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बैंकिंग सेक्टर में लौट रही रफ्तार, ब्रोकरेज ने कहा- ये 5 Bank Stocks बन सकते हैं कमाई का जरिया

कमजोर पहली छमाही के बाद तीसरी तिमाही में बैंकिंग सेक्टर की कमाई सुधरने की उम्मीद, एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने बताए पसंदीदा बैंक शेयर

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- January 07, 2026 | 10:46 AM IST

Banking Sector: कमजोर शुरुआत के बाद अब बैंकिंग सेक्टर की रफ्तार धीरे-धीरे लौटती दिख रही है। लोगों और कंपनियों की ओर से कर्ज लेने की मांग बढ़ रही है, बैंकों की कमाई पर दबाव कम हो रहा है और फंसे कर्ज की स्थिति भी ज्यादा नहीं बिगड़ी है। ऐसे में वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही बैंकों के लिए कुछ राहत लेकर आ सकती है। पहली छमाही में कारोबार सुस्त रहा था, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि अगली तिमाही में बैंकों की कमाई बेहतर हो सकती है, हालांकि खेती से जुड़े कुछ मामलों में परेशानी बनी रह सकती है।

Q3FY26 में कमाई में सुधार की उम्मीद

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बैंकिंग सेक्टर की कुल कमाई में साल भर के मुकाबले करीब 5.3 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 1 फीसदी की बढ़त हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली छमाही में हालात कमजोर रहे थे, लेकिन अब कर्ज देने की रफ्तार बढ़ रही है, जिससे बैंकों की आमदनी को फायदा मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, 3QFY26 में प्राइवेट बैंकों की कमाई साल भर के मुकाबले करीब 3 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 4 फीसदी बढ़ सकती है। वहीं, सरकारी बैंकों की कमाई में सालाना आधार पर करीब 8 फीसदी की बढ़त हो सकती है, लेकिन पिछली तिमाही में एक बार मिले खास फायदे के कारण तिमाही आधार पर इसमें करीब 3 फीसदी की कमी आ सकती है।

कर्ज बढ़ेगा, लेकिन जमा की रफ्तार धीमी

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, 3QFY26 में बैंकों का कर्ज साल भर के मुकाबले बढ़कर करीब 11.3 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 3.7 फीसदी तक पहुंच सकता है। इसके मुकाबले बैंकों में जमा होने वाला पैसा उतनी तेजी से नहीं बढ़ेगा और इसकी बढ़त सालाना करीब 10 फीसदी तथा तिमाही आधार पर 2.4 फीसदी रहने का अनुमान है। कर्ज तेजी से बढ़ना और जमा की रफ्तार धीमी रहना बैंकों के लिए आगे एक बड़ी चुनौती बना रह सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस तिमाही में बैंकों की कमाई पर मिलने वाला ब्याज मार्जिन ज्यादा घटने वाला नहीं है और इसमें हल्का सुधार भी हो सकता है। खासकर HDFC बैंक, फेडरल बैंक और सिटी यूनियन बैंक में यह सुधार ज्यादा दिख सकता है। वहीं, सरकारी बैंकों की हालत इस मामले में ज्यादा नहीं बदलेगी और उनका मार्जिन लगभग पहले जैसा ही रह सकता है। मुनाफे के पैमाने पर भी पूरे बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन ज्यादा बदलाव के बिना स्थिर रहने की उम्मीद है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से ट्रेजरी पर दबाव

एंटीक के अनुसार, बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज में बढ़ोतरी होने से 3QFY26 में बैंकों को ट्रेजरी से होने वाली कमाई पिछली तिमाही के मुकाबले कम हो सकती है। इसका असर बैंकों की दूसरी आय पर पड़ सकता है और इसका ज्यादा दबाव सरकारी बैंकों पर दिखने की आशंका है।

इन संकेतों पर रहेगी बाजार की नजर

आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बैंक जमा यानी डिपॉजिट कितना इकट्ठा कर पाते हैं और बिना गारंटी वाले कर्ज को लेकर उनका क्या रुख रहता है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने अपनी पसंद के शेयरों में प्राइवेट बैंकों से ICICI बैंक, HDFC बैंक, करूर वैश्य बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को चुना है, जबकि सरकारी बैंकों में उसकी पहली पसंद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : January 7, 2026 | 10:46 AM IST