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वित्त वर्ष 23 में इक्विटी का आकर्षण बना रहेगा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 8:17 PM IST

बीएस बातचीत

वित्त वर्ष 2022 में 1.42 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) बिकवाली के बावजूद पीजीआईएम इंडिया म्युचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी श्रीनिवास राव रवूरी ने लवीशा दराड़ को बताया कि अल्पावधि और कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ब्याज दर चक्र की सवारी करने के लिहाज से उपयुक्त विकल्प हैं। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:
वित्त वर्ष 2023 में बाजारों से आपको प्रतिफल से संबंधित क्या उम्मीदें हैं?
हम मौजूदा समय में समेकन की स्थिति में हैं। इस हालात में भी कई उतार-चढ़ाव हैं। यूक्रेन में हमला जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन इससे चिंताएं समाप्त नहीं होंगी, क्योंकि  समस्याएं बरकरार रह सकती हैं। इसकी वजह यह है कि प्रतिबंध समाप्त होने की संभावना नहीं है। वित्त  वर्ष 2021 और वित्त वर्ष 2022 में मजबूत प्रतिफल के बाद अन्य मजबूत वर्ष की संभावना कम है, क्योंकि मौजूदा भूराजनीतिक स्थिति और मुद्रास्फीति से हालात चिंताजनक बने हुए हैं।

एफपीआई अक्टूबर से बिक्री पर जोर दे रहे हैं। क्या आप अगले कुछ महीनों के दौरान बिक्री की आशंका देख रहे हैं?
हमने हाल के दिनों में एफआईआई प्रवाह में नरमी दर्ज की है। माना जा रहा है कि हालात भविष्य में बेहतर होंगे। अल्पावधि प्रवाह का अनुमान लगाना असंभव है, क्योंकि ब्याज दरें अमेरिकी में सख्त होने लगी हैं। हालांकि भारत दीर्घावधि ढांचागत विकास को देखते हुए विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक स्थान है। म्युचुअल फंडों में प्रवाह और खुदरा निवेशकों से बाजार को मदद मिली। घरेलू प्रवाह बचत के वित्तीयकरण के संदर्भ में बना रहेगा और इक्विटी आकर्षक परिसंपत्ति वर्ग बना रहेगा।

बढ़ती ब्याज दरों के बीच निवेशकों को डेट फंडों को लेकर क्या नजरिया अपनाना चाहिए?
निवेशकों को ऐसे फंडों पर विचार करना चाहिए जो सक्रिय तौर पर प्रबंधित हों और कम पोर्टफोलियो अवधि के हों। शॉर्ट-ड्यूरेशन और कॉरपोरेशन बॉन्ड फंड कम अवधि के लिए बॉन्ड फंडों को सक्रिय तौर पर प्रबंधित करने में सफल रहे हैं और वे ब्याज दर चक्र में बदलाव के लिहाज से भी उपयुक्त हैं।

निवेशकों को वित्त वर्ष 23 के परिणामों से क्या उम्मीदें हैं?
वित्त वर्ष 2023 की आय के संबंध में कुछ अनिश्चितता है। हालांकि अनुमान अभी भी वित्त वर्ष 2023 के लिए 17 प्रतिशत आय वृद्घि पर बने हुए हैं, लेकिन हम आगामी सप्ताहों में इनमें कटौती देखेंगे और चुनौतीपूर्ण परिवेश में दो अंक की वृद्घि दर हासिल करने में सक्षम हो पाएंगे।

आपकी निवेश रणनीति क्या रही है? विभिन्न योजनाओं पर आपके पास कितनी नकदी है?
हम जीएआरपी (उचित कीमत पर वृद्घि) की निवेश अवधारणा पर अमल करते हैं, जिसे आय वृद्घि के लिहाज से महत्वपूर्ण समझा जाता है, जबकि संभावित वृद्घि के लिए अतिरिक्त कीमत चुकाने से परहेज कर रहे हैं। हमने नए जमाने की कंपनियों के आईपीओ में निवेश से पूरी तरह परहेज किया है और अपने पोर्टफोलियो को मौजूदा परिवेश को ध्यान में रखते हुए बदला है। हमारे पास औसत नकदी स्तर करीब 2-4 प्रतिशत होगा।

First Published : April 1, 2022 | 11:52 PM IST