सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार मानव पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के खिलाफ देशव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अभियान के तहत टीकाकरण स्वैच्छिक होगा और 14 वर्ष की लड़कियों को मुफ्त प्रदान किया जाएगा। वर्तमान में यह टीका केवल निजी अस्पतालों में उपलब्ध है और इसकी कीमत प्रति खुराक 4,000 रुपये तक है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब देश में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर बना हुआ है, जिसमें हर साल लगभग 80,000 नए मामले सामने आ रहे हैं और इससे 42,000 से अधिक मौतें दर्ज होती हैं। सरकार ने 2024 में पहली बार घोषणा की थी कि वह एचपीवी टीके को देश के टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही भारत उन 160 से अधिक देशों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने पहले ही एचपीवी टीकाकरण शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस अभियान में गार्डासिल शामिल होगा, जिसका निर्माण एमएसडी द्वारा किया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी टीका एचपीवी टाइप 16 और 18 से सुरक्षा देता है, जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं। इसके साथ ही यह टाइप 6 और 11 से भी बचाव करता है।’ राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह पहले ही इस टीके को शामिल करने की सिफारिश कर चुका है। यह भारत की सर्वोच्च टीकाकरण संस्था है। औषधि नियामक द्वारा स्वीकृत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले गार्डासिल टीके वैक्सीन एलायंस गावी के साथ भारत की साझेदारी में राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
टीकाकरण आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला और जिला अस्पतालों तथा सरकारी मेडिकल कॉलेजों जैसे निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ही आयोजित किया जाएगा।