Coal India का शेयर बाजार में सस्ते वैल्यूएशन पर मिल रहा है, लेकिन ब्रोकरेज हाउस चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि ये “सस्ता दिखने वाला शेयर” असल में एक Value Trap यानी दिखावे में अच्छा लेकिन असल में कमजोर स्टॉक है। उन्होंने शेयर पर ‘SELL’ की सलाह दी है और ₹290 का टारगेट प्राइस दिया है, यानी इसमें करीब 25% गिरावट की आशंका बताई है।
Coal India अपना कोयला भारी छूट पर बेचती है। इसके अलावा कंपनी का बिक्री मॉडल भी कमजोर है यानी कंपनी ज्यादा मुनाफे वाले कोयले की बजाय सस्ते कोयले की बिक्री ज्यादा करती है। इससे कंपनी की कमाई पर सीधा असर पड़ता है। चॉइस का कहना है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मुनाफे के मकसद से नहीं, बल्कि सरकारी सप्लाई पर आधारित है।
आने वाले कुछ सालों में Coal India करीब ₹80,000 करोड़ का पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स करेगी, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा यानी EBIT ज्यादा नहीं बढ़ेगा। ब्रोकरेज ने कहा कि ये ऐसा है जैसे कोई ट्रेडमिल पर दौड़ रहा हो लेकिन आगे नहीं बढ़ रहा हो।
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Coal India के पास ₹32,800 करोड़ का नकद बैलेंस है, लेकिन इस पर पहले से ही कई तरह की देनदारियां और खर्च तय हैं। इनमें से एक बड़ी राशि “स्ट्रिपिंग एक्टिविटी” के लिए रखी गई है, जिसे अगले 5 से 15 साल में धीरे-धीरे खर्च किया जाएगा। यानी जो कैश कंपनी के पास दिख रहा है, वो असल में पूरी तरह उपलब्ध नहीं है।
Coal India जो कोयला निकालती है, उसकी ऊष्मा क्षमता (GCV) लगातार घट रही है। मतलब, कोयले से मिलने वाली ऊर्जा कम हो रही है, जिससे कंपनी की बिक्री कीमत और मुनाफे पर असर पड़ता है। पिछले 10 सालों से यह गिरावट देखी जा रही है और फिलहाल इसके सुधरने के कोई संकेत नहीं हैं।
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Coal India एक तरह से कैश काउ यानी लगातार मुनाफा देने वाली कंपनी है, लेकिन सारा फ्री कैश डिविडेंड देने में चला जाता है। इसलिए ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का सही वैल्यूएशन Dividend Discount Model (DDM) से किया जाना चाहिए। इसी आधार पर शेयर का टारगेट ₹290 रखा गया है।
Coal India का डिविडेंड यील्ड करीब 7% है जो देखने में आकर्षक लगता है, लेकिन जब तक कंपनी में मुनाफा बढ़ाने वाले और कारण नहीं होंगे, ये रिटर्न निवेशकों को संतुष्ट नहीं कर पाएगा।
ब्रोकरेज का कहना है कि अगर सरकार अपनी नीति बदलकर कोयले की कीमतें बाजार भाव के अनुसार तय करने लगे और कंपनी को मुनाफा कमाने की आज़ादी मिले, तभी स्थिति सुधर सकती है। फिलहाल, ऐसा कोई संकेत नहीं है।
डिस्क्लेमर: यह खबर ब्रोकरेज की रिपोर्ट के आधार पर है, निवेश संबंधित फैसले लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।