म्युचुअल फंड

Aditya Birla Sun Life MF ने उतारा नया ETF, ₹500 से टॉप-10 प्राइवेट और सरकारी बैंकों में निवेश का मौका

फंड हाउस के मुताबिक, इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) सब्सक्रिप्शन के लिए आज यानी 23 फरवरी से खुल गया है और 25 फरवरी को बंद होगा

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अंशु   
Last Updated- February 23, 2026 | 5:07 PM IST

NFO Alert: आदित्य बिरला सन लाइफ म्युचुअल फंड ने सोमवार को आदित्य बिरला सन लाइफ बीएसई टॉप 10 बैंक्स ईटीएफ (Aditya Birla Sun Life BSE Top 10 Banks ETF) लॉन्च किया। यह एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) है, जो निवेशकों को आसान, पारदर्शी और अनुशासित तरीके से भारत के टॉप 10 बड़े प्राइवेट और सरकारी बैंकों में निवेश करने का मौका देता है। इसके जरिए आप भारत की मजबूत फाइनैंशियल सिस्टम की संभावित ग्रोथ का हिस्सा बन सकते हैं। फंड हाउस के मुताबिक, इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) सब्सक्रिप्शन के लिए आज यानी 23 फरवरी से खुल गया है और 25 फरवरी को बंद होगा।

Aditya Birla Sun Life BSE Top 10 Banks ETF

फंड का नाम – आदित्य बिरला सन लाइफ बीएसई टॉप 10 बैंक्स ईटीएफ

फंड टाइप – ओपन-एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड

NFO ओपन डेट – 23 फरवरी, 2026

NFO क्लोजिंग डेट – 25 फरवरी, 2026

मिनिमम निवेश – ₹500 और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में

एग्जिट लोड – कुछ नहीं

बेंचमार्क – BSE Top 10 Banks Total Return Index

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (very high risk)

फंड मैनेजर – प्रिया श्रीधर

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बैंकिंग शेयरों में निवेश क्यों?

फंड हाउस के मुताबिक, भारत की फाइनैंशियल सिस्टम की कुल संपत्तियों में बैंकों की हिस्सेदारी 60% से ज्यादा है। देश की प्रगति में बैंकों की अहम भूमिका होती है। जैसे-जैसे लोगों तक कर्ज (क्रेडिट) की पहुंच बढ़ रही है और वित्तीय जागरूकता फैल रही है, यह क्षेत्र और महत्वपूर्ण होता जा रहा है। यह तेज आर्थिक विकास का एक मजबूत आधार बन रहा है।

पिछले 10 वर्षों में भारत में बैंकिंग गतिविधियां काफी मजबूत हुई हैं। बैंकों की कमाई, जमा (डिपॉजिट) और कर्ज (क्रेडिट) लगभग तीन गुना हो गए हैं। कैलेंडर ईयर 2025 में बैंकों ने पिछले एक दशक की सबसे मजबूत बैलेंस शीट के साथ साल खत्म किया। इसमें अच्छी एसेट क्वालिटी, मजबूत पूंजी (कैपिटल) और बहुत कम एनपीए (खराब कर्ज) शामिल हैं।

आर्थिक तनाव के समय बैंकिंग इंडेक्स ने बेहतर स्थिरता दिखाई है और रिकवरी के समय इनका प्रदर्शन आम इंडेक्स से बेहतर रहा है। कैलेंडर ईयर 2025 में इस सेक्टर ने लगभग 18% रिटर्न दिया। इससे यह सेक्टर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में शामिल हो गया है।

फंड की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी क्या होगी?

स्कीम इनफार्मेशन डॉक्यूमेंट (SID) के अनुसार, निवेश का मकसद हासिल करने के लिए यह स्कीम पैसिव तरीके से मैनेज की जाएगी। स्कीम इंडेक्स में शामिल शेयरों में ही निवेश करेगी। हर शेयर में उतना ही निवेश किया जाएगा, जितना उसका इंडेक्स में वेटेज है। फंड की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी का मुख्य उद्देश्य ट्रैकिंग एरर को कम से कम रखना है। इसके लिए समय-समय पर पोर्टफोलियो को रीबैलेंस किया जाएगा।

रीबैलेंसिंग करते समय इंडेक्स में शेयरों के वेट में बदलाव और स्कीम में आने-जाने वाले पैसे (निवेश/रिडेम्प्शन) को ध्यान में रखा जाएगा। अगर इंडेक्स में कोई बदलाव होता है या कंपनियों से जुड़ी कोई कॉर्पोरेट कार्रवाई होती है, तो स्कीम को 7 दिनों के भीतर रीबैलेंस किया जाएगा। इसके अलावा, स्कीम जरूरत के अनुसार कैश और डेट/मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में भी निवेश कर सकती है, ताकि लिक्विडिटी और खर्चों को मैनेज किया जा सके।

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किसे करना चाहिए निवेश?

फंड हाउस के मुताबिक, यह स्कीम उन निवेशकों के लिए बेहतर साबित हो सकती है जो लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाना चाहते हैं। यह उन लोगों के लिए भी सही है जो पैसिव तरीके से मैनेज किए गए ETF के जरिये भारत के टॉप 10 बड़े प्राइवेट और सरकारी बैंकों में निवेश करना चाहते हैं। इस स्कीम में जोखिम बहुत ज्यादा है। इस फंड को प्रिया श्रीधर मैनेज करेगीं।


(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published : February 23, 2026 | 4:15 PM IST