड-ऑफ-फंड्स में नए निवेश को अस्थायी रूप से रोक दिया। अब यह दबाव कम होता दिख रहा है।

शुक्रवार को, सिल्वर ईटीएफ की कीमतें मोटे तौर पर उनके सांकेतिक एनएवी के अनुरूप रहीं। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ 160.6 रुपये पर समाप्त हुआ, जो इसके एनएवी से लगभग 0.7 प्रतिशत कम है। अधिकांश योजनाओं में गिरावट दर्ज की गई, और कुछ मामलों में छूट बढ़कर लगभग 3 प्रतिशत हो गई।

यह गिरावट ज्यादा स्थिर मूल्यांकन की ओर वापसी का संकेत देती है, हालांकि हाजिर चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बनी रहीं। शुक्रवार (17 अक्टूबर) तक, सिल्वर ईटीएफ की कीमतें 14 अक्टूबर के अपने 52-सप्ताह के ऊंचे स्तर से लगभग 10 प्रतिशत नीचे थीं, जबकि पारंपरिक चांदी की कीमतें सर्वा​धिक ऊंचाई से केवल 2 प्रतिशत नीचे थीं।

सोने की तरह चांदी में भी पिछले छह महीनों में बड़ी तेजी आई है और घरेलू बाजार में लगभग 60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जो निवेश में रुचि और औद्योगिक उपयोग दोनों के कारण है। हालांकि आपूर्ति दबाव कम होने के साथ यह तेजी कम होने के शुरुआती संकेत दे रही है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि मांग मध्यम अवधि में कीमतों को मजबूत बनाए रखेगी।

मोतीलाल ओसवाल ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, ‘मध्याव​धि (2026-2027) में, सख्त होते बाजार ढांचे से कीमतें काफी बढ़ सकती हैं। आने वाले महीनों में हमें लगभग 50-55 डॉलर प्रति औंस का आधार बनता दिख रहा है, जो 2026 में 75 डॉलर के संभावित शिखर और 2027 में कमोडिटी एक्सचेंज (कॉमेक्स) पर 77 डॉलर की ओर लगातार बढ़ते हुए दिखाई देगा।’

तेजी का रुख स्थायी मांग संबं​धित कारकों पर टिका है। वेंचुरा सिक्योरिटीज में कमोडिटी डेस्क और ग्राहक संबंध प्रबंधन प्रमुख एन एस रामास्वामी ने कहा, ‘चांदी एक ऐसी धातु है जिसका इस्तेमाल आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में किया जाता है। औद्योगिक उपयोग में लगभग 59 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाली यह प्रमुख धातु भू-राजनीतिक या आर्थिक उथल-पुथल के दौरान एक सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में अपनी मजबूत मांग बनाए रखती है।’

First Published - October 19, 2025 | 9:10 PM IST

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