रोजमर्रा का सामान बनाने वाली प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में दोगुना से भी ज्यादा शुद्ध मुनाफा हुआ है। आइसक्रीम कारोबार को अलग करने से मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ा है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6,607 करोड़ रुपये रहा। असाधारण मद को छोड़ दें तो वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में एचयूएल का कर बाद मुनाफा 1 फीसदी बढ़कर 2,562 करोड़ रुपये रहा। मात्रात्मक बिक्री 4 फीसदी बढ़ी और आय पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 5.7 फीसदी बढ़कर 16,441 करोड़ रुपये हो गई।
एचयूएल की मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान मांग में सुधार के शुरुआती संकेत दिखे, जिसे अनुकूल नीतिगत उपायों से सहारा मिला। हमने आय में 6 फीसदी और वॉल्यूम में 4 फीसदी की वृद्धि के साथ प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया है।’ उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी और जीएसटी में कटौती का भी फायदा मिला है। अब शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में स्थिर और मजबूत वृद्धि दिख रही है।’
यूनिलीवर के मुख्य कार्याधिकारी फर्नांडो फर्नांडीज ने नतीजों की घोषणा के बाद अपने निवेशकों से कहा, ‘भारत में वॉल्यूम वृद्धि बेहतर हो रही है।’
कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में एचयूएल का एबिटा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3 फीसदी बढ़कर 3,788 करोड़ रुपये रहा। एबिटा मार्जिन 23.3 फीसदी पर बना रहा। नायर ने कहा, ‘हमने अपने ब्रांडों के साथ बड़े पैमाने पर लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया और ज्यादा वृद्धि और मांग वाले बाजारों में विस्तार किया। क्विक कॉमर्स के साथ भविष्य के चैनलों को बढ़ाने की अपनी क्षमता को भी मजबूत किया।’
एचयूएल ने घोषणा की कि वह न्यूट्रिशनलैब (वेलबीइंग न्यूट्रिशन) में अपनी 19.8 फीसदी हिस्सेदारी यूएसवी प्रा. लि. को 307 करोड़ रुपये में बेचेगी। कंपनी जीवी वेंचर्स प्रा. लि. (ओजिवा) को 824 करोड़ रुपये में खरीदेगी। कंपनी के निदेशक मंडल ने पहले से तय मूल्यांकन के हिसाब से 824 करोड़ रुपये में बाकी 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दे दी है, जिससे ओजिवा पूरी तरह से एचयूएल के स्वामित्व वाली सहायक इकाई बन जाएगी।
कंपनी को उम्मीद है कि दोनों सौदे मार्च तक पूरी हो जाएंगे। एक अलग विज्ञप्ति में यूएसवी ने कहा कि उसने न्यूट्रिशनलैब में 79 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी 1,583 करोड़ रुपये में पूरी तरह नकद में खरीदने के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।