शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के दाम घटने के बाद रविवार को भी सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में गिरावट जारी रही। गोल्ड ईटीएफ कारोबारी सत्र के दौरान करीब 6 फीसदी टूट गया। इसने 29 जनवरी को अपना उच्चतम स्तर छू लिया था। इस स्तर से अब यह 18 फीसदी नीचे आ गया है।
सिल्वर ईटीएफ के मामले में गिरावट और भी ज्यादा रही। रविवार को इस ईटीएफ में निचला सर्किट लगने के कारण अधिकांश समय ये कारोबार के लिए बंद रहे। सत्र के दौरान ईटीएफ ने निचला सर्किट पार कर लिया जबकि सत्र के दौरान इनमें 10 से 15 फीसदी गिरावट आई।
ऐसा ईटीएफ और शेयरों के लिए सर्किट बैंड तय करने के तरीके में अंतर की वजह से हुआ। इस समय ईटीएफ 20 फीसदी के निश्चित प्राइस बैंड के तहत आते हैं, जिनमें आधार मूल्य दो कारोबारी दिन पहले (टी-2) की नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) के आधार पर तय किया जाता है।
हालांकि मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए एक्सचेंजों ने गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के लिए प्राइस बैंड की गणना में टी-2 के बजाय टी-1 के एनएवी को आधार बनाने का फैसला किया है। बीएसई ने रविवार को जारी सर्कुलर में कहा, ‘सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए एक्सचेंज पर गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के लिए संदर्भ मूल्य संबंधित म्यूचुअल फंड द्वारा प्रकाशित टी-1 के एनएवी के आधार पर तय किया जाएगा।
इसके अनुसार, ट्रेडिंग के उद्देश्य से निर्धारित±20 प्रतिशत का प्राइस बैंड अब उक्त टी-1 एनएवी मूल्य पर लागू होगा।’ मजबूत तेजी के बाद पिछले कुछ सत्रों में सोने और चांदी की कीमतों में मुनाफावसूली के कारण गिरावट देखने को मिली है।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की हाजिर कीमतों में करीब 10 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है, जो 1983 के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट है। यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पद के लिए अपनी पसंद का ऐलान किया।
चांदी की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो एक दिन में गिरावट का चांदी का अब तब का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। ट्रंप की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और निवेशकों की मुनाफावसूली को इस तेज गिरावट के प्रमुख कारणों के तौर पर देखा जा रहा है।