facebookmetapixel
Visa फ्लेक्स जल्द ही भारत में आएगा, एक ही कार्ड से डेबिट और क्रेडिट दोनों का मिलेगा लाभबिकवाली और आयातकों की मांग से रुपया डॉलर के मुकाबले 91.96 पर, एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बनीIndusInd Bank Q3 Results: मुनाफे पर पड़ा भारी असर, लाभ 91% घटकर ₹128 करोड़ पर पहुंचाविदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्जपेमेंट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड खत्म होने से फिनटेक फर्मों के राजस्व पर मामूली असर भारत ब्राजील से तेल की खरीद दोगुनी करेगा, BPCL-पेट्रोब्रास 78 करोड़ डॉलर के समझौते पर करेंगे हस्ताक्षरअमीर निवेशकों की पसंद बने AIF, निवेश प्रतिबद्धता 16 लाख करोड़ रुपये के पारमुक्त व्यापार समझौते के करीब भारत और यूरोपीय यूनियन, 27 जनवरी को हो सकता है बड़ा ऐलानभू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना, चांदी और प्लैटिनम रिकॉर्ड स्तर परमुनाफे में 8% उछाल के साथ इंडियन बैंक की दमदार तिमाही, MD बोले: हम बिल्कुल सही रास्ते पर

क्या Adani Green स्टॉक बेचकर NTPC ग्रीन IPO में निवेश करना सही है? जानिए विशेषज्ञों की राय

अदाणी समूह के सभी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। अदाणी ग्रीन के शेयर 20% गिरकर 1,136 रुपये के स्तर तक पहुंच गए।

Last Updated- November 21, 2024 | 3:41 PM IST
Adani Power Plant

गुरुवार को अदाणी ग्रुप के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इसका कारण न्यूयॉर्क में गौतम अदाणी पर लगे आरोप हैं। उन पर अरबों डॉलर की रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, अदाणी ग्रीन एनर्जी के पूर्व सीईओ वनीत जैन और गौतम अदाणी ने कथित तौर पर 3 बिलियन डॉलर (करीब 24,000 करोड़ रुपये) के कर्ज और बॉन्ड जुटाने में भ्रष्टाचार छुपाया।

इस खबर के बाद गुरुवार को अदाणी समूह के सभी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। अदाणी ग्रीन के शेयर 20% गिरकर 1,136 रुपये के स्तर तक पहुंच गए।

विश्लेषकों का कहना है कि इस घटना के चलते निवेशकों में घबराहट दिखी, जिससे अदाणी समूह के शेयरों में तेज गिरावट आई। हालांकि, उनका मानना है कि अदाणी ग्रीन और अन्य शेयरों में स्थिति साफ होने के बाद सुधार हो सकता है। फिलहाल, निवेशकों को अदाणी समूह के शेयरों में निवेश करने से बचने और लंबे समय के आधार पर सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह दी गई है।

स्वतंत्र बाजार एक्सपर्ट अंबरीश बलिगा ने कहा कि यह निवेशकों की घबराहट में की गई सेलिंग है। उन्होंने कहा, “कुछ हफ्तों में हालात नॉर्मल हो सकते हैं। तब तक इन्वेस्टर्स को संभलकर चलना चाहिए। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी (NGEL) के IPO में इन्वेस्ट उसके फायदों के आधार पर करें, ना कि इसलिए कि अदाणी ग्रीन जैसी कंपनी अभी विवादों में है।”

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी (NGEL), एनटीपीसी की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका टोटल पोर्टफोलियो 26,071 मेगावॉट है, जिसमें 3,320 मेगावॉट के ऑपरेशनल प्रोजेक्ट्स, 13,576 मेगावॉट के कॉन्ट्रैक्टेड और अवॉर्डेड प्रोजेक्ट्स, और 9,175 मेगावॉट की पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

दूसरी ओर, अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है। इसका वर्तमान प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो 20,434 मेगावॉट है और इसका कुल एसेट बेस 2 बिलियन डॉलर है। कंपनी के पास 100% पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) हैं।

स्वतंत्र बाजार विशेषज्ञ ए के प्रभाकर का सुझाव है कि निवेशक फिलहाल अदाणी समूह के शेयरों से दूरी बनाकर रखें और स्थिति साफ होने का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी ग्रीन और अदाणी ग्रीन की तुलना करते समय IPO के मूल्यांकन को ध्यान में रखकर ही निवेश का फैसला करना चाहिए।

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी (NGEL) अपने आईपीओ में प्रति शेयर ₹108 के ऊपरी प्राइस बैंड पर ₹91,000 करोड़ का मार्केट कैपिटलाइजेशन चाह रही है। FY25 के वार्षिक आय और IPO के बाद की पूरी तरह से डायल्यूटेड पेड-अप कैपिटल के आधार पर, कंपनी 4.96x का प्राइस-टू-बुक (PB) और 259.56x का प्राइस-टू-अर्निंग्स (PE) मल्टीपल मांग रही है।

स्वतंत्र बाजार विशेषज्ञ अंबरीश बलिगा ने कहा कि एनटीपीसी ग्रीन का वैल्यूएशन काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा, “पावर सेक्टर की कंपनियों के लिए PE रेशियो 20-25x के आसपास होना चाहिए। एनटीपीसी ग्रीन का मौजूदा वैल्यूएशन निवेशकों के लिए चिंता की बात है। वहीं, अदाणी ग्रुप के शेयर तब तक दबाव में रहेंगे जब तक स्थिति साफ नहीं होती। सिर्फ अदाणी ग्रुप के शेयरों पर दबाव होने की वजह से एनटीपीसी ग्रीन को अदाणी ग्रीन से बदलना या इसके उलट करना सही निवेश फैसला नहीं होगा।”

First Published - November 21, 2024 | 3:41 PM IST

संबंधित पोस्ट