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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2027 में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) स्कीम के तहत 3 करोड़ लोगों के हॉस्पिटल में भर्ती होने का लक्ष्य रखा है और इस साल क्लेम के भुगतान के लिए 36,000 करोड़ रुपये का दावों के निपटान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पिछले वित्त वर्ष में क्लेम भुगतान के लिए रखे गए 22,000 करोड़ रुपये से करीब 63 प्रतिशत अधिक है।
बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा देखे गए बजट दस्तावेजों के अनुसार, विस्तार योजनाओं में इस स्कीम के तहत 1,800 नए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को शामिल करना शामिल है, जिससे अभी शामिल अस्पतालों की संख्या में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। अभी पीएमजेएवाई के तहत 33,000 से ज्यादा अस्पताल शामिल हैं, जिनमें से 17,505 सरकारी संस्थान हैं जबकि लगभग 15,600 निजी स्वास्थ्य सेवा केंद्र हैं। वित्त वर्ष 2027 के बजट अनुमानों में पीएमजेएवाई के लिए 9,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो वित्त वर्ष 2026 के अनुमान 9,406 करोड़ रुपये के मुकाबले 0.9 प्रतिशत अधिक है।
वर्ष 2018 में शुरू की गई एबी-पीएमजेएवाई योजना का मकसद लगभग 55 करोड़ लोगों यानी 12.34 करोड़ परिवारों को सेकेंडरी और टेरिटरी केयर हॉस्पिटलाइजेशन के लिए हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर देना है। परिवारों को कवर किया जाएगा या नहीं, यह ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए क्रमशः सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 के अभाव और पेशे के मानकों पर निर्भर करता है। पीएमजेएवाई डैशबोर्ड पर उपलब्ध डेटा के अनुसार, अभी तक 43.1 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।