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Budget 2026: GIFT City की इकाइयों के लिए टैक्स हॉलिडे 10 से बढ़ाकर 20 साल करने का प्रस्ताव

केंद्र सरकार ने आईएफएससी में स्थित ट्रेजरी सेंटरों के माध्यम से किए जाने वाले समूह के भीतर ऋण और अग्रिमों के कर उपचार को भी तार्किक और सरल बनाने का प्रस्ताव किया है

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समी मोडक   
Last Updated- February 01, 2026 | 11:01 PM IST

रविवार को पेश आम बजट में गिफ्ट सिटी इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) में स्थापित इकाइयों के कारोबारों के लिए टैक्स हॉलिडे (कर छूट) की अवधि को मौजूदा 10 साल से बढ़ाकर 20 साल करने का प्रस्ताव किया गया। इस कदम का उद्देश्य इस वित्तीय केंद्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करना है।

वित्त विधेयक, 2026 के प्रावधानों के मुताबिक ‘आईएफएससी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए आईएफएससी में स्थापित इकाइयों के लिए छूट की अव​धि 25 वर्षों में से 20 लगातार वर्षों तक तथा ऑफशोर बैंकिंग यूनिट्स (ओबीयू) के लिए भी 20 लगातार वर्षों तक करने का प्रावधान है। इसके तहत टैक्स-हॉलिडे अव​धि खत्म होने के बाद इन इकाइयों की कारोबारी आय पर 15 फीसदी कर लगेगा, जो सामान्य तौर पर लगने वाले 25 से 38 फीसदी कर से कम है। ये बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। केंद्र सरकार ने आईएफएससी में स्थित ट्रेजरी सेंटरों के माध्यम से किए जाने वाले समूह के भीतर ऋण और अग्रिमों के कर उपचार को भी तार्किक और सरल बनाने का प्रस्ताव किया है।

वर्तमान में आईएफएससी इकाइयों और ऑफशोर बैंकिंग यूनिट (ओबीयू) को 15 वर्षों के ब्लॉक में से 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत कर छूट की पात्रता प्राप्त है। गिफ्ट सिटी के प्रबंध निदेशक संजय कौल ने कहा, ‘कर कटौती की अवधि बढ़ाए जाने से वह स्पष्टता और पूर्व अनुमान लगाने की क्षमता मिलती है, जिसकी वैश्विक वित्तीय संस्थान दीर्घकालिक स्थान चयन और पूंजी आवंटन से जुड़े फैसले लेते समय तलाश करते हैं।’

First Published : February 1, 2026 | 10:46 PM IST