facebookmetapixel
Advertisement
स्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड का नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’Cabinet decisions: कोयले से गैस बनाएगी सरकार! ₹37,500 करोड़ की स्कीम से बदल सकती है देश की ऊर्जा तस्वीरहर महीने ₹30,000 करोड़ का नुकसान! आखिर कब तक पेट्रोल-डीजल के दाम रोक पाएगी सरकार?IT Sector Outlook: AI और क्लाउड से मिल रहा बड़ा काम, भारतीय IT कंपनियों के लिए बदल रही तस्वीरFuel Price Update: क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? RBI गवर्नर के बयान से बढ़ी चिंताबढ़िया ग्रोथ के बाद Max Financial पर बुलिश हुए ब्रोकरेज, दिए ₹1,980 तक के टारगेट

बैंक निफ्टी के डेरिवेटिव्स अनुबंधों का निपटान अब गुरुवार के बजाय शुक्रवार को होगा

Advertisement
Last Updated- June 06, 2023 | 10:58 PM IST
Stock Market Today

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बैंक निफ्टी डेरिवेटिव्स अनुबंधों का निपटान गुरुवार के बजाय शुक्रवार को किए जाने का निर्णय लिया है। यह बदलाव 7 जुलाई से प्रभावी होगा और बैंकिंग क्षेत्र के सूचकांक के साप्ताहिक एवं मासिक वायदा एवं विकल्प (एफऐंडओ) अनुबंधों के लिए लागू होगा। पहली शुक्रवार की एक्सपायरी 14 जुलाई, 2023 को होगी।

एनएसई का डेरिवेटिव सेगमेंट में दबदबा है। हालांकि बीएसई को भी घटे हुए अनुबंध आकारों और शुक्रवार की एक्सपायरी के साथ अपने सेंसेक्स तथा बैंकेक्स डेरिवेटिव अनुबंधों को पुन: पेश किए जाने के बाद अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हालांकि मंगलवार को बीएसई का शेयर 1.7 प्रतिशत गिरकर 567 रुपये पर बंद हुआ।

ऐक्सिस सिक्योरिटीज में टेक्नीकल ऐंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के एसवीपी राजेश पालविया ने कहा, ‘यह बदलाव लॉट आकार और विकल्प अनुबंधों के निपटान दिवस में बदलाव के लिए बीएसई के कदम की प्रतिक्रिया है। निवेशक के नजरिये से, ध्यान देने लायक एक मुख्य बिंदु कारोबार है, और एनएसई अभी भी बीएसई के मुकाबले बाजार भागीदारी के मामले में काफी बेहतर है। इसलिए उसका दबदबा बरकरार रहने की संभावना है।’

पिछली साप्ताहिक एक्सपायरी में, बीएसई ने अपने नए तरीके से पेश किए गए डेरिवेटिव अनुबंधों के लिए 69,422 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया, जिससे पूर्ववर्ती सप्ताह के मुकाबले करीब चार गुना की तेजी का पता चलता है। यह एनएसई द्वारा दर्ज कारोबार का अभी भी महज एक छोटा हिस्सा है। एनएसई के लिए यह आंकड़ा 250 लाख करोड़ रुपये के आसपास है।

स्वास्तिक इन्वेस्टमार्ट में शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘बैंक निफ्टी की एक्सपायरी का दिन शुक्रवार किए जाने के एनएसई के निर्णय को दो नजरियों से देखा जा सकता है।

पहला, बीएसई एफऐंडओ अनुबंध का निपटान पहले से ही शुक्रवार को होता है और एनएसई के मुकाबले कम शुल्कों की वजह से उसे कारोबारियों के बीच लोकप्रियता भी हासिल हुई है।

इस प्रतिस्पर्धी बढ़त का मुकाबला करने के लिए एनएसई ने एक्सपायरी दिन में बदलाव लाने की पेशकश की है। दूसरा, एनएसई द्वारा फिननिफ्टी के नए एक्सपायरी दिन के पिछले सफल प्रयोग से भी इस निर्णय को ताकत मिली है।

Advertisement
First Published - June 6, 2023 | 10:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement