अक्षय ऊर्जा क्षेत्र का दिग्गज ग्रीनको समूह अगले तीन साल में विभिन्न परियोजनाओं में निवेश करने के लिए स्थानीय बैंकों से इक्विटी और ऋण के संयोजन के रूप में 4.5 अरब डॉलर तक जुटाने की योजना बना रहा है। भारत स्थित ग्रीनको रिन्यूएबल्स पावर मॉरीशस की ग्रीनको पावर प्रोजेक्ट्स की सहायक कंपनी है, जो ग्रीनको समूह की नियंत्रक कंपनी ग्रीनको एनर्जी होल्डिंग्स (जीईएच) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
समूह को पहले ही अपने शेयरधारकों से 1.3 अरब डॉलर के इक्विटी योगदान के लिए प्रतिबद्धताएं प्राप्त हो चुकी हैं। समूह की मॉरीशस इकाई हरित बॉन्ड बेचकर 75 करोड़ डॉलर की रकम जुटा चुकी है, जिसका इस्तेमाल भंडारण क्षमता निर्माण में किया जाएगा। बैंकिंग क्षेत्र के एक सूत्र ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया ‘2.45 अरब डॉलर की शेष राशि उन भारतीय बैंकों से प्राप्त होगी, जो हरित परियोजनाओं, भंडारण और ऊर्जा परिवर्तन में निवेश करने के इच्छुक हैं।’
समूह नियंत्रक कंपनी में 10 अरब डॉलर के कुल मूल्यांकन पर एक अरब डॉलर में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए कनाडा की वित्तीय दिग्गज ब्रुकफील्ड ऐसेट मैनेजमेंट के साथ भी अलग से बातचीत कर रहा है। एक बैंकिंग सूत्र ने कहा ‘ब्रुकफील्ड के धन निवेश से कंपनी भारत में अक्षय ऊर्जा के लिए भंडारण क्षमता का निर्माण करेगी।’
ब्रुकफील्ड के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ग्रीनको को भेजे गए ईमेल पर कोई जवाब नहीं मिला। जीईएच के अन्य शेयरधारकों में सिंगापुर की जीआईसी (जीईएच में 55.5 प्रतिशत हिस्सेदारी), जापान की ओरिक्स (22.6 प्रतिशत हिस्सेदारी), अबू धाबी की एडीआईए (13.9 प्रतिशत हिस्सेदारी) शामिल हैं तथा शेष हिस्सेदारी संस्थापक अनिल कुमार चलामालासेट्टी और महेश कोल्ली के पास है।