facebookmetapixel
Motilal Oswal 2026 Stock Picks| Stocks to Buy in 2026| मोतीलाल ओसवाल टॉप पिक्सNew Year 2026: 1 जनवरी से लागू होंगे 10 नए नियम, आपकी जेब पर होगा असर2026 की पहली तिमाही में PPF, SSY समेत अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर कितना मिलेगा ब्याज?1 फरवरी से सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, GST बढ़कर 40% और एक्साइज-हेल्थ सेस लागूGST Collections: ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 6% बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़, घरेलू रेवेन्यू पर दबाव2026 में ये 5 शेयर कराएंगे अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज ने दी BUY रेटिंग, 35% तक अपसाइड के टारगेटसेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं, 2026 के लिए एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की स्ट्रैटेजीतरुण गर्ग बने ह्युंडै मोटर इंडिया के MD & CEO, पहली बार भारतीय को मिली कमानरुपये की कमजोरी, बाजार की गिरावट का असर; 2025 में सिमटा भारत के अरबपतियों का क्लबVodafone Idea Share: 50% टूट सकता है शेयर, ब्रोकरेज ने चेताया; AGR मामले में नहीं मिली ज्यादा राहत

चुनाव के दौर में भी आती रही हैं नई फंड योजनाएं

एसबीआई और सैमको ने कहा कि उन्होंने चुनाव नतीजों के आसपास योजनाएं उतारी है जिससे कि बेहतर प्रवेश का मौका मिले।

Last Updated- May 16, 2024 | 11:10 PM IST
Debt Funds

देसी म्युचुअल फंडों की तरफ से न्यू फंड ऑफर (NFO) की पेशकशों का आमतौर पर चुनाव के चलते होने वाले उतार-चढ़ाव का खास फर्क नहीं पड़ता है। हालांकि कुछ फंडों का मानना है कि 4 जून को चुनाव नतीजों के बाद खरीदारी का बेहतर मौका मिल सकता है।

अभी पांच ऐक्टिव इक्विटी व हाइब्रिड न्यू फंड ऑफर – एसबीआई ऑटोमोटिव ऑपर्च्युनिटीज फंड, सैमको स्पेशल ऑपर्च्युनिटीज फंड, व्हाइटओक कैपिटल स्पेशल ऑपर्च्युनिटीज फंड, बजाज फिनसर्व मल्टी ऐसेट एलोकेशन फंड और बड़ौदा बीएनपी पारिबा रिटायरमेंट फंड आवेदन के लिए खुले हुए हैं। एनएफओ की अवधि पूरी होने के बाद ज्यादातर फंड इस रकम का निवेश मोटे तौर पर चुनाव के बाद ही करेंगे।

इसके अलावा, चार पैसिव इक्विटी पेशकश भी आवेदन के लिए खुली हुई हैं। एसबीआई और सैमको ने कहा कि उन्होंने चुनाव नतीजों के आसपास योजनाएं उतारी है जिससे कि बेहतर प्रवेश का मौका मिले।

एसबीआई म्युचुअल फंड के डिप्टी एमडी व संयुक्त सीईओ डी पी सिंह ने कहा कि निवेशकों के दिमाग में छाई अनिश्चितता 4 जून को समाप्त हो जाएगी। नतीजों के बाद बाजार में जो कुछ भी होगा, वह अल्पावधि की चीज होगी। हालांकि निवेशकों को दोनों ही परिदृश्य में लाभ होगा। अगर तेजी आती है तो हम इसमें तत्काल भागीदारी में सक्षम होंगे। अगर गिरावट आती है तो भी हम बेहतर मूल्यांकन पर रकम निवेश करने में सक्षम होंगे।

वित्त वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में इक्विटी व हाइब्रिड योजनाएं पेश करने में तेजी आई थी क्योंकि इक्विटी बाजारों में तेजी जारी थी। इक्विटी, हाइब्रिड और पैसिव क्षेत्र में पेशकश वित्त वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में 80 पर पहुंच गई जो इससे पिछले छह महीने में 47 थी।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार नई पेशकश पैसिव में ज्यादा रही हैं क्योंकि ज्यादातर फंडों ने पहले ही ऐक्टिव इक्विटी और हाइब्रिड योजनाओं में पेशकश पूरी कर ली है। ज्यादातर फंडों के पास अब सिर्फ थिमेटिक स्पेस में नई एक्टिव फंड योजनाओं की पेशकश की गुंजाइश है।

पिछले चुनावों के दौरान देखे गए रुझानों की तरह ही हाल के हफ्तों में इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव रहा है जबकि भाजपा की अगुआई वाली सरकार के चुने जाने की संभावना मजबूत बनी हुई है। 1 अप्रैल से बाजार ने आठ मौकों पर 0.75 फीसदी की बढ़त या गिरावट दर्ज की है। अब तक के निचले स्तर तक टूटने के बाद इंडिया वीआईएक्स इंडेक्स पिछले पखवाड़े दोगुना से ज्यादा हो गया।

First Published - May 16, 2024 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट