facebookmetapixel
MCA ने कंपनी निदेशकों के KYC नियमों में दी बड़ी राहत, अब हर साल नहीं बल्कि 3 साल में एक बार करना होगा अपडेटहाइपरसर्विस के असर से ओला इलेक्ट्रिक की मांग और बाजार हिस्सेदारी में तेजी, दिसंबर में 9,020 स्कूटरों का हुआ रजिस्ट्रेशनदिसंबर 2025 में इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में उछाल, TVS टॉप पर; बजाज–एथर के बीच मुकाबला तेजव्हीकल रजिस्ट्रेशन में नया रिकॉर्ड: 2025 में 2.8 करोड़ के पार बिक्री, EVs और SUV की दमदार रफ्तारEditorial: गिग कर्मियों की हड़ताल ने क्यों क्विक कॉमर्स के बिजनेस मॉडल पर खड़े किए बड़े सवालभारत का झींगा उद्योग ट्रंप शुल्क की चुनौती को बेअसर करने को तैयारभारत में राज्यों के बीच निवेश की खाई के पीछे सिर्फ गरीबी नहीं, इससे कहीं गहरे कारणमनरेगा की जगह आए ‘वीबी-जी राम जी’ पर सियासी घमासान, 2026 में भी जारी रहने के आसारबिना बिल के घर में कितना सोना रखना है कानूनी? शादी, विरासत और गिफ्ट में मिले गोल्ड पर टैक्स के नियम समझेंMotilal Oswal 2026 Stock Picks| Stocks to Buy in 2026| मोतीलाल ओसवाल टॉप पिक्स

गोल्डमैन सैक्स और फिडेलिटी को हिस्सेदारी घटाने का समय मिला

Last Updated- December 07, 2022 | 6:02 PM IST

सरकार ने विदेशी निवेशकों को जून 2009 तक कमोडिटी एक्सचेंजों में अपनी हिस्सेदारी घटाने को कहा है। गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी इंटरनेशनल और इंटर कंटीनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) को कमोडिटी एक्सचेंज में हिस्सेदारी घटाकर 5 प्रतिशत  करने के लिए अगले साल जून तक का समय मिला है।


गोल्डमेन  की नेशनल कमोडिटी और डेरिवेटिव एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) में 7 प्रतिशत की हिस्सेदारी है जबकि आईसीई की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत है। इसी तरह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया में फिडेलिटी की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत है जबकि सिटीग्रुप, मेरिल लिंच, और एनवाईएसई यूरोनेक्स्ट में से प्रत्येक की 5 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

वाणिज्य मंत्रालय ने अपने  एक बयान में कहा है कि एक्सचेंजों को 30 जून 2009 तक सरकार को शेयर पूंजी की संरचना के बारे में विस्तार से सूचनाएं देनी होगी और साथ में उस अवधि तक सभी एक्सचेंजों में विदेशी हिस्सेदारी घटकर 49 प्रतिशत हो जानी चाहिए। बयान में कहा गया है कि सरकार सूचना मिली है कि कुछ एक्सचेंज में विदेशी हिस्सेदारी तय सीमा से अधिक है जोकि तर्कसंगत नहीं है।

मौजूदा नियमों के अनुसार सरकार ने कमोडिटी एक्सचेंज में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26 प्रतिशत तय की है।विदेशी संस्थागत निवेशक एक बार एक्सचेंज के सूचीबध्द हो जाने के बाद अपनी हिस्सेदारी में 23 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकते हैं।

लेकिन स्टॉक एक्सचेंज जहां कि किसी भी तरह के निवेशक की हिस्सेदारी व्यक्तिगत तौर पर 5 प्रतिशत से ज्यादा की नहीं हो सकती है जबकि नेशनल कामोडिटी एक्सचेंज में भारतीय प्रवर्तक के लिए हिस्सेदारी की सीमा 40 प्रतिशत तय की गई है।वित्तीय,कमोडिटी बाजार से जुड़े संस्थानों को 20 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी रखने की छूट दी जा सकती है जबकि विदेशी निवेशक अधिकतम 5 प्रतिशत की हिस्सेदारी रख सकते है।

एमसीएक्स को आरंभिक सार्वजनिक पेशकश लाने की छूट दी गई है। अभी कमजोर बाजार  को देखते हुए अधिकांश कंपनियों ने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश जहां टाल दिए हैं वहीं एमसीएक्स ने अपनी आईपीओ की योजना को बाजार में लाने का फैसला किया है।

First Published - August 21, 2008 | 10:22 PM IST

संबंधित पोस्ट