अदाणी समूह की मूल कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज के निफ्टी-50 इंडेक्स में शामिल किए जाने के मामले पर बाजार की अलग-अलग राय है। कुछ को आशंका है कि निफ्टी में शामिल किए जानने के बाद एक्सचेंज ट्रेडेड फंड व इंडेक्स फंड शेयर खरीदने को बाध्य हो सकते हैं, जो 400 गुने से ज्यादा पीई पर ट्रेड कर रहा है। साथ ही उन्हें इस बात की भी चिंता है कि इंडेक्स में उसे तब शामिल किया जा रहा है जब इस शेयर में काफी बढ़ोतरी और काफी उम्मीदें पहले ही पूरी हो चुकी है।
दूसरी ओर, इस फैसले का समर्थन करने वालों का मानना है कि इस शेयर को निफ्टी में शामिल किया जाना उन्हें इसकी खरीदारी का मौका देगा, जो हाल को वर्षों में काफी पिछड़ा रहा है। कई लोगों ने अपनी राय व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।
गुरुवार को एनएसई की सूचकांक प्रदाता इकाई ने ऐलान किया था कि अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड निफ्टी-50 इंडेक्स में कोलकाता की श्री सीमेंट की जगह लेगी, जिसे 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा परिसंपत्ति वाले ईटीएफ ट्रैक करते हैं।
निफ्टी सूचकांकों में किसी शेयर को शामिल करना और बाहर निकालना पहले से तय पात्रता मानक पर आधारित होता है। सूचकाकों को समय-समय पर दोबारा संतुलित किया जाता है, जहां समीक्षा अवधि में शेयर कीमतों में बदलाव, तरलता, इंपेक्ट कॉस्ट व अन्य मानदंडों के आधार पर शेयरों को शामिल किया जाता है या बाहर निकाला जाता है।
अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर को उसकी कीमत में इस साल 100 फीसदी उछाल की पृष्ठभूमि में शामिल किया जा रहा है। शेयर कीमतों में तेजी से कंपनी ने निफ्टी में शामिल होने की दौड़ में शामिल अन्य को पीछे छोड़ दिया।
पैसिव फंड बेंचमार्क निफ्टी-50 को सबसे ज्यादा ट्रैक करते हैं। ऐसे में इस इंडेक्स में शामिल होने की चाह कंपनियों को रहती है। अदाणी एंटरप्राइजेज के निफ्टी में शामिल होने से उसमें 3,070 करोड़ रुपये से ज्यादा का पैसिव निवेश आएगा। ये आंकड़े हालांकि 3.83 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण वाली फर्म के लिए काफी छोटे लगते हैं। हालांकि विश्लेषकों ने कहा कि शेयर के औसत रोजाना वॉल्यूम को देखते हुए यह अहम है।
पेरिस्कोप एनालिटिक्स के विश्लेषक ब्रायन फ्रिएटस ने कहा, पैसिव ट्रैकर्स को अदाणी एंटरप्राइजेज के पांच दिन के औसत रोजाना वॉल्यूम के बराबर खरीदारी करनी होगी और श्री सीमेंट के 13 दिन के औसत रोजाना वॉल्यूम के बराबर बिकवाली करनी होगी। इसके अलावा पैसिव ट्रैकर्स को आगे अदाणी एंटरप्राइजेज के 28 दिन के डिलिवरी वॉल्यूम की खरीदारी करनी होगी और श्री सीमेंट के 36 दिन के डिलिवरी वॉल्यूम की बिकवाली करनी होगी।
सामान्य तौर पर ईटीएफ की तरफ से रोजाना आधार पर अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों की खरीद डिलिवरी वॉल्यूम से ज्यादा करनी होगी। इसकी आंशिक वजह यह है कि अदाणी एंटरप्राइजेज की ज्यादातर सार्वजनिक शेयरधारिता लंबी अवधि के निवेशकों के पास है, जो अपनी होल्डिंग नहीं बदलना चाहेंगे। फ्रिएटस ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइजेज में रियल फ्लोट काफी कम होगा। जून के आंकड़े बताते हैं कि अदाणी एंटरप्राइजेज में सार्वजनिक शेयरधारिता 27.72 फीसदी थी। ये शेयरधारक क्रियान्वयन की तारीख या उसके आसपास शायद ही बिकवाली करना चाहेंगे। अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर शुक्रवार को 3.8 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 3,357 रुपये पर बंद हुआ जबकि श्री सीमेंट का शेयर 2.4 फीसदी गिरकर 21,084 रुपये पर टिका।