facebookmetapixel
Advertisement
बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी सेंधमारी: 1TB डेटा डार्क वेब पर हुआ लीक, जांच में जुटी एजेंसियांHDFC Bank के बोर्ड ने अपने ही अधिकारियों पर की कार्रवाई, MD-CFO पर लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्मानासुप्रीम कोर्ट की दो टूक: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मौलिक, आंदोलन के नाम पर पुलिस ज्यादती जायज नहींटाटा पावर का मुनाफा 11% बढ़ा, 2030 तक ट्रांसमिशन में ₹40,000 करोड़ निवेश की तैयारी में कंपनीCoal India Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा लगभग स्थिर, पर आय में 8.4% की बढ़ोतरीआइकिया इंडिया साल 2030 तक चार गुना राजस्व करने की तैयारी में, 30 स्टोर खोलने का भी लक्ष्यविपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, सजा और जुर्माने को बनाया गया और कठोरजल्द आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के नए प्लास्टिक बैंक नोट, सरकार ने RBI को दी मंजूरीलोढ़ा डेवलपर्स डेटा सेंटर की जमीन बेचकर करेगी ₹10,000 करोड़ की कमाई, अगले 3-4 साल में बिक्री का लक्ष्यIndian Hotels Q1 Results: मजबूत घरेलू मांग के दम पर चमकी इंडियन होटल्स, राजस्व-मुनाफे में शानदार उछाल

स्मॉलकैप फंडों से तीस महीने में पहली बार निवेश निकासी

Advertisement

Smallcap funds: मासिक आधार पर 16 फीसदी गिरावट के बावजूद, इ​क्विटी योजनाओं में 22,600 करोड़ रुपये का निवेश

Last Updated- April 10, 2024 | 9:26 PM IST
स्मॉलकैप फंडों से तीस महीने में पहली बार निवेश निकासी. Investment withdrawal from small cap funds for the first time in thirty months

सक्रिय इ​क्विटी म्युचुअल फंड (एमएफ) योजनाओं ने मार्च में भी 22,600 करोड़ रुपये का निवेश आक​र्षित किया, भले ही हाल के समय में बेहद सर्वा​धिक मांग में रही स्मॉलकैप फंड श्रेणी ने 30 महीने में अपनी पहली शुद्ध निकासी दर्ज की। भारत में म्युचुअल फंडों के संगठन (एम्फी) के आंकड़े से पता चलता है कि मार्च में निवेश फरवरी के 26,860 करोड़ रुपये के दो साल के ऊंचे स्तर के मुकाबले 16 प्रतिशत कम है। इस निवेश को एसआईपी विकल्प के जरिये दर्ज किए गए 19,270 करोड़ रुपये के पूंजी प्रवाह से मदद मिली।

एमएफ अ​धिकारियों के अनुसार, स्मॉलकैप फंडों से निकासी पोर्टफोलियो में बदलाव की वजह से भी हो सकता है।

कोटक महिंद्रा एएमसी में सेल्स, मार्केटिंग ऐंड डिजिटल बिजनेस के राष्ट्रीय हेड मनीष मेहता ने कहा, ‘बढ़ते बाजार से निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली को बढ़ावा मिला, जबकि एसआईपी में उत्साह बरकरार रहा। हमें निवेश पुनर्संतुलन देखने को मिला है, जिसमें निवेशक स्मॉलकैप योजनाओं से लार्जकैप की ओर
गए हैं।’

पिछले तीन महीनों के दौरान स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों में दिलचस्पी घटने के बीच लार्जकैप और फ्लेक्सीकैप योजनाओं के पूंजी प्रवाह में अच्छी तेजी दिखी है। नियामकों और विश्लेषकों द्वारा चेतावनी जारी किए जाने के बाद इन फंडों में निवेशकों की दिलचस्पी घट गई, क्योंकि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में बुलबुले जैसी ​स्थिति पैदा हो गई थी।

मिरे ऐसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के वाइस चेयरमैन एवं सीईओ स्वरूप आनंद मोहंती ने कहा, ‘जहां फरवरी तक, इक्विटी प्रवाह मुख्य रूप से मिड और स्मॉलकैप फंडों के पक्ष में था, वहीं हमने मार्च में मामूली सुस्ती देखी। कई निवेशकों ने ऊंचे रिटर्न की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्मॉलकैप फंडों की ओर रुख किया, हालांकि ऐसे फंडों में बहुत ज्यादा निवेश लंबे समय में जो​खिम भरा हो सकता है।’

कम जो​खिम वाली इ​क्विटी पेशकश समझी जाने वाली लार्जकैप और फ्लेक्सीकैप योजनाओं ने कैलेंडर वर्ष 2024 में 12,134 करोड़ रुपये आक​र्षित किए, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप योजनाओं के लिए यह आंकड़ा 10,970 करोड़ रुपये ​था।

पैसिव योजनाओं ने भी वित्त वर्ष 2024 में दमदार पूंजी प्रवाह बनाए रखा। गोल्ड ईटीएफ समेत एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) ने 12,800 करोड़ रुपये की पूंजी आक​र्षित की, जो सितंबर 2022 के बाद से सर्वा​धिक है। हाइब्रिड फंडों के लिए निवेश फरवरी के मुकाबले 5,584 करोड़ रुपये के साथ कमजोर रहा।

हालांकि डेट-केंद्रित योजनाओं से लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की वजह से उद्योग स्तर पर, निकासी का आंकड़ा निवेश के मुकाबले कहीं ज्यादा था। 1.6 लाख करोड़ रुपये की निकासी और मिडकैप और स्मॉलकैप योजनाओं में मार्क-टु-मार्केट नुकसान से प्रबंधन अधीन परिसंप​त्तियां (एयूएम) मासिक आधार पर 2 प्रतिशत घटकर 53.4 लाख करोड़ रुपये रह गईं।

Advertisement
First Published - April 10, 2024 | 9:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement