प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
शेयर बाजार यह हफ्ता फिर से हलचल भरा रह सकता है। घरेलू आर्थिक आंकड़ों, मासिक फ्यूचर्स-ऑप्शंस की एक्सपायरी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने वाले कदम की वजह से निवेशक सतर्क रहेंगे। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि ये सारी चीजें मिलकर बाजार को ऊपर-नीचे घुमाएंगी।
विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातें, कच्चे तेल की कीमतें और दुनिया भर के ब्याज दरों के संकेत भी इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा बताते हैं कि 24 फरवरी को मंथली F&O एक्सपायरी होने वाली है, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहेगा। घरेलू मोर्चे पर इस हफ्ते GDP के आंकड़े, सरकार का बजट मूल्य, विदेशी मुद्रा भंडार और इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के साल-दर-साल नंबर आने वाले हैं।
ट्रंप ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई देशों समेत भारत पर 150 दिनों के लिए 10 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। अगले दिन इसे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। इससे व्यापार की नई अड़चनें पैदा होने और दुनिया भर में असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ट्रंप द्वारा लगाए गए ये टैरिफ गैरकानूनी हैं। कोर्ट का कहना था कि राष्ट्रपति ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट का इस्तेमाल करके अपनी सीमा लांघ दी थी। यह उनके दूसरे कार्यकाल की बड़ी आर्थिक योजनाओं के लिए बड़ा झटका है।
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मिश्रा कहते हैं कि निवेशक ट्रंप के नए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के असर को ध्यान से देखेंगे। यह ट्रेड के रास्ते, टैरिफ की संरचना और दुनिया भर के रिस्क मूड को बदल सकता है।
जियो जित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका-ईरान के रिश्तों में क्या हो रहा है, कच्चे तेल की कीमतें कैसे चल रही हैं और ग्लोबल मॉनेटरी सिग्नल्स क्या कह रहे हैं, इन सब पर नजर रखनी होगी। भारत का GDP डेटा भी खासतौर पर महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इससे कंपनियों की कमाई की रफ्तार और बाजार की पोजिशनिंग का अंदाजा लगेगा।
पिछले हफ्ते बाजार का मूड मिला-जुला रहा। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.22 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। निफ्टी 100.15 अंक यानी 0.39 फीसदी ऊपर रहा। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, पावर और कुछ चुनिंदा FMCG शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई जिससे ग्लोबल अनिश्चितता का असर कम हुआ।
IT सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा। AI से जुड़ी गड़बड़ियों और मार्जिन पर पड़ने वाले बोझ की चिंता बनी रही। फिर भी बड़े शेयरों में मजबूती, कुछ खास सेक्टर्स में पैसा आने और भारत की Pax Silica में हिस्सेदारी को लेकर उम्मीद बनी रहने से बाजार पॉजिटिव नोट पर खत्म हुआ।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि घरेलू बाजार अभी कुछ समय तक रेंज में ही घूमता रहेगा। लिक्विडिटी का बहाव और ग्लोबल रिस्क का माहौल ही यहां मुख्य ट्रिगर होंगे।
(PTI के इनपुट के साथ)