अर्थव्यवस्था

भारत की वित्तीय ताकत बढ़ी! RBI के आंकड़ों ने दिखाई बड़ी तस्वीर

आरबीआई के जनवरी बुलेटिन के मुताबिक मजबूत आर्थिक वृद्धि और गहरे संस्थागत संबंधों से वित्तीय गतिविधियों में तेजी, परिवार और फाइनैंशियल कॉरपोरेशन अधिशेष में

Published by
बीएस संवाददाता   
Last Updated- January 22, 2026 | 9:10 AM IST

वर्ष 2023-24 में भारत की वित्तीय संपत्तियां 13.9 प्रतिशत और देनदारियों 12.7 प्रतिशत बढ़ीं। यह मजबूत आर्थिक विकास, उच्च फाइनैंशियल इंटरमीडिएट और संस्थागत क्षेत्रों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के जनवरी बुलेटिन में दी गई है।

रिजर्व बैंक के कर्मियों के अध्ययन के अनुसार परिवारों ने जमा, बीमा और इक्विटी निवेश के माध्यम से अपनी संपत्ति का आधार बढ़ाया है। हालांकि फाइनैंशियल कॉरपोरेशनों ने संसाधनों को जुटाने और आवंटित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखा है। लोन व ऋण, ऋण प्रतिभूतियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और इसने घरेलू अर्थव्यवस्था के विकास के लिए धन मुहैया कराने में प्रमुख भूमिका की पुष्टि की है।

फाइनैंशियल कॉरपोरेशन और परिवार अधिशेष में होने के कारण अर्थव्यवस्था के बाकी हिस्सों को शुद्ध रूप से उधार देने वाले क्षेत्र बने रहे। अध्ययन के अनुसार सरकार के सामान्य राजकोषीय समेकन ने कॉरर्पोरेट फाइनैंशियल बैलेंस शीट में सुधार के साथ, स्वस्थ क्षेत्रीय शुद्ध स्थितियों और सकल घरेलू उत्पाद के 28.6 प्रतिशत तक शुद्ध फाइनैंशियल संपत्ति में समग्र वृद्धि में योगदान दिया। भारत का दुनिया के बाकी हिस्सों से वित्तीय लेन देन मजबूत हुआ।

First Published : January 22, 2026 | 9:10 AM IST