म्युचुअल फंड

Motilal Oswal MF ने लॉन्च किया मल्टी फैक्टर पैसिव FoF, ₹500 से निवेश शुरू; चेक करें डिटेल

यह फंड चार प्रमुख इन्वेस्टमेंट फैक्टर्स– वैल्यू, क्वालिटी, लो वोलैटिलिटी और मोमेंटम– में डावयर्सिफाइड एक्सपोजर प्रदान करेगा

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अंशु   
Last Updated- February 20, 2026 | 5:57 PM IST

NFO Alert: मोतीलाल ओसवाल म्युचुअल फंड ने शुक्रवार को मोतीलाल ओसवाल मल्टी फैक्टर पैसिव फंड ऑफ फंड्स (Motilal Oswal Multi Factor Passive Fund of Funds) पेश किया। यह एक ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड्स स्कीम है, जो पैसिव तरीके से मैनेज किए गए फैक्टर-आधारित ETF और/या इंडेक्स फंड्स की यूनिट्स में निवेश करेगी। यह चार प्रमुख इन्वेस्टमेंट फैक्टर्स– वैल्यू, क्वालिटी, लो वोलैटिलिटी और मोमेंटम– में डावयर्सिफाइड एक्सपोजर प्रदान करेगा। फंड हाउस के मुताबिक, इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) सब्सक्रिप्शन के लिए आज यानी 20 फरवरी से खुल गया है और 6 मार्च को बंद होगा।

Motilal Oswal Multi Factor Passive FoF की डिटेल

फंड का नाम – मोतीलाल ओसवाल मल्टी फैक्टर पैसिव फंड ऑफ फंड्स

फंड टाइप – ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड्स स्कीम

NFO ओपन डेट – 20 फरवरी, 2026

NFO क्लोजिंग डेट – 6 मार्च, 2026

मिनिमम निवेश – ₹500 और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में

मिनिमम SIP निवेश – ₹500

प्लान – रेगुलर और डायरेक्ट (Growth ऑप्शन के साथ)

एग्जिट लोड – अलॉटमेंट की तारीख से 15 दिनों के अंदर रिडीम करने पर 1% एग्जिट लोड लगेगा

बेंचमार्क – Nifty 500 Total Return Index

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (very high risk)

फंड मैनेजर – स्वप्निल मायकर, दिशांत मेहता और राकेश शेट्टी

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फंड की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी क्या होगी?

स्कीम इनफार्मेशन डॉक्यूमेंट (SID) के अनुसार, निवेश का मकसद हासिल करने के लिए यह स्कीम एक तय (सिस्टेमैटिक) तरीके से निवेश करेगी। कुल निवेश को चार हिस्सों में बांटा जाएगा और हर फैक्टर में 25% निवेश होगा। ये चार फैक्टर्स हैं- मोमेंटम, क्वालिटी, लो वोलैटिलिटी और वैल्यू। हर तीन महीने में इन एलोकेशन की समीक्षा की जाएगी। अगर किसी फैक्टर का हिस्सा अपने लक्ष्य से 5% ऊपर या नीचे जाता है, तभी पोर्टफोलियो में बदलाव (रीबैलेंसिंग) किया जाएगा।

मोतीलाल ओसवाल म्युचुअल फंड के बिजनेस चीफ (पैसिव फंड्स) प्रतीक ओसवाल ने कहा, “फैक्टर इन्वेस्टिंग एक ऐसा तरीका है जिसमें नियम-आधारित निवेश और अलग-अलग फैक्टर्स में डाइवर्सिफिकेशन मिलता है। मोतीलाल ओसवाल मल्टी फैक्टर पैसिव फंड ऑफ फंड्स चारों फैक्टर्स में बराबर निवेश करता है। इससे किसी एक फैक्टर पर निर्भरता कम हो जाती है। यह एक पारदर्शी और कम लागत वाला तरीका है। इसका मकसद एक तय ढांचे के तहत अलग-अलग फैक्टर्स में संतुलित निवेश देना है।

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किसे करना चाहिए निवेश?

SID के अनुसार, यह स्कीम उन निवेशकों के लिए बेहतर साबित हो सकती है जो लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाना चाहते हैं। यह उन लोगों के लिए भी सही है जो पैसिव तरीके से मैनेज किए गए फैक्टर-आधारित ETF और/या इंडेक्स फंड्स में निवेश करना चाहते हैं। इसमें कई फैक्टर्स में डाइवर्सिफाइड निवेश का मौका मिलता है।


(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published : February 20, 2026 | 5:57 PM IST