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एफएमपी और लिक्विड असेट पर मंदी का असर नहीं

Last Updated- December 07, 2022 | 3:44 PM IST

इस साल मई में अचल कुमार गुप्ता ने एसबीआई म्युचुअल फंड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पदभार संभाला है। इससे पहले वह यहीं पर चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में काम कर रहे थे।


प्रिया नाडकर्णी से एक विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि कैसे उनका फंड भारत की तीन प्रमुख एसेट मैंनेजमेंट कंपनियों में आने की तैयारी कर रहा है।

बाजार में छाई मंदी का आपके कारोबार पर कितना असर पडा है?

मंदी का असर सिर्फ इक्विटी एसेट तक ही सीमित है और एफएमपी और लिक्विड एसेट तेजी से बढ़ रहे हैं और बाजार की मंदी का इन पर असर नहीं हुआ है। हम अभी एसेट अंडर मैंनेजमेंट के लिहाज से छठे स्थान पर आते हैं और एक साल के भीतर हमारा लक्ष्य तीन प्रमुख एसेट मैंनेजमेंट कंपनियों में अपनी जगह बनाना है।

नई शाखाओं के खोलने के समय हम तात्कालिक घटनाओं को लेकर विचलित नहीं हो रहें है। इस समय देश भर में हमारी करीब 135 शाखाएं हैं और अगले तीन सालों में हम इनकी संख्या बढ़ाकर 500 तक करना चाहते हैं।

एसबीआई हमारा सबसे बडा वितरक है जिसका हमारे एसेट अंडर मैंनेजमेंट में हिस्सा करीब 22 प्रतिशत का है। इस साल हम 35 नए कार्यालय खोलने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए 100 से ज्यादा लोग नियुक्त करेंगे।

आप अपने ऑफशोर और पोर्टफोलियो मैंनेजमेंट कारोबार की ताजा स्थिति के बारे में बताएं।

हमारे पास इक्विटी इन्वेस्टमेंट के लिए मॉरिशस में 160 से 170 लाख डॉलर का ऑफशोर फंड है। अपने संस्थागत पोर्टफोलियो प्रबंधन योजनाओं (पीएमएस)के जरिए हम 5000 करोड़ रुपये का प्रबंध करते हैं। हमें कोरिया, जापान, हांगकांग और आस्ट्रेलिया में आठ निवेशकों से इंस्टीटयूशनल मैंडेट्स मिले हैं।

पीएमएस श्रेणी के अंतर्गत हम एनआईएफ फंड में भारत सरकार के विनिवेश के 571 करोड़ रुपये का प्रबंधन भी करते हैं। ज्यादातर पैसों को डेट फंड में निवेश किया जाता है जबकि 5 से 10 प्रतिशत का निवेश इक्विटी में होता है।

हम अपने ऑफशोर फंड के तहत कुछ बदलाव लाने की योजना बना रहे हैं जिसमें शरिया सेगमेंट और विनिर्माण संबंधित क्षेत्र शामिल हैं और इस संबंध में सेबी को लिखा भी जा चुका है। इनमें से प्रत्येक का आकार 10 करोड़ डॉलर का होगा जो कि बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

भारत में आप किस तरह के उत्पाद लांच करने की योजना बना रहे हैं?

गोल्ड ईटीएफ लांच करने के बारे में हमने पहले ही सेबी को एक ऑफर डॉक्यूमेंट सौंपा है और इंटरनेशनल इमर्जिंग ऑपर्च्युनिटीज फंड लांच करने की योजना बना रहे हैं।

इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस से जुड़े उत्पाद भी हमारी योजनाओं का हिस्सा हैं। हमें बाजार की मौजूदा मांग पर ध्यान देना है। हम कैपिटल प्रोटेक्शन फंड सीरीज 3 के लिए सेबी को ऑफर डॉक्यूमेंट भी सौंपेंगे और फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान लांच करना जारी रखेंगे।

First Published - August 7, 2008 | 9:44 PM IST

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