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बढ़त का सिलसिला बने रहने से बॉन्ड प्रतिफल चढ़ा

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Last Updated- December 11, 2022 | 5:01 PM IST

सॉवरिन बॉन्ड बाजार ने शुक्रवार को भारी बिकवाली दर्ज की, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मुद्रास्फीति को नियं​त्रित करने की अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है जिससे बाजार भी चकित हो गया, क्योंकि उसे केंद्रीय बैंक से इस बार नरम रुख अपनाए जाने की उम्मीद थी।
10 वर्षीय बॉन्ड पर प्रतिफल शुक्रवार को 14 आधार अंक चढ़कर 7.30 प्रतिशत पर पहुंच गया, जिससे 4 मई को आरबीआई द्वारा अचानक की गई दर वृद्धि के बाद से यह एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है।
बॉन्ड कीमतों और प्रतिफल के बीच विपरीत संबंध है।  
शुक्रवार को, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रीपो दर 50 आधार अंक बढ़ाकर 5.40 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की और रियायत को लेकर अपने सख्त रुख को फिर से दोहराया।
बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण यह है कि केंद्रीय बैंक चालू वित्त वर्ष के लिए अपने 6.7 प्रतिशत के मुद्रास्फीति अनुमान को कम नहीं करे, भले ही उसने यह स्वीकार गया था कि महंगाई बढ़ने के संकेत दिखे हैं।
बाजार के लिए अनि​श्चितता इसे लेकर थी कि वै​श्विक परिवेश यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आक्रामक नीतिगत सख्ती से काफी अ​स्थिर हो गया था।
ट्रेजरी ​अ​धिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को बॉन्ड बाजार को नुकसान की मात्रा आरबीआई द्वारा भविष्य में कम आक्रामक रुख का संकेत दिए जाने की बढ़ती अटकलों पर निर्भर थी।
1 से 4 अगस्त के बीच, 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल कई कारकों की वजह से 17 आधार अंक तक घट गया। इनमें अमेरिका में टेक्नीकल तौर पर मंदी और आरबीआई द्वारा दर वृद्धि की राह नरम बनाने की तरफ रुझान से संबं​धित खबरें शामिल थीं जिससे कारोबारियों ने बॉन्डों पर ध्यान केंद्रित किया।

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First Published - August 6, 2022 | 2:06 AM IST

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