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गोल्ड लोन और व्हीकल फाइनेंस में तेजी के बीच मोतीलाल ओसवाल के टॉप पिक बने ये 3 शेयर

NBFC सेक्टर में मांग की वापसी के संकेत दिखने लगे हैं। गोल्ड लोन और व्हीकल फाइनेंस सेगमेंट में तेजी के बीच मोतीलाल ओसवाल ने तीन NBFC शेयरों को अपनी टॉप पिक बताया है

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- January 05, 2026 | 11:54 AM IST

NBFC stocks: NBFC सेक्टर में कर्ज की मांग को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। जहां कुछ सेगमेंट में लोग फिर से लोन लेने लगे हैं, वहीं कई हिस्सों में अभी भी सुस्ती बनी हुई है। दिसंबर 2025 की तिमाही में लोन ग्रोथ का हाल मिला-जुला रहा, जिससे साफ है कि सेक्टर में सुधार की शुरुआत तो हो चुकी है, लेकिन पूरी रफ्तार पकड़ने में अभी समय लगेगा।

कौन-से सेगमेंट आगे निकल रहे हैं?

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय वाहन फाइनेंस और गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों का कारोबार सबसे अच्छा चल रहा है। वाहन फाइनेंस कंपनियों का कुल कर्ज साल भर में करीब 17 फीसदी बढ़ सकता है। त्योहारों का मौसम, जीएसटी में कटौती और पहले से रुकी हुई मांग की वजह से लोगों ने ज्यादा गाड़ियां खरीदीं और लोन लिया।

वहीं, गोल्ड लोन सेगमेंट में तेजी और भी ज्यादा है। इस सेगमेंट का कारोबार साल भर में करीब 39 फीसदी तक बढ़ सकता है। इसकी बड़ी वजह मुथूट फाइनेंस है, जहां गोल्ड लोन का कारोबार करीब 48 फीसदी बढ़ा है।

हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की AUM में करीब 11 फीसदी सालाना बढ़ोतरी का अनुमान है, लेकिन डिस्बर्समेंट उम्मीद से कमजोर रहा। बैंकों से कड़ी प्रतिस्पर्धा और तिमाही के दौरान छुट्टियों का असर इस सेगमेंट पर पड़ा है।

माइक्रोफाइनेंस अब भी दबाव में क्यों है?

माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में अभी कमजोरी बनी हुई है। इन कंपनियों का कुल कर्ज या तो घट सकता है या फिर ज्यादा बढ़े बिना वहीं का वहीं रह सकता है। इसकी वजह यह है कि लोन देने वाली कंपनियां अभी ज्यादा लोगों को कर्ज देने के बजाय यह देख रही हैं कि लोन सुरक्षित है या नहीं। इसी कारण कई लोगों के लोन आवेदन खारिज किए जा रहे हैं।

उधारी सस्ती हो रही है, लेकिन फायदा सबको बराबर क्यों नहीं?

NBFC कंपनियों की उधारी लागत में गिरावट जारी है। इसके बावजूद नेट इंटरेस्ट मार्जिन का असर हर सेगमेंट में अलग है। बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर मार्जिन का दबाव रह सकता है, जबकि सस्ती हाउसिंग फाइनेंस और वाहन फाइनेंस कंपनियों को इसका ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।

एसेट क्वालिटी में कितना सुधार?

ज्यादातर सेगमेंट में एसेट क्वालिटी स्थिर बनी हुई है। माइक्रोफाइनेंस कंपनियों में बैड लोन की स्थिति धीरे-धीरे सुधर सकती है, लेकिन पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लगेगा।

आगे मुनाफे की तस्वीर कैसी है?

NBFC सेक्टर के लिए शुद्ध मुनाफे में करीब 26 फीसदी सालाना बढ़ोतरी का अनुमान है। माइक्रोफाइनेंस कंपनियों को अलग करें, तो मुनाफा करीब 19 फीसदी बढ़ सकता है। इन हालात को देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि वाहन फाइनेंस, गोल्ड लोन और अलग-अलग तरह के लोन देने वाली कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। इस सेक्टर में ब्रोकरेज की टॉप पिक श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस, PNB हाउसिंग फाइनेंस और आदित्य बिड़ला कैपिटल हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : January 5, 2026 | 11:54 AM IST