Auto Stocks: जब बाकी सेक्टरों में सुस्ती की चर्चा हो रही है, उसी वक्त ऑटो सेक्टर ने अलग ही कहानी लिखनी शुरू कर दी है। मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट बताती है कि जनवरी 2026 में गाड़ियों की मांग ज्यादातर सेगमेंट्स में जोरदार बनी हुई है। वाहन पोर्टल Vahan के आंकड़े इशारा करते हैं कि कारों को छोड़कर लगभग हर सेगमेंट में रिटेल बिक्री मजबूत है और कंपनियां लगातार गाड़ियां बाजार में भेज रही हैं।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में तस्वीर थोड़ी अलग है। रिटेल स्तर पर बिक्री में हल्की सुस्ती जरूर है, लेकिन कंपनियों के पास डीलर स्तर पर गाड़ियों का स्टॉक बेहद कम है। यही वजह है कि जनवरी में कार कंपनियों की डिलीवरी कमजोर नहीं पड़ने वाली। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर कार कंपनियों के पास सिर्फ कुछ ही दिनों का स्टॉक बचा है, जिससे फैक्ट्रियों से गाड़ियों की सप्लाई तेज बनी हुई है।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि मारुति सुजुकी जनवरी में भी अपनी रफ्तार बनाए रखेगी। नए मॉडल विक्टोरिस, छोटी कारों की वापसी और एक्सपोर्ट की मजबूती से कंपनी को फायदा मिल रहा है। मांग इतनी तेज है कि कंपनी को सप्लाई की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और FY27 की पहली छमाही में क्षमता बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कॉम्पैक्ट एसयूवी की बढ़ती मांग और नई सिएरा की वजह से जनवरी में जोरदार ग्रोथ दर्ज कर सकती है। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा नई 7XO की डिलीवरी शुरू होने से अपनी मजबूती बरकरार रखेगी। हुंडई की घरेलू बिक्री भले ही कमजोर रहे, लेकिन एक्सपोर्ट उसके लिए सहारा बन सकता है।
दोपहिया वाहनों में जनवरी 2026 ने रफ्तार पकड़ ली है। कम बेस, गांवों और शहरों में सुधरती मांग और शादी के सीजन की शुरुआत ने बिक्री को पंख लगा दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में दोपहिया वाहनों की डिलीवरी सालाना आधार पर करीब 19 फीसदी उछल सकती है। टीवीएस और रॉयल एनफील्ड इस सेगमेंट में सबसे आगे नजर आ रहे हैं।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी कहानी बदली हुई है। तीसरी तिमाही में मजबूत मांग के बाद चौथी तिमाही को लेकर भी भरोसा बना हुआ है। जीएसटी दरों में कटौती के बाद उपभोक्ता मांग में सुधार से ट्रक और बस कंपनियों को सहारा मिला है। जनवरी में कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की डिलीवरी करीब 17 फीसदी बढ़ने का अनुमान है, वह भी पिछले साल के ऊंचे बेस के बावजूद।
ग्रामीण भारत से सबसे दमदार संकेत ट्रैक्टर सेगमेंट से आ रहे हैं। सामान्य मानसून, अच्छी फसल, बेहतर एमएसपी और सरकार की जीएसटी राहत ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है। ट्रैक्टर और उसके पुर्जों पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी करने से मांग और तेज हुई है। नतीजतन जनवरी 2026 में ट्रैक्टर बिक्री करीब 21 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में भी ऑटो सेक्टर की मांग मजबूत बनी रह सकती है। जैसे-जैसे बिक्री सुधरेगी, कंपनियां छूट और डिस्काउंट कम करती जाएंगी। ब्रोकरेज ने मारुति सुजुकी, टीवीएस मोटर और महिंद्रा एंड महिंद्रा को अपने टॉप पिक्स बताया है, जबकि ऑटो पार्ट्स सेगमेंट में एंड्योरेंस, SAMIL, MSWIL और हैप्पी फोर्जिंग्स पर भरोसा जताया गया है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट ब्रोकरेज अनुमानों पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।