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BUY या SELL? कमजोर बाजार में एनालिस्ट ने बताए आज के 3 सबसे अहम स्टॉक्स

कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच बाजार दबाव में है। ऐसे माहौल में रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा ने 2 BUY और 1 SELL की अहम रणनीति बताई है

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 22, 2026 | 8:10 AM IST

शेयर बाजार में दबाव का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार एक और कारोबारी सत्र में बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की सोच पर गहरी चोट की। निफ्टी ने दिन की शुरुआत ही गिरावट के साथ की और शुरुआती घंटों में जरूरी सपोर्ट स्तर संभाल नहीं पाया। डर का माहौल ऐसा रहा कि निफ्टी फिसलते-फिसलते करीब 24,900 के पास पहुंच गया। दोपहर में कुछ बड़े शेयरों में सस्ते भाव पर खरीदारी से हल्की राहत जरूर मिली, लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं सकी। दिन के अंत में निफ्टी 0.30 फीसदी गिरकर 25,157.50 पर बंद हुआ, मानो बाजार ने साफ संकेत दे दिया हो कि बेचैनी अभी खत्म नहीं हुई है।

सेक्टरों में बिखरी कमजोरी, चौतरफा निराशा

बाजार की चाल ने लगभग हर सेक्टर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। बैंकिंग, फाइनेंशियल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार की रीढ़ कमजोर होती नजर आई। वहीं मेटल और एनर्जी शेयरों में मामूली मजबूती जरूर दिखी, लेकिन वह पूरे बाजार को संभालने के लिए नाकाफी रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट रही, जिसने यह साफ कर दिया कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं और हर स्तर पर सतर्कता हावी है।

वैश्विक डर और रुपये की कमजोरी ने तोड़ा भरोसा

बाजार की इस लगातार गिरावट के पीछे कई चिंताएं एक साथ खड़ी नजर आईं। वैश्विक व्यापार को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बना ली। अमेरिका के राष्ट्रपति के दावोस भाषण से पहले टैरिफ को लेकर दोबारा डर पैदा हुआ। इसी बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले नए निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। कमजोर नतीजों के मौसम और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा, जिससे पूरे सत्र में भरोसे की कमी साफ झलकती रही।

तकनीकी मोर्चे पर निफ्टी की अग्निपरीक्षा

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा के मुताबिक, तकनीकी नजरिए से देखा जाए तो निफ्टी एक बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ा है। इंडेक्स अपने लंबे समय के अहम स्तर, 200 डीईएमए यानी करीब 25,150 के आसपास बंद हुआ है। दिन के दौरान यह स्तर टूटने के कगार पर भी पहुंचा, जिसने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दीं। अगर कमजोरी और बढ़ती है तो 24,750 से 24,900 का दायरा अगला बड़ा सहारा बन सकता है। वहीं किसी भी उछाल पर 25,300 से 25,450 के बीच कड़ी चुनौती मिलने की आशंका है। ऐसे माहौल में विशेषज्ञ सावधानी बरतने और संतुलित रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

डालमिया भारत: मजबूती के संकेत, खरीदारी का मौका

LTP: ₹ 2,232.40| सलाह: Buy | टारगेट: ₹ 2,380| स्टॉप-लॉस: ₹ 2,160

उथल-पुथल भरे बाजार में डालमिया भारत एक मजबूत कहानी के साथ उभरता नजर आ रहा है। स्टॉक ने अपने पुराने कंसोलिडेशन से दमदार वापसी की है और अहम रेजिस्टेंस के ऊपर ब्रेकआउट दिया है। बढ़ते वॉल्यूम इस बात की गवाही दे रहे हैं कि खरीदार दोबारा सक्रिय हो चुके हैं। तकनीकी ढांचा इशारा कर रहा है कि यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। मौजूदा स्तरों पर यह शेयर निवेशकों को आकर्षक मौका देता दिख रहा है।

जिंदल स्टील: सुधार के बाद तेजी की उम्मीद

LTP: ₹ 1,045.80| सलाह: Buy | टारगेट: ₹ 1,100| स्टॉप-लॉस: ₹ 1,020

जिंदल स्टील में हालिया गिरावट के बाद अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। स्टॉक ने अहम सपोर्ट से उछाल लिया है और ट्रेंड लाइन के ऊपर टिकने की कोशिश कर रहा है। वॉल्यूम में बढ़ोतरी यह संकेत दे रही है कि निवेशक फिर से भरोसा जता रहे हैं। मौजूदा तकनीकी संकेतों को देखें तो आने वाले सत्रों में इसमें और मजबूती देखने को मिल सकती है।

एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस: कमजोरी का सिलसिला जारी

LTP: ₹ 506| सलाह: जनवरी फ्यूचर्स में बेचें| टारगेट: ₹ 478| स्टॉप-लॉस: ₹520

जहां कुछ शेयर मजबूती दिखा रहे हैं, वहीं एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस पर दबाव साफ नजर आ रहा है। स्टॉक लगातार निचले स्तर बनाता जा रहा है और अहम लॉन्गटर्म सपोर्ट के नीचे फिसल चुका है। भारी वॉल्यूम के साथ बनी कमजोर कैंडल यह इशारा कर रही है कि गिरावट अभी और गहरी हो सकती है। मौजूदा हालात में यह शेयर सावधानी का संकेत दे रहा है और आगे भी कमजोरी जारी रहने की आशंका है।

(डिस्क्लेमर: यह लेख रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा की राय पर आधारित है। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।)

First Published : January 22, 2026 | 8:10 AM IST